आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

‘रिफांपिसिन’ बिना कैसे ठीक होगी टीबी

Meerut

Updated Fri, 10 Aug 2012 12:00 PM IST
मेरठ। शहर के हजारों टीबी (क्षय रोग) मरीजों पर दवाओं की कमी के चलते उससे भी जटिल स्थिति में पहुंचने का खतरा मंडरा रहा है। टीबी की बेस लाइन दवा ‘रिफांपिसिन’ लंबे समय से डॉट्स सेंटर नहीं पहुंच रही है। दवा की सप्लाई न होने से साधारण टीबी मरीजों में मल्टीपल ड्रग रजिस्टेंस (एमडीआर) टीबी की आशंका बढ़ गई है। मरीजों के परेशानी के साथ-साथ दवा का विकल्प नहीं होने से स्वास्थ्य विभाग की भी मुसीबत कम नहीं हो रही है।
टीबी की बेस लाइन दवा ‘रिफांपिसिन’ की डिमांड बढ़ने के साथ ही इसकी आपूर्ति कम हो गई है। इस कारण डॉट्स सेंटर पर कई महीनों से यह दवा नहीं आ रही है। इससे मरीजों का इलाज प्रभावित हो रहा है। आपको बता दें टीबी का इलाज यदि किसी कारणवश बीच में छोड़ दिया जाता है तो यह और भी खतरनाक हो जाता है। मरीज की रोग प्रतिरोधकता कम हो जाती है। साधारण टीबी की दवा असर करना बंद कर देती है। मरीज एमडीआर -टीबी की ओर बढ़ने लगता है।
क्या है डॉट्स
अधिकांश टीबी मरीज किसी न किसी कारणवश बीच में ही इलाज छोड़ देते थे। इसे रोकने के लिए जिला टीबी अस्पताल के अंतर्गत क्षेत्रों की जनसंख्या के अनुसार डायरेक्ट आब्जर्वेशन ट्रीटमेंट सर्विस (डॉट्स) सेंटर बनाए गए। इसके तहत मरीज सेंटर आते हैं और डॉट्स प्रोवाइडर के सामने ही दवा खाते हैं। इसके अलावा जो मरीज सेंटर आना बंद कर देते हैं, उनकी पहचान कर डॉट्स प्रोवाइडर घर जाते हैं और इलाज शुरू करने के लिए प्रेरित करते हैं। मेरठ को भी सात जोन में बांटा गया और छह सौ से ज्यादा डॉट्स सेंटर बनाए गए। मरीजों को यहीं से 15 दिन और एक महीने की दवाएं मुहैया कराई जाती हैं। इन सभी सेंटरों पर ही ‘रिफांपिसिन’ नहीं पहुंच रही है। ऐसे में दवाएं इस दवा के बिना ही दी जा रही हैं।
जानलेवा है इलाज छोड़ना
टीबी का शत प्रतिशत इलाज संभव है। सामान्य रोगियों के लिए छह से आठ माह तक का कोर्स होता है। बीच में इलाज छोड़ने से यही साधारण टीबी मल्टी ड्रग रजिस्टेंस (एमडीआर) टीबी का रूप ले लेती है। एमडीआर टीबी साधारण टीबी का जटिल रूप है। इसका इलाज दो साल तक चलता है। इसमें मरीजों की मौत तक भी हो सकती है।
इनकी सुनिए
डॉट्स सेंटर पर दवाओं का पैकेट पहुंच रहा है। ‘रिफांपिसिन’ की कमी के बारे में जानकारी नहीं दी गई है। ऐसा है तो यह गंभीर मामला है। तत्काल इस दवा की कमी पूरी की जाएगी।
- अमीर सिंह चौहान, सीएमओ
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

' rifampicin '

स्पॉटलाइट

OMG! इंटरनेट पर धमाल मचा रही है ये महिला, असल उम्र पर नहीं होगा यकीन

  • शुक्रवार, 23 जून 2017
  • +

सलमान-शाहरुख से भी बड़ा सुपरस्टार है ये हीरो, सेल्फी लेने के लिए फैंस लगाते हैं लंबी लाइन

  • शुक्रवार, 23 जून 2017
  • +

जब भरी पार्टी में 16 साल छोटी अमृता को हीरो ने किया था किस, देखते रह गए थे सेलेब्रिटी

  • शुक्रवार, 23 जून 2017
  • +

प्रेम के मामले में परेशानियाें से भरा रहेगा सप्ताह का पहला दिन, ये 3 राशि वाले रहें संभलकर

  • शुक्रवार, 23 जून 2017
  • +

शेविंग के बाद भूलकर न लगाएं 'आफ्टरशेव', होगा ये नुकसान

  • शुक्रवार, 23 जून 2017
  • +

Most Read

हिंसक हुआ जाट आरक्षण आंदोलन, तोड़-फोड़ आगजनी, धारा 144 लागू

jat agitation in bharatpur, train track and highway also block
  • शुक्रवार, 23 जून 2017
  • +

लालू का दावा- राष्ट्रपति चुनाव जीतेंगी मीरा कुमार, नीतीश ने की भूल

Lalu Prasad Yadav said I will ask Nitish kumar to reconsider his decision
  • शुक्रवार, 23 जून 2017
  • +

स्मार्ट स‌िटी राउंड 3 में रायबरेली और मेरठ बाहर, देखें ‌किन 30 शहरों को म‌िली जगह

lname of cities in smart city list round 3
  • शुक्रवार, 23 जून 2017
  • +

रमजान के अंतिम शुक्रवार को सार्वजनिक अवकाश निरस्त, अब निबंधित अवकाश

cm yogi cancelled ramzan last friday holiday
  • शुक्रवार, 23 जून 2017
  • +

जाट आरक्षणः ट्रैक पर जाट समाज, ये ट्रेनें रद्द, ये जाएंगी बदले रास्ते से

Jat protest at railway track, demand of reservation
  • शुक्रवार, 23 जून 2017
  • +

मिलिए 'लेडी सिंघम' से, इनके सामने बड़े से बड़े क्रिमिनल की हो जाती है पतलून गीली

lady singham ssp sonia singh in kanpur
  • सोमवार, 19 जून 2017
  • +
Live-TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top