आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

‘बेंच के अलावा जो चाहो मांग लो’

Meerut

Updated Sun, 11 Nov 2012 12:00 PM IST
मेरठ। हाईकोर्ट बेंच की मांग के लिए केंद्रीय संघर्ष समिति के चेयरमैन अशोक कुमार शर्मा की अगुवाई में अधिवक्ताओं का 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिला। इस दौरान मुख्यमंत्री और अधिवक्ताओं के बीच सवाल-जवाब की झड़ी लग गई। कुछ इस तरह हुआ सवाल-जवाब ...
अधिवक्ता - मुख्यमंत्री जी, हाईकोर्ट बेंच काफी दूर, इसलिए पश्चिमी उप्र में बेंच की सख्त जरूरत है।
मुख्यमंत्री - देहरादून से नैनीताल कितनी दूर है और आने जाने में कितना समय लगता है, मालूम है?
अधिवक्ता - इसका मतलब यह हुआ कि पड़ोसी अगर परेशान है तो हम भी परेशान हों?
मुख्यमंत्री - नहीं, हम आपको हकीकत दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।
अधिवक्ता - हाईकोर्ट बेंच की सख्त जरूरत है। नहीं तो जस्टिस टू डोर का सरकार का सपना कैसे पूरा होगा?
मुख्यमंत्री - बेंच के अलावा जो चाहो मांग लो, सरकार पूरा करने का भरसक प्रयास करेगी।
अधिवक्ता - नहीं साहब, आज तो हम सिर्फ बेंच की ही मांग करने आए हैं।
मुख्यमंत्री - आप सभी बुद्धिजीवी यह भलीभांति जानते हैं कि बेंच देना हमारे हाथ में नहीं है। वह सिर्फ केंद्र सरकार ही दे सकती है। आपको क्या मालूम कि केंद्र में बैठी कांग्रेस सरकार कैसी है। हम कुछ नहीं कर सकते। कई बार राज्य सरकार प्रस्ताव भेज चुकी है।
अधिवक्ता - केंद्र सरकार कहती है कि वे पुराने प्रस्ताव हैं। नया प्रस्ताव राज्य सरकार से भिजवाओ।
मुख्यमंत्री - फिर आगरा वाले कहेंगे कि हमें भी बेंच चाहिए।
अधिवक्ता - अरे, हमने कब कहा है कि बेंच मेरठ में ही होनी चाहिए, आप आगरा में ही बनवा दो।
आखिर में मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि वे इस मुद्दे को भी देखेंगे।

प्रतिनिधिमंडल में ये रहे मौजूद
मेरठ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक कुमार शर्मा व महामंत्री सुधीर पंवार, जिला बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अशोक कौशिक, संयुक्त मंत्री दीपक यादव, वीरेंद्र सिंह सिरोही के साथ ही गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, बागपत, हापुड़ बार एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष सुधीर त्यागी।

अधिवक्ताओं ने क्या क्या मॉग रखी मुख्यमंत्री के सामने
अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के समाने पेंशन, आवास, पीएफ, चैंबर्स, बिजली आदि मुद्दों को उठाया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने सूबे के मुखिया को चुनावी एजेंडे की भी याद दिलाई। अधिवक्ताओं ने कहा कुछ वर्ष पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने मेरठ बार को पैसा दिए जाने की बात कही थी, वह भी नहीं दी गई। बागपत बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने अधिवक्ता चैंबर के लिए सात करोड़ रुपये की माग की, जिस पर मुख्यमंत्री ने विचार करने का आश्वासन दिया।

पुलिस सुरक्षा में ले जाया गया अधिवक्ताओं को
अधिवक्ताओं को पुलिस सुरक्षा में मुख्यमंत्री तक ले जाया गया। प्रशासन ने इसके लिए बस का इंतजाम किया। अधिवक्ताओं को बस से कचहरी से हवाई पट्टी के गेस्ट हाउस ले जाया गया। बस की अगुवाई सीओ सिविल लाइन और एसीएम ने की। अपराह्न तीन बजे मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात कराई गई। इस दौरान राज्य मंत्री शाहिद मंजूर, जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह, सपा युवा नेता अतुल प्रधान भी मौजूद रहे।

जिला बार एसोसिएशन को लखनऊ बुलाया
मेरठ। हाईकोर्ट बेंच स्थापना की मांग को लेकर जिला बार एसोसिएशन मेरठ के शिष्टमंडल ने भी शनिवार को हवाई पट्टी पर मुख्यमंत्री से मुलाकात की। एसोसिएशन के महामंत्री रामकुमार शर्मा एडवोकेट ने बताया कि शिष्टमंडल ने मुख्यमंत्री को हाईकोर्ट बेंच की जरूरत और इसकी लंबे समय से चली आ रही मांग के बारे में बताया और 7 सूत्रीय मांगपत्र भी सौंपा। मुख्यमंत्री ने दीवाली बाद लखनऊ आकर मिलने का निमंत्रण दिया है। शिष्टमंडल में एडवोकेट डा. ओपी शर्मा, राजीव त्यागी, वीके शर्मा, भंवर सिंह पुंडीर, धीरेंद्र तोमर, आदि मौजूद रहे।

