आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

सवालों की बौछार से ‘भीगे’ अधिकारी

Meerut

Updated Sat, 15 Dec 2012 05:30 AM IST
मेरठ। नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक शुक्रवार को मजाक बनकर रह गई। कार्यकारिणी सदस्यों ने संशोधित बजट पटल पर रखे जाते ही सवालों की ऐसी बौछार की कि अपर नगर आयुक्त से लेकर उप नगर आयुक्त, संबंधित पटल प्रभारी सभी निरुत्तर हो गए। सदन में हंसी के ठहाके गूंजते रहे। हर सवाल पर अधिकारियों को निरुत्तर देख महापौर ने सर्वसम्मति से 17 दिसंबर को फिर से कार्यकारिणी बैठक बुलाई है।
शुक्रवार सुबह 11 बजे से प्रस्तावित कार्यकारिणी बैठक महापौर एवं आलाधिकारियों के देरी से आने के चलते 11:27 बजे शुरू हुई। मुख्य नगर लेखा परीक्षक सच्चिदानंद त्रिपाठी ने टाउन हाल के तिलक हाल में संशोधित बजट में प्रयोग किए गए आंकड़ों को आधारहीन बताया। कार्यकारिणी सदस्य विजय आनंद अग्रवाल ने तीखे अंदाज में चर्चा की कमान संभाल ली। एक के बाद एक सवाल दागते गए। उनके किसी भी प्रश्न का सदन में मौजूद अधिकारी से लेकर संबंधित पटल प्रभारी ठीक से जवाब नहीं दे पाए। उन्होंने दावा किया कि बजट के आंकड़े अपूर्ण और आधारहीन हैं। पूछा कि आय मद के अनेक साधनों में खासा इजाफा दर्शाया गया है। आखिर भौतिक स्थिति में बदलाव आए बगैर यह इजाफा कैसे होगा? इस पर सभी अधिकारी बगले झांकने लगे।
वित्त नियंत्रक मईनुद्दीन ने कहा कि बजट की हर बात हर व्यक्ति नहीं समझ सकता। कार्यकारिणी उपाध्यक्ष पंकज कतीरा ने सवाल पूछा कि आखिर रिकवरी क्यों नहीं हो पा रही है? पार्षद संजीव पुंडीर ने पूछा कि विकास कार्य बोर्ड फंड से क्यों नहीं कराए जा सकते? उन्होंने कहा कि मौजूदा वित्तीय वर्ष के शुरुआती छह माह में मात्र 10.23 करोड़ की वसूली दिखाई गई है। ऐसे में नगर निगम कैसे चल पाएगा? पंकज कतीरा ने रोड कटिंग लक्ष्य को एक से बढ़ाकर दो करोड़ किए जाने की मांग की। लाइसेंस शुल्क और विज्ञापन मद में आय मसले पर अधिकारियों की खूब किरकिरी हुई। विजय आनंद अग्रवाल और पंकज कतीरा ने पूछा कि मौजूदा वित्तीय वर्ष में विज्ञापन मद में हासिल किए गए 92 लाख रुपये शुल्क हैं अथवा क्षतिपूर्ति? इस सवाल पर अपर नगर आयुक्त से लेकर उप नगर आयुक्त संबंधित पटल प्रभारी सभी खामोश हो गए। लाइसेंस शुल्क के मसले पर भी कुछ ऐसा ही हुआ।

