आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

यकीन नहीं होता ये है जिला अस्पताल!

Meerut

Updated Thu, 30 Aug 2012 12:00 PM IST
मेरठ। वार्ड में छतों से टपकता पानी और बच्चा वार्ड में करंट। शहरवासियों को उच्च स्तर की स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के जिम्मेदार जिला अस्पताल का कोई पुरसाहाल नहीं है। संक्रामक रोगों के सीजन में अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों का टोटा है। नव निर्मित बर्न वार्ड कुछ समय संचालित होने के बाद ही बंद हो गया है।
छतों से टपक रहा पानी
पुरुष सर्जिकल वार्ड में आपरेशन के बाद मरीजों को भर्ती किया जाता है। इनफैक्शन नहीं हो, इसके लिए ऐसे मरीजों को विशेष देखरेख की जरूरत होती है। लेकिन वार्ड में गंभीर हालत में भर्ती मरीज अपना बेड इधर से उधर खिसकाते घूम रहे हैं। सुबह हुई बरसात से बरामदे और कमरों में पानी टपकने लगा और मरीजों के बेड भीग गए। बेड नंबर 9 पर भर्ती 70 वर्षीय रियाज, बेड 16 के पिंटू और 12 के ताराचंद ने बताया कि सुबह से उन्हें कभी इधर तो कभी दूसरी तरफ शिफ्ट किया जा रहा है।
मरहम पट्टी की व्यवस्था नहीं
चोट लगाने या फोड़ा होने पर पर अगर आप दवाई लगवाने और पट्टी बंधवाने जाना चाहें, तो हो सकता है आपको निराशा हाथ लगे। जिला अस्पताल में मरहम पट्टी करने के लिए कर्मचारी नहीं है। ड्रेसर के पद पर तैनात कर्मचारी को सेवानिवृत्त हुए एक वर्ष होने को है, लेकिन किसी की नियुक्ति नहीं हुई है। वर्तमान में ड्रेसिंग रूम में अप्रशिक्षित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की ड्यूटी लगाई गई है।
बर्न यूनिट पर लटका ताला
करोड़ों रुपये की लागत से बनी नई बिल्डिंग में अत्याधुनिक वार्ड और बर्न यूनिट लगाई गई है। बर्न यूनिट में मरीज भर्ती कर उसे चालू कर दिया गया था लेकिन अर्से से यूनिट बंद है। पुरानी बिल्डिंग में ही मरीजों को रखा जा रहा है।
बच्चा वार्ड में करंट
संक्रामक रोगों के सीजन में जब निजी क्लीनिकों में निमोनिया, उल्टी दस्त और वायरल से पीड़ित बच्चाें की भरमार है। संक्रामक रोग विभाग में केवल तीन मरीज भर्ती हैं। बच्चा वार्ड में मरीज भर्ती नहीं किए जा रहे हैं। मरीजों ने वार्ड में करंट आने की शिकायत की थी, जिस पर डेंगू वार्ड भी बंद कर दिया गया। एक हफ्ता बीतने के बावजूद अस्पताल प्रशासन ने करंट की समस्या दूर नहीं की है।
वर्जन
- बर्न यूनिट की बिल्डिंग बन गई है, लेकिन चिकित्सीय सुविधाएं नहीं होने के चलते उसे बंद किया गया है। बच्चा वार्ड में करंट की समस्या है, इसलिए उसे इमरजेंसी में शिफ्ट कर दिया गया है। पुरूष सर्जिकल वार्ड को ध्वस्त कर नई बिल्डिंग बनाने का प्रस्ताव शासन में विचाराधीन है।
डा. एके वैश्य, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, पीएल शर्मा जिला अस्पताल
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

district hospital

स्पॉटलाइट

ऐश्वर्या राय सोशल मीडिया से रहेंगी दूर, पति अभिषेक ने लगाया बैन, वजह चौंका देगी

  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +

'बाहुबली-2' का मोशन पोस्टर रिलीज

  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +

Film Review: मैं 'रंगून' जाऊं कि नहीं, तय करें...

  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +

सौ साल की हुई पहली डबल रोल फिल्म

  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +

यात्रा करते समय आती हैं उल्टियां? अपनाएं ये तरीके

  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +

Most Read

भड़काऊ भाषण ने खड़ा किया मुसीबतों का पहाड़, पीएम मोदी के सामने आई नई मुश्किल

pm accused of making inflammatory speeches at rally
  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

खुशखबरी : 15 अप्रैल से यहां हाेगी सेना रैली भर्ती, 13 जिलाें के अभ्यर्थी अभी करें अावेदन

sena bharti rally in kanpur
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

सपा में सात नेताओं पर‌ गिरी अखिलेश की गाज, पार्टी से बाहर

seven expelled from SP.
  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +

पुलिस अंकल जबरदस्ती करते रहे और मैं चिल्लाती रही

mai chilaati rahi
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

यूपी चुनाव 2017 : एक गांव में एक वोट पड़ा दूसरे में एक भी नहीं, कारण जानकर रह जाएंगे हैरान

vilagers  voting boycott in kanpur
  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

ये है अंतहीन प्राकृतिक शिवलिंग, 50 साल पहले जमीन से निकला था बाहर

endless shivling in kanpur
  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top