अधिवक्ताओं का 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिला
मेरठ। हाईकोर्ट बेंच की मांग के लिए केंद्रीय संघर्ष समिति के चेयरमैन अशोक कुमार शर्मा की अगुवाई में अधिवक्ताओं का 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिला। इस दौरान मुख्यमंत्री और अधिवक्ताओं के बीच सवाल-जवाब की झड़ी लग गई। कुछ इस तरह हुआ सवाल-जवाब ...
अधिवक्ता - मुख्यमंत्री जी हाईकोर्ट बेंच काफी दूर हैं और आने जाने में काफी समय लगाता है, इसलिए पश्चिमी उप्र को बेंच की सख्त जरूरत है।
मुख्यमंत्री - देहरादून से नैनीताल कितनी दूर है और आने जाने में कितना समय लगता है, मालूम है?
अधिवक्ता - इसका मतलब यह हुआ कि पड़ोसी अगर परेशान है तो हम भी परेशान हों?
मुख्यमंत्री - नहीं, हम आपको हकीकत दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।
अधिवक्ता - हाईकोर्ट बेंच की सख्त जरूरत है। नहीं तो जस्टिस टू डोर का सरकार का सपना कैसे पूरा होगा?
मुख्यमंत्री - बेंच के अलावा जो चाहो मांग लो, सरकार पूरा करने का भरसक प्रयास करेगी।
अधिवक्ता - नहीं साहब, आज तो हम सिर्फ बेंच की ही मांग करने आए हैं।
मुख्यमंत्री - आप सभी बुद्धिजीवी यह भलीभांति जानते हैं कि बेंच देना हमारे हाथ में नहीं है। वह सिर्फ केंद्र सरकार ही दे सकती है।
अधिवक्ता - केंद्र सरकार भी तो आपके सहारे खड़ी है। यदि आप बैसाखी हटा देंगे तो केंद्र सरकार ही गिर जाएगी।
मुख्यमंत्री - तो आप यह चाहते हैं कि हम केंद्र सरकार से लड़ाई लडे़ं?
अधिवक्ता - यदि यह मांग जनता के हक की लड़ाई है तो आपको लड़नी चाहिए।
मुख्यमंत्री - अरे, आपको क्या मालूम कि केंद्र में बैठी कांग्रेस सरकार कैसी है। हम कुछ नहीं कर सकते।
अधिवक्ता - हमें नहीं मालूम, आप तुरंत सत्र बुलाकर केंद्र को प्रस्ताव भेजें और वहां भी उसे पूरा कराएं।
मुख्यमंत्री - अब से पहले भी तो कई बार राज्य सरकार प्रस्ताव भेज चुकी है, पर किसी पर काम नहीं हुआ।
अधिवक्ता - केंद्र सरकार कहती है कि वे पुराने प्रस्ताव हैं। नया प्रस्ताव राज्य सरकार से भिजवाओ।
मुख्यमंत्री - फिर आगरा वाले कहेंगे कि हमें भी बेंच चाहिए।
अधिवक्ता - अरे, हमने कब कहा है कि बेंच मेरठ में ही होनी चाहिए, आप आगरा में ही बनवा दो।
जब मुख्यमंत्री अपने ही सवालों में घिरने लगे तो उन्हाेंने अधिवक्ताओं के सामने सवाल दाग दिया कि चलो बताओ गन्ने का रेट क्या होना चाहिए। इस पर सभी अधिवक्ता बोले साहब, आज तो बेंच पर निर्णय हो ही जाए। इस पर मुख्यमंत्री को वापस बेंच के मुद्दे पर आना पड़ा। उन्होंने कहा ठीक है हम इस मुद्दे को भी देखेंगे।

प्रतिनिधिमंडल में ये रहे मौजूद
केन्द्रीय संघर्ष समिति पश्चिमी उप्र के चेयरमैन और मेरठ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक कुमार शर्मा, संयोजक और मेरठ बार एसोसिएशन के महामंत्री सुधीर पंवार, जिला बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अशोक कौशिक, संयुक्त मंत्री दीपक यादव, मेरठ बार एसोसिएशन के सदस्य वीरेंद्र सिंह सिरोही, गाजियाबाद बार एसोसिएशन के महामंत्री गिरिराज सिंह, गौतमबुद्धनगर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विपिन भाटी, बुलंदशहर बार एसोसिएशन के महामंत्री दिनेश सिंह, सहारनपुर बार एसोसिएशन के महामंत्री आशुतोष गुप्ता, मुजफ्फरनगर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश्वर त्यागी व महामंत्री सुरेंद्र मलिक, मुजफ्फरनगर सिविल बार एसोसिएशन के महामंत्री सुगंध जैन, मुरादाबाद एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम सिंह, बागपत बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय पाल सिंह तोमर व महामंत्री योगेंद्र शर्मा, हापुड़ बार एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष सुधीर त्यागी।