इन सवालों पर अधिकारी शांत
बजट के आंकड़ों का आधार क्या है?
आय और व्यय मद के स्रोत में उचित तालमेल का अभाव
किस आधार पर किराया मद से होने वाली आय को 354 प्रतिशत बढ़ाकर करीब 17 करोड़ दर्शाया गया?
हाउस टैक्स लक्ष्य को करीब साढ़े 30 करोड़ किस आधार पर रखा गया? इसकी वसूली कैसे होगी?
कितने मकानों के इजाफा होने के बाद यह लक्ष्य तय किया गया?
भंडार वस्तु क्रय विभाग क्रय नीति का उल्लेख क्यों नहीं? इस मद में पैसा क्यों नहीं रखा गया?
लाइसेंसिंग नर्सिंग होम, पशु कर, वाहन ठेले समेत अन्य मदों से आय लक्ष्य किस आधार पर तय किया गया?
बजट केवल गृहकर और सरकारी अनुदान पर निर्भर रहते हुए क्यों बना है?
सरकारी अनुदान मूल बजट में 120 करोड़ दर्शाया गया। संशोधित बजट में इसे 80 करोड़ दर्शाया गया। 40 करोड़ का अंतर कैसे आया?
मौजूदा वित्तीय वर्ष में विज्ञापन मद से हुई 92 लाख रुपये की आय शुल्क है अथवा क्षतिपूर्ति?
मिनट्स ने करा दी किरकिरी
मेरठ। विज्ञापन नियमावली के मसले पर विजय आनंद अग्रवाल और पंकज कतीरा के तीखे सवालों से एकबारगी सभी अधिकारी बैकफुट पर आ गए। किसी के पास कोई जवाब नहीं था लेकिन उप नगर आयुक्त वीरेंद्र शुक्ला ने 8 अगस्त को हुई बोर्ड बैठक के मिनट्स का कानूनी अर्थ बताकर कार्यकारिणी सदस्यों और महापौर हरिकांत अहलूवालिया को बैकफुट पर ला दिया। इसके बाद कुछ देर के लिए तिलक हाल में सन्नाटा छा गया। बाद में महापौर और कार्यकारिणी उपाध्यक्ष पंकज कतीरा ने अधिकारियों पर अर्थ का अनर्थ करने का आरोप लगाया।
डायस पर क्यों बैठे हैं?
कार्यकारिणी बैठक के दौरान महापौर हरिकांत अहलूवालिया, अपर नगर आयुक्त आरआर सिंह और वित्त नियंत्रक मईनुद्दीन डायस पर बैठे थे। कार्यकारिणी सदस्य विजय आनंद अग्रवाल ने वित्त नियंत्रक से कहा कि आपको डायस पर बैठने का अधिकार नहीं है। किस आधार से वहां बैठे हैं?
मैं तो लिपिक हूं ...
विज्ञापन मद में हुई आय शुल्क अथवा क्षतिपूर्ति के सवाल पर प्रभारी नरेश सिवालिया ठोस जवाब नहीं दे पाए। प्रभारी के बैकफुट पर आते ही तिलक हाल में ठहाके गूंजने लगे। इस सवाल का जवाब देने के लिए बुलाया गया एक अन्य कर्मचारी भी अपने ही जवाब में उलझ गया। पंकज कतीरा द्वारा कार्रवाई की चेतावनी मिलने पर उसने कहा कि मैं तो लिपिक हूं, मेरा इससे कोई लेना-देना नहीं है। इस पर फिर ठहाके लगने लगे।
न जानकारी न हाथ में पत्रावली
कार्यकारिणी बैठक में अधिकारियों के पास न तो बजट से संबंधित जरूरी पत्रावलियां थीं और न ही जानकारी। अपर नगर आयुक्त द्वारा लाइसेंस शुल्क से संबंधित पत्रावली मंगाने के बाद भी नहीं आ सकी।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

इंस्टाग्राम की नई क्वीन बनीं कैटरीना, एक दिन में हुए इतने फॉलोअर्स

  • शनिवार, 29 अप्रैल 2017
  • +

अधूरी रह गई विनोद खन्ना की आखिरी ख्वाहिश...

  • शनिवार, 29 अप्रैल 2017
  • +

बाहुबली ने बॉक्स ऑफिस में रचा इतिहास, खान तिकड़ी के ये रहे कमाई के रिकॉर्ड?

  • शनिवार, 29 अप्रैल 2017
  • +

इस मंदिर में पुरुषों का प्रवेश है निषेध, जानें कैसे कर पाते हैं पूजा

  • शनिवार, 29 अप्रैल 2017
  • +

अपडेटेड रेंज रोवर अगले साल तक होगी लॉन्च

  • शनिवार, 29 अप्रैल 2017
  • +

Most Read

अब SP की फ्रायरब्रांड प्रवक्ता ने दिया इस्तीफा

pankhuri pathak resign from samajwadi party
  • शनिवार, 29 अप्रैल 2017
  • +

योगी सरकार का एक और सख्त फैसला, नोट‌िस बोर्ड पर लगेगी टीचर्स की फोटो

government officers pic will be placed on   noticeboard to ensure attenence
  • शनिवार, 29 अप्रैल 2017
  • +

अखिलेश के बर्ताव से शहीद के परिजन नाराज, सपा समर्थकों की नारेबाजी से आक्रोश

akhilesh behavior displeases family of martyr
  • शनिवार, 29 अप्रैल 2017
  • +

शहीद कैप्टन के घर पहुंचे अख‌िलेश, बोले- 'अपनी ताकत का एहसास कराए सरकार'

martyr captain's body will come today
  • शनिवार, 29 अप्रैल 2017
  • +

अंकल पेंट मत करना, पापा दरोगा हैं, इसके बाद सीओ ने क्या किया

Do not paint uncle, Papa is Daroga, what did the CO do after this
  • गुरुवार, 27 अप्रैल 2017
  • +

'हवस मिटाने के लिए बीवियां बदलना सही नहीं'

up cabinet minister swami prasad maurya says muslim change wife to eradicate their lust
  • शनिवार, 29 अप्रैल 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top