आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

कृषि रकबे को लील गया गन्ना

Meerut

Updated Fri, 10 Aug 2012 12:00 PM IST
मेरठ। किसानों के लिए ‘ग्रीन गोल्ड’ बना गन्ना न केवल बाकी फसलों का रकबा लील गया है, बल्कि फसल चक्र गड़बड़ाने का भी जिम्मेदार माना जा रहा है। कैश क्राप होने के चलते किसान गन्ने के अलावा अन्य फसलों की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। आलम ये है कि जनपद के कुल दो लाख हेक्टेयर कृषि रकबे में 1.20 लाख हेक्टेयर रकबा गन्ने से आच्छादित है और बाकी रकबे में अन्य फसल खड़ी है। इन परिस्थितियों से कृषि वैज्ञानिक तो चिंतित हैं ही, जागरूक किसान भी भविष्य में इसे खतरे की घंटी मान रहे हैं।
कभी लहलहाती थीं गेहूं, सरसों और धान की फसल
70 के दशक में जनपद में गन्ने का ज्यादा जोर नहीं था। कुल रकबे के 30-40 फीसदी हिस्से में गन्ना और बाकी क्षेत्र में गेहूं, सरसों, बाजरा और धान आदि की बुआई की जाती थी। इसके बाद जैसे ही क्षेत्र में चीनी मिल, कोल्हू और खांडसारी उद्योग पनपा तो किसान गन्ने के होकर रह गए। वर्तमान में करीब 70 फीसदी रकबा गन्ने से अटा पड़ा है।

‘हो गई किसानों की पौ बारह’
90 से पहले चीनी मिलों का दायरा 40 किलोमीटर तय किया गया था। बाद में जनता दल की सरकार में उद्योग मंत्री बने चौधरी अजित सिंह ने यह दायरा घटाकर 15 किलोमीटर कर दिया। इसके बाद प्रदेश में चीनी मिलों की बाढ़ आ गई। पहले से चल रही मिलों ने कई-कई यूनिटें लगा लीं। मिलों के बीच गन्ना खरीद और प्राइज वार ने किसानों की पौ बारह कर दी।

‘चल एक पर्ची तेरे नाम की सही’
जागरूक किसान गन्ने को समृद्धि एवं खुशहाली के साथ बढ़ते अपराध के लिए भी जिम्मेदार मानते हैं। गन्ना विकास समिति दौराला के पूर्व चेयरमैन चौधरी पीतम सिंह कहते हैं कि इसमें दो राय नहीं कि गन्ने ने क्षेत्र के किसानों की दशा बेहतर की है। लेकिन इसका नकारात्मक असर भी पड़ा है। समृद्धि इंसान को गलत कामों की ओर भी अग्रसर करती है। गांवों का ये हाल है कि छोटा सा झगड़ा होने पर ही लोग कहते है कि ‘चल एक पर्ची तेरे नाम की ही सही’। बता दें कि गन्ने की एक ट्राली लगभग 12 हजार रुपये की बैठती है।

बोलते आंकड़े

कृषि योग्य जमीन- 1.99 लाख 868 हेक्टेयर
गन्ना रकबा- 1.20 लाख हेक्टेयर
धान- 18 हजार हेक्टेयर
उड़द- 1 हजार हेक्टेयर
मक्का- 2 हजार हेक्टेयर

(आंकड़े जिला कृषि विभाग से लिए गए हैं)
...............................................................................................
कहना इनका
गन्ने के चलते फसल चक्र गड़बड़ा गया है। जलस्तर भी घटा है। पिछले 20 वर्षों में गन्ने ने बाकी फसलों के रकबे का अतिक्रमण किया है। किसानों को जमीन का संतुलन बनाए रखने के लिए फसल चक्र अपनाना होगा।
व्यास मुनि मिश्रा, जिला कृषि अधिकारी
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

cane lille rakbe

स्पॉटलाइट

...ताकि इस बरसात न खराब हो आपके बालों की सेहत, ये टिप्स हैं कारगर

  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

पहली बार बिकिनी में नजर आईं टीवी की 'नागिन', बॉलीवुड एक्ट्रेस को दे रहीं कड़ी टक्कर

  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

ईद मुबारकः इस बार ट्राई करें ये लेटेस्ट ड्रेस, खास हो जाएगा आपका त्यौहार

  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

शाहिद के भाई की वजह से जाह्नवी की लाइफ में आया भूचाल, क्या श्रीदेवी उठाएंगी सख्त कदम

  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

ईद मुबारकः इस एक काम को किए बिना अदा नहीं होती ईद की नमाज

  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

Most Read

मारा गया कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल, देर रात हुआ एनकाउंटर

gangster anandpal encountered by rajasthan police
  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

आनंदपाल एनकाउंटर: जीता था शाही लाइफ और करता था दाउद को फॉलो

anand pal singh's lifestyle
  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

एनकाउंटर में मारे गए गैंगस्टर के गांव में पुलिस पर हमला, हाईवे जाम

police party has been attacked by villagers in sawrad in churu
  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

आनंदपाल एनकाउंटर:सोए हुए थे गृहमंत्री,एक फोन आया और फिर

home minister gulabchand kataria briefed about anandpal encounter case
  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

हरियाणा से मिला सुराग और फिर यूं चला एनकाउंटर आॅपरेशन

gangster  anandpal singh full encounter update
  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

आनंदपाल एनकाउंटर पर सवाल, ये दे रहे है दलीलें

question raised over gangster anandpal singh encounter
  • रविवार, 25 जून 2017
  • +
Live-TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top