अधिवक्ताओं ने क्या क्या मॉग रखी मुख्यमंत्री के सामने
अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के समाने पेंशन, आवास, पीएफ, चैंबर्स, बिजली आदि मुद्दों को उठाया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने सूबे के मुखिया को चुनावी एजेंडे की भी याद दिलाई। अधिवक्ताओं ने कहा कुछ वर्ष पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने मेरठ बार को पैसा दिए जाने की बात कही थी, वह भी नहीं दी गई। बागपत बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने अधिवक्ता चैंबर के लिए सात करोड़ रुपये की माग की, जिस पर मुख्यमंत्री ने विचार करने का आश्वासन दिया।

पुलिस सुरक्षा में ले जाया गया अधिवक्ताओं को
अधिवक्ताओं को पुलिस सुरक्षा में मुख्यमंत्री तक ले जाया गया। प्रशासन ने इसके लिए बस का इंतजाम किया। अधिवक्ताओं को बस से कचहरी से हवाई पट्टी के गेस्ट हाउस ले जाया गया। बस की अगुवाई सीओ सिविल लाइन और एसीएम ने की। अपराह्न तीन बजे मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात कराई गई। इस दौरान राज्य मंत्री शाहिद मंजूर, जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह, सपा युवा नेता अतुल प्रधान भी मौजूद रहे।

जिला बार एसोसिएशन को लखनऊ बुलाया
मेरठ। हाईकोर्ट बेंच स्थापना की मांग को लेकर जिला बार एसोसिएशन मेरठ के शिष्टमंडल ने भी शनिवार को हवाई पट्टी पर मुख्यमंत्री से मुलाकात की। एसोसिएशन के महामंत्री रामकुमार शर्मा एडवोकेट ने बताया कि शिष्टमंडल ने मुख्यमंत्री को हाईकोर्ट बेंच की जरूरत और इसकी लंबे समय से चली आ रही मांग के बारे में बताया और 7 सूत्रीय मांगपत्र भी सौंपा। मुख्यमंत्री ने दीवाली बाद लखनऊ आकर मिलने का निमंत्रण दिया है। शिष्टमंडल में एडवोकेट डा. ओपी शर्मा, राजीव त्यागी, वीके शर्मा, भंवर सिंह पुंडीर, धीरेंद्र तोमर, आदि मौजूद रहे।
  • कैसा लगा
Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

महिला ने रेलवे स्टेशन से कर ली शादी, जानिए ये दिलचस्प लव स्टोरी

  • बुधवार, 20 सितंबर 2017
  • +

महेश भट्ट की खोज थी 'आशिकी' की अनु, आज इनको देख आ जाएगा रोना

  • बुधवार, 20 सितंबर 2017
  • +

मरे हुए लोगों को अंतरिक्ष में भेजेगी यह कंपनी, ऐसे होगा अजीबो-गरीब अंतिम संस्कार

  • बुधवार, 20 सितंबर 2017
  • +

टीवी की 'नागिन' ने कुछ ऐसा बदला अपना रूप, आज उनके style का हर कोई है दीवाना

  • बुधवार, 20 सितंबर 2017
  • +

फिर डेरे में 'राम रहीम' को वापस लेकर आएंगी राखी सावंत, बस इस बात का है डर

  • बुधवार, 20 सितंबर 2017
  • +

Most Read

नवरात्र में टूट सकती है सपा, मुलायम-शिवपाल बनाएंगे नई पार्टी, ये हो सकता है नाम

samajwadi party will be divided mulayam and shivpal announce new party
  • बुधवार, 20 सितंबर 2017
  • +

पंजाबः अजनाला में घुसपैठ की कोशिश नाकाम, BSF ने मार गिराए दो पाकिस्तानी

two Pakistani intruder shot dead by BSF trying to infiltrate near ajnala sector
  • बुधवार, 20 सितंबर 2017
  • +

सीएम योगी ने पेश किया छह माह का लेखा जोखा, पुलिस, युवाओं और किसानों पर दिया जोर

cm yogi presented six moth up government report card
  • मंगलवार, 19 सितंबर 2017
  • +

सीएम योगी का जवाब, किसानों की हंसी उड़ा रहे अखिलेश खुद बनेंगे हंसी के पात्र

Cm yogi reply to Akhilesh tweet on loan issue
  • मंगलवार, 19 सितंबर 2017
  • +

निकाहनामा के समय दूल्हे ने नहीं हटाया सेहरा, दुल्हन ने किया शादी से इनकार

Bride refused marriage in kannauj
  • मंगलवार, 19 सितंबर 2017
  • +

जम्मू-कश्मीर के डीजीपी ने ली चुटकी, 'सुना है लश्कर में कमांडर की वैकेंसी है'

DGP sp vaid said, the commander's vacancy available in Lashkar-e-Taiba Srinagar
  • मंगलवार, 19 सितंबर 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!