आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

खतरा के निशान से 60 सेमी ऊपर पहुंची घाघरा

Mau

Updated Sun, 23 Sep 2012 12:00 PM IST
दोहरीघाट। घाघरा के रौद्र रूप धारण करने का क्रम जारी है। नदी का जलस्तर प्रतिदिन 10 सेमी की रफ्तार से भी अधिक बढ़ते देख तटवर्ती लोगों के होश फाख्ता हो गए हैं। घाघरा की प्रलयकारी लहरों ने मुक्तिधाम पर स्थित भारत माता मंदिर और शाही मस्जिद को आगोश में ले लिया है। इससे दोनों के अस्तित्व पर खतरा बढ़ गया है। वहीं कस्बा में पानी घुसने की रफ्तार तेज हो गई है। दर्जनों गांव पानी से घिर गए हैं। लोगों को कमर भर पानी में आना जाना पड़ रहा है। कटान जारी रहने से तटवर्ती गांव भी खतरे में हैं। बावजूद प्रशासन की ओर से बचाव की कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है।
घाघरा में उफान जारी रहने से तटवर्ती लोगों की नींद उड़ गई है। लोग जागकर पूरी रात बिता रहे हैं। जलस्तर पर नजर डाला जाए तो शुक्रवार को नदी का जलस्तर 70.40 मीटर रहा। शनिवार को पूर्वाह्न आठ बजे तक 10 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। नदी 70.50 मीटर पर बह रही थी। गौरीशंकर घाट पर खतरे का निशान 69.90 मीटर आंका गया है। नगर के तीन मुहल्लों में 300 मीटर तक पानी घुस जाने से स्थिति विषम हो गई है। छात्रों को पानी से होकर स्कूल जाना पड़ रहा है। गांवों में तेजी से पानी घुस रहा है। पतनई, सरयां, गोधनी, सड़ासो, बीवीपुर, ताहिरपुर, जमीर चौराडीह, बेलौली सहित दर्जनों गांव पानी से घिर गए हैं। तटवर्ती गांवों की हजारों एकड़ फसल पानी में डूबकर बर्बाद हो गई है। पशुओं के चारे की किल्लत उत्पन्न हो गई है। घाघरा की लहरें भारत माता मंदिर की दीवारों पर टक्कर मार रही है। घाघरा के बढ़ते जलस्तर से नगर के अनेक ऐतिहासिक धरोहरें मुक्तिधाम, दुर्गा मंदिर, शाही मस्जिद, संतोषी माता मंदिर, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला आदि पर संकट के बादल मंडराने लगा है। वहीं तटवर्ती इलाकों धनौली रामपुर, नई बाजार, नौली, चिऊंटीडांड़, लामी, तारनपुर, कादीपुर, हरधौली, बहादुरपुर, बुढावर, पतनई, सरयां, ठिकरहिया, नगरीपार, रसूलपुर, सूरजपुर सहित दर्जनों गांवों के विलीन होने का खतरा बढ़ गया है। कुल मिलाकर शासन प्रशासन बाढ़ समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहा है।

वाराणसी की तर्ज पर बने पक्के घाट
दोहरीघाट। कटान से नगर के अस्तित्व पर संकट के बादल मंडराने लगा है। कटान से नगर की जहां सैकड़ों एकड़ भूमि विलीन हो गई। लेकिन शासन प्रशासन की ओर से कटान समस्या का समस्या समाधान नहीं निकाला जा सका है। कस्बावासियों के अनुसार वाराणसी की तर्ज पर नगर की सुरक्षा के लिए हनुमान मंदिर से मुक्तिधाम तक 200 मीटर पक्काघाट बनाने की मांग उठने लगी है।

जोर पकड़ती जा रही रेगुलेटर लगाने की मांग
दोहरीघाट। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने से प्रतिवर्ष हजारों एकड़ फसल बर्बाद होती है। प्रशासन की ओर से सुधि न लेने से किसानों की आर्थिक स्थिति दिन ब दिन दयनीय होती जा रही है। नई बाजार में बंधे पर रेगुलेटर लगाने की मांग जोर पकड़ती जा रही है। जलनिकासी न होने से नई बाजार, धनौली रामपुर, गोड़ौली, लामी, कादीपुरा, फरसरा सहित दर्जनों गांवों की हजारों हेक्टेयर फसल बर्बाद होती है। लोगों ने रेगुलेटर लगाने की मांग की है।

शुरू हुआ पानी निकलवाने का कार्य
दोहरीघाट। जिला प्रशासन की ओर से नगर के तीन मुहल्लों मल्लाहटोला, भगवानपुरा, दलित बस्ती में 300 मीटर तक घुसे पानी को बाहर निकलवाना शुरू कर दिया है। सुबह से तहसीलदार घोसी के नेतृत्व में नगर निकाय कर्मचारियों ने जनरेटर लगाकर पानी निकलवाना शुरू कर दिया।

