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ढील बरतने का नतीजा शिया-सुन्नी टकराव

Meerut

Updated Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
मेरठ। अब्दुल्लापुर गांव में शिया और सुन्नी के बीच हुए टकराव को लेकर पुलिस पर ढील बरतने का आरोप लगा है।
शुक्रवार रात अब्दुल्लापुर में मोहर्रम का जुलूस निकाला जाना था। शिया पक्ष के एडवोकेट नायब अली ने बताया कि ताशे बजाते समय चार पुलिसवाले साथ रहते थे, लेकिन शुक्रवार को पुलिस मौजूद नहीं थी। आरोप लगाया कि जब आबिद अब्बास के मकान पर हमला बोला गया, तब भी पुलिस वहां की बजाय शिया पक्ष के मोहल्ले में घूमती रही। एसओ भावनपुर पर आरोप लगाया कि घटना के बाद शिया पक्ष के मोहल्ले में ही रहे। एसपी क्राइम सुधीर कुमार का कहना है कि आरोप गलत हैं, एसओ भावनपुर और पुलिस मौके पर रही। मारपीट करने वालों को पुलिस ने खदेड़ा।
पत्थरों से पट गई सड़क
गांव में इस कदर पथराव किया गया कि सड़क पर पत्थर ही पत्थर नजर आ रहे थे। लोगों में खौफ साफ दिखाई दे रहा था। मकानों के दरवाजे बंद हो गए। मौके पर .32, 315 और 38 बोर कारतूसों के खोके पड़े मिले।
संगीनों के साये में मजलिस
मजलिसें संगीनों के साये में हुईं। इमाम बारगाह के पास पुलिस बल तैनात रहा। गलियों में पुलिस तैनात हो गई। इससे पहले जब गुप्ता चौक के निकट मजलिस वाले स्थान पर टकराव हुआ, तब मारपीट और पथराव के बावजूद महिलाओं की मजलिस चलती रही।
नहीं लिया सबक
अब्दुल्लापुर में पहले भी मोहर्रम के दौरान शिया-सुन्नी पक्ष में टकराव होता रहा है। पिछले वर्ष भी टकराव हुआ था। खुफिया विभाग ने इसके बारे में अफसरों को रिपोर्ट भेजी थी। बावजूद इसके पुलिस टकराव को नहीं टाल पाई। एहतियातन आरएएफ के जवान और पीएसी तैनात किए गए, लेकिन सही प्लानिंग नहीं की।
आरोप प्रत्यारोप
- शिया पक्ष के हसन मेहंदी, सरफराज अली, रजा अहमद, नफीस आलम और एडवोकेट नायब अली का आरोप है कि सुन्नी पक्ष के लोगों ने महिलाओं की मजलिस वाले स्थान पर हमला किया।
- सुन्नी पक्ष के पूर्व पार्षद नदीम, हाजी यासीन, इस्लामुद्दीन, कासिम, सलाउद्दीन का आरोप है कि शिया पक्ष के लोगों ने एक राय होकर उनके घरों पर हमला बोला।
जब पुलिस को करनी पड़ी हवाई फायरिंग
मेरठ। अब्दुल्लापुर गांव में शिया और सुन्नी पक्ष में टकराव से हालात इतने बेकाबू हो गए थे कि पुलिस को भी एक मकान की छत पर चढ़कर हवाई फायरिंग करनी पड़ गई। पुलिस चिल्लाती रही, मगर पथराव और फायरिंग करने वाले बाज नहीं आए। अंत में जब हमलावर शांत नहीं हुए, तो मजबूरन पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों की इस दमदारी को सराहा।
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