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छावनी को अवैध ऊंची इमारतों से खतरा

Meerut

Updated Fri, 21 Dec 2012 05:31 AM IST
मेरठ। छावनी क्षेत्र में बीते दो दशक में अवैध तरीके से बनी इमारतें सैन्य छावनी के लिए खतरा बन चुकी हैं। इसे लेकर गंभीर सब एरिया कमांडर ने जिला प्रशासन को पत्र लिखकर फोर्स की मांग की है। छावनी के आंकड़ों पर गौर करें तो यहां लैंड यूज में बदलाव किए बिना बड़े पैमाने पर व्यवसायिक भवनों का अवैध निर्माण किया गया है।
आबूलेन, सदर बाजार, लालकुर्ती और अन्य सिविल क्षेत्रों में कुल 4800 भवन हैं। इसमें रिकॉर्ड के तहत 70 प्रतिशत भवन आवासीय और 30 प्रतिशत व्यवसायिक हैं, लेकिन वास्तविक स्थिति इससे उलट है। अब 70 प्रतिशत भवनोें में अवैध तरीके से निर्माण कर व्यवसायिक गतिविधियां चल रहीं हैं। छावनी एक्ट 2006 के अनुसार छावनी क्षेत्र में 32 फीट से ऊंची और तीन मंजिल से अधिक इमारत का निर्माण नहीं हो सकता। बावजूद इसके छावनी बोर्ड की शह से आबूलेन, गंज बाजार, सोतीगंज, सदर में एक दर्जन से अधिक ऐसी इमारतें हैं। इनका निर्माण कैंट एक्ट के मानकों के विपरीत किया गया है। इससे छावनी की सुरक्षा को खतरा मंडरा रहा है।
छावनी इंटेलिजेंस की रिपोर्ट और आगरा समेत कई अन्य छावनी में शुरू हुई कार्रवाई के बाद पश्चिमी यूपी सब एरिया कमांडर जीओसी मेजर जनरल वीके यादव ने कमिश्नर मृत्युंजय कुमार नारायण और जिलाधिकारी विकास गोठलवाल को पत्र लिखकर फोर्स की मांग की।
पूर्व सीईओ ने भेजा था 244 का नोटिस
शहर की सबसे पॉश मार्के ट में शुमार आबूलेन में दर्जनों भवनों में दुकानें, होटल, रेस्टोरेंट चल रहे हैं, जबकि आबू प्लाजा समेत कुछ क्षेत्र को छोड़कर सभी भवन आवासीय में शामिल हैं। जिन्हें अवैध तरीके से व्यवसायिक रूप से इस्तेमाल किया जा रहा है। तत्लाकलीन सीईओ और वर्तमान में जालंधर डीईओ केसी गुप्ता ने इसके खिलाफ कैंट एक्ट 244 के तहत कब्जेदारों को नोटिस जारी किया। अब सभी मामले जिला अदालत में लंबित हैं।

किसी भवन का नहीं हुआ लैंड यूज चेंज
आबूलेन, सदर समेत सिविल क्षेत्र में आवासीय भवनों में दो दशक में बोर्ड के आला अधिकारियों और इंजीनियर सेक्शन की मदद से भूमाफिया ने दर्जनों भव्य दुकानें और शोरूम का निर्माण किया। अब तक किसी भवन का लैंड यूज में बोर्ड द्वारा परिवर्तन नहीं किया गया।

कैंट बोर्ड नहीं दी कोई रिपोर्ट
सब एरिया मुख्यालय के अनुसार छावनी बोर्ड मानक से अधिक ऊंचाई की बनी इमारतों के संबंध में कभी कोई रिपोर्ट नहीं दी।

मानकों के विपरीत बनी छावनी की कई इमारतें कैंट की सुरक्षा के लिए खतरा हैं। इसका सर्वे कराया जा रहा है और जिला प्रशासन से कार्रवाई र्यवाही के लिए फोर्स मांगी गई है।
वीके यादव, मेजर जनरल, पश्चिम यूपी सब एरिया कमांडर
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