क्या कहते हैं लोग
फसलों की क्षति का आकलन कर किसानों को दिया जाए मुआवजा
दोहरीघाट। घाघरा में आई बाढ़ से कस्बा सहित तटवर्ती इलाके के लोगों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है, लेकिन शासन प्रशासन की ओर से कागजी खानापूर्ति करने से लोग आंदोलित हैं। इस संबंध में पूर्व नगर अध्यक्ष गुलाब चंद गुप्त का कहना था कि भारत माता मंदिर, शाही मस्जिद सहित तमाम ऐतिहासिक धरोहरों पर पानी का दबाव बढ़ता जा रहा है, लेकिन प्रशासन व महकमा मामले को हल्के में ले रहा है। उन्होेंने धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहरों को बचाने की मांग की है। इसी तरह मुक्तिधाम सेवा संस्थान के कोषाध्यक्ष ब्रजेश कुमार गुप्त ने कहा कि जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने से क्षेत्र के लोगों को करोड़ों की क्षति उठानी पड़ रही है। लेकिन ज्वलंत समस्या पर शासन प्रशासन मौन है। उन्होंने रेगुलेटर लगाने की मांग की है। इसी तरह सभासद मनोज कुमार जायसवाल ने कहा कि गांवों में बाढ़ का पानी तेजी से घुस रहा है। लोगों को पानी से होकर आना जाना पड़ रहा है। लेकिन प्रशासन की ओर से मांग के अनुरूप नावों की व्यवस्था नहीं की जा सकी है। इसी प्रकार समाजसेवी डा. मुश्ताक अहमद ने कहा कि बाढ़ से हजारों एकड़ फसल बर्बाद हो गई है। प्रशासन की ओर से फसलों की क्षति का आकलन कराकर किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की है।

क्या कहते हैं अधिकारी
अपर जिलाधिकारी पीपी सिंह का कहना है कि घाघरा की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। उपजिलाधिकारी घोसी ने दौरा कर घाघरा के स्थिर रहने की रिपोर्ट दी है। भारत माता मंदिर के पास आपात स्थिति के लिए बोल्डर रखे गए हैं। कस्बे से बाढ़ का पानी निकलवाया जा रहा है।

टापू में तब्दील हुए आधा दर्जन गांव
बंद कर देना पड़ा प्राथमिक स्कूल
घाघरा की तेज धारा ने आधा दर्जन स्थानों को काट दिया 10 से 30 मीटर
संवाददाता
फोटो
मधुबन। तहसील क्षेत्र में पिछले चार दिनों से घाघरा का कहर जारी है। बरसात के बाद दूसरी बार घाघरा में उफान से आधा दर्जन गांव टापू में तब्दील हो गए हैं तो कई गांव के संपर्क मार्गों पर एक से तीन फीट तक पानी चढ़ गया है। लोगों को अपनी आवश्यकताएं पूरी करने के लिए पानी से होकर आना जाना पड़ रहा है। वहीं बखरिया-नुरुल्लाहपुर को घाघरा की तेज धारा ने आधा दर्जन से अधिक जगहों पर 10 से 30 मीटर काट दिया है। प्रशासन की ओर से लगाई गई नावें नाकाफी साबित हो रही है।
मधुबन क्षेत्र का उत्तरी हिस्सा प्रत्येक वर्ष बाढ़ की चपेट में आता है। घाघरा में दो पाटों के बीच बसा चक्कीमूसाडोही पहले टापू में तब्दील हो जाता है। यहां राजाराम का पुरवा सहित मूसाडोही गांव में पानी घुस गया है। नगीना के पुरवे में रामचंद्र, उदय नारायण, मुन्ना, मोती, नगीना, रामाश्रय, अमर, रामसमुझ, जयचंद आदि के घर में पानी घुस गया है। इसी तरह नगीना के पुरवे में छोटेलाल, शारदा, दुधई, लालबचन, कैलाश, गोरख, रुदल, लल्लन के पुरवे में मंगल, चंद्रदेव, रामबचन, हरिंद्र, नंदलाल आदि के घरों में आधा से एक फीट तक पानी घुस गया है। प्राथमिक विद्यालय का प्रांगण बाढ़ के पानी से भर जाने से महकमे की ओर से स्कूल बंद कर दिया गया है। लोग सुरक्षित ठिकाने की तलाश में जुट गए हैं। नदी के जलस्तर पर नजर डाला जाए तो शुक्रवार को 66.15 मीटर रहा। शनिवार को दो सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। नदी 66.17 मीटर पर बह रही थी। जबकि हाहानाला पर खतरे का निशान 66.31मीटर आंका गया है। उधर दुबारी का धुस, बैरकंटा, हाता, टांड़ी, भगत का पुरवा बाढ़ के पानी से घिर गया है। पक्की सड़क पर दूर तक लोगों को पानी में घुसकर आना पड़ रहा है। बखरिया से होकर कचिला नरायनपुर, नुरुल्लाहपुर, कचिला, सिसवा के संपर्क मार्गों का नदी की तेज धारा ने आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर काट दिया है। लोगों को कमर भर पानी में आना जाना पड़ रहा है। बखरिया, नुरुल्लाहपुर के साथ कचिला सिसवा धर्मपुर बिंदटोलिया तक बाढ़ का व्यापक असर है। सूरजपुर में घाघरा के तट पर स्थित गांवों के घरों पर खतरा मंडराने लगा है। वहीं जूनियर हाईस्कूल के परिसर में पानी घुस जाने के कारण विद्यालय बंद कर दिया गया है।

