आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर दिख रहा पुराना पाठ्यक्रम

Mau

Updated Sun, 09 Dec 2012 05:30 AM IST
मऊ। पूर्वांचल विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से स्नातक कक्षाओं में विभिन्न विषयों के पाठ्यक्रम में हर वर्ष क्रमानुसार परिवर्तन की व्यवस्था है। इसमें कुछ वर्षों के अंतराल पर बीए प्रथम वर्ष और उसके अगले वर्ष बीए द्वितीय वर्ष और क्रमश: तीसरे वर्ष पाठ्यक्रम बदला जाता है। जबकि विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर पिछले वर्ष से हो रहे परिवर्तन का जिक्र अब तक नहीं है। वेबसाइट पर पुराना ही दिखा रहा है। इससे छात्रों में उहापोह की स्थिति है।
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की विभिन्न कक्षाओं में समय-समय पर छात्रों को नई जानकारी से जोड़ने, नए अनुसंधानों को बताने और पाठ्यक्रमों में व्यापक सुधार के लिए पिछले वर्ष 2011-12 के पाठ्यक्रम में प्रथम वर्ष का पाठ्यक्रम बदलकर उसमें नए-नए सुधार किए गए थे। जिसमें मनोविज्ञान में बीए तृतीय वर्ष में पढ़ाई जाने वाली सांख्यिकी को बीए प्रथम वर्ष के नए पाठ्यक्रम में प्रयोगात्मक के साथ जोड़ दिया गया है। जबकि इसी तरह समाज शास्त्र में नई-नई समस्याओं जैसे साइबर अपराध, अन्य तरह की सामाजिक विकृतियों को इस वर्ष सामाजिक समस्याओं में बीए द्वितीय वर्ष में शामिल किया गया। इसी तरह कई विषयों में बदलाव किया गया है। इन सब सुधारों से विद्यार्थियों की विषयों में रुचि तो बढ़ी ही साथ ही नई प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने का हौसला भी बढ़ा। लेकिन दूसरी ओर नए जमाने से तालमेल बिठाने का दावा करने वाले पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने आन लाइन फार्म और परीक्षाफल जैसी आधुनिक सूचना क्रांति का ढोंग पीटकर वाहवाही तो लूटी, लेकिन पाठ्यक्रम में हुए परिवर्तन को इस विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर कई जगहों पर सुधारा नहीं जा सका है। इससे विद्यार्थियों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो जा रही है। कुछ विद्यार्थी बदले हुए पाठ्यक्रम को मानने को तैयार नहीं हैं। जबकि हकीकत यह है कि अगर सूचनाओं को ठीक से स्वीकार नहीं किया गया तो आने वाले समय में विकट स्थिति विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्रों के सामने खड़ी हो सकती है। इस संबंध में मनोविज्ञान के छात्र राहुल मौर्य, दीपक कमल, राजेश राम, ओमकार सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर पुराना पाठ्यक्रम देखने से भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। उन्होंने सुधार करने की मांग की है। वहीं डीसीएसके पीजी कालेज के समाजशास्त्र प्रवक्ता डा. संतोष कुमार सिंह का कहना था कि विश्वविद्यालय की वेबसाइट के संबंध मेें छात्र अक्सर शिकायत करते रहते हैं।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

university website

स्पॉटलाइट

कपिल शर्मा के शो में कुछ ऐसे करतब दिखाएंगे सुपरस्टार जैकी चैन

  • मंगलवार, 24 जनवरी 2017
  • +

हर किसी में होती हैं ये आदतें जो बना सकती हैं डिप्रेशन का शिकार

  • मंगलवार, 24 जनवरी 2017
  • +

BIGG BOSS: मोनालिसा ने तोड़ा मनु का दिल, नजदीकियों को 'मजाक' कह डाला

  • मंगलवार, 24 जनवरी 2017
  • +

मॉडल की तरह परफेक्ट फिगर चाहिए? अपनाएं ये आसान से आसन

  • मंगलवार, 24 जनवरी 2017
  • +

नॉमिनेशन में 'सलमान का नाम' सुनते ही समारोह छोड़कर चली गई 'वो'

  • मंगलवार, 24 जनवरी 2017
  • +

Most Read

पाकिस्तान से रिहा सैनिक चंदू भारत में ‘कैद’

Indian soldier Chandu Babulal Chavan
  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

सोशल मीडिया पर डीआईजी वाराणसी का 'सियासी एसएमएस' वायरल

social media DIG Varanasi political SMS viral
  • मंगलवार, 24 जनवरी 2017
  • +

शिवपाल समर्थकों ने बनाया नया संगठन, नाम जानकर हो जाएंगे हैरान

shivpal supporters created new organization
  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

अपना दल और भाजपा में दस सीटों पर सहमति 

Uttar Pradesh election BJP Apna Dal Ten seats in agreed
  • मंगलवार, 24 जनवरी 2017
  • +

राष्ट्रपति ने 4 की फांसी की सजा को उम्रकैद में बदला

President sets aside MHA advice, commutes death of 4 to life term
  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

अखिलेश की सूची में कुछ नाम बदले, कुछ निरस्त, यहां देखें

correction in akhilesh yadav list
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top