बाढ़ से गहराया चारे का संकट
मधुबन। घाघरा में आई बाढ़ से मजदूरों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। चारे के लिए पशुपालकों को काफी मशक्कत करानी पड़ रही है। ज्वार, बाजरा, मक्का आदि की फसल डूब हाने से पशुपालक दूरदराज से चारा लाना पड़ रहा है।

नष्ट होने के कगार पर है धान की फसल
मधुबन। घाघरा में आई बाढ़ से धान की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। किसानों के अनुसार धान की फसल फूटने के कगार पर है। फसल डूब जाने पर नष्ट होने के कगार पर है। इसके अलावा अन्य फसलें भी बाढ़ की भेंट चढ़ जाएगी। वहीं बाढ़ के पानी में जहरीले जीव जंतुओं के आने से बाढ़पीडि़तों का सोना हराम हो गया है। लोग अपने परिवारों को जहरीले जंतुओं से बचाने के लिए रतजगा कर रहे हैं।

तहसीलदार ने दौरा कर लिया जायजा
मधुबन। बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों चक्कीमूसाडोही, नुरुल्लाहपुर, बखरिया, धर्मपुर आदि क्षेत्रों का दौरा तहसीलदार पीपी उपाध्याय ने किया। उन्होंने बताया कि अब तक 46 नावें लगा दी गई है।

बाढ़ समस्या का हो स्थायी समाधान: प्रधान
फोटो
मधुबन। धर्मपुर के ग्राम प्रधान विंध्याचल यादव का कहना था कि बाढ़ आने से संक्रामक बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है, लेकिन प्रशासन की ओर से बीमारियों से बचाव के लिए कैंप नहीं लगाया जा सका है। पशुओं में भी तमाम बीमारियां फैल रही है। पशुपालन विभाग के अधिकारी भी उदासीन बने हुए हैं। गजियापुर गांव के प्रधान हरिश्चंद्र यादव का कहना था कि काफी गांव पानी से घिर गए हैं। प्रशासन की ओर से लगाई गई नावें नाकाफी साबित हो रही है। ग्राम प्रधान गजियापुर चंद्रभान यादव का कहना था कि मेहनत कमाई की फसल डूबने से नष्ट होने के कगार पर है। नुकसान हुए फसल क्षति का आकलन कराकर किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की। इसी तरह दुबारी ग्राम प्रधान रमेश चंद का कहना था कि जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने से प्रतिवर्ष नदी कहर बरपाती है। बाढ़ समस्या का स्थायी समाधान ढूंढा जाए।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

...ताकि इस बरसात न खराब हो आपके बालों की सेहत, ये टिप्स हैं कारगर

  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

पहली बार बिकिनी में नजर आईं टीवी की 'नागिन', बॉलीवुड एक्ट्रेस को दे रहीं कड़ी टक्कर

  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

ईद मुबारकः इस बार ट्राई करें ये लेटेस्ट ड्रेस, खास हो जाएगा आपका त्यौहार

  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

शाहिद के भाई की वजह से जाह्नवी की लाइफ में आया भूचाल, क्या श्रीदेवी उठाएंगी सख्त कदम

  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

ईद मुबारकः इस एक काम को किए बिना अदा नहीं होती ईद की नमाज

  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

Most Read

मारा गया कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल, देर रात हुआ एनकाउंटर

gangster anandpal encountered by rajasthan police
  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

आनंदपाल एनकाउंटर पर सवाल, ये दे रहे है दलीलें

question raised over gangster anandpal singh encounter
  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

आनंदपाल एनकाउंटर: जीता था शाही लाइफ और करता था दाउद को फॉलो

anand pal singh's lifestyle
  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

हरियाणा से मिला सुराग और फिर यूं चला एनकाउंटर आॅपरेशन

gangster  anandpal singh full encounter update
  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

आनंदपाल एनकाउंटर:सोए हुए थे गृहमंत्री,एक फोन आया और फिर

home minister gulabchand kataria briefed about anandpal encounter case
  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

एनकाउंटर में मारे गए गैंगस्टर के गांव में पुलिस पर हमला, हाईवे जाम

police party has been attacked by villagers in sawrad in churu
  • रविवार, 25 जून 2017
  • +
Live-TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top