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गंगऊपुर प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालय बने नजीर

Mau

Updated Mon, 17 Sep 2012 12:00 PM IST
मधुबन। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाई न होने जैसी छवि को गंगऊपुर के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय ने झूठा साबित कर दिया है। यह विद्यालय जिले के अन्य परिषदीय विद्यालयों के लिए नजीर बन रहे हैं। जहां इन विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता और अनुशासन की वजह से बच्चों को पढ़ाने में अभिभावक भी गुरेज नहीं करते हैं। वहीं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में कुशल शिक्षकों के निर्देशन से बच्चे प्रदेश स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का परचम लहरा चुके हैं। इन विद्यालयों में कान्वेंट स्कूल से भी अधिक बच्चे पढ़ते हैं।
फतहपुरमंडाव ब्लाक में 136 प्राथमिक तथा 47 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता घटने से अभिभावकों का मोह भंग होता जा रहा है। लेकिन प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय गंगऊपुर में बेहतर तरीके से पढ़ाई होने से अभिभावक भी बच्चों का एडमिशन कराने के लिए सिफारिश लेकर आते हैं। यहां प्राथमिक विद्यालय में 361 तथा उच्च प्राथमिक विद्यालय में 219 छात्र पढ़ते हैं। यहां के बच्चे जिलास्तरीय पीटी और सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में अव्वल आते रहे हैं। इसी तरह फतहपुर ताल रतोय एक और दो में क्रमश: 205 व 287 बच्चे पढ़ते हैं। श्यामदुलारी पत्नी अमरेश, घनश्याम, मुमताज सहित दर्जनों अभिभावकों के अनुसार प्रधानाध्यापक सहित शिक्षकों के परिश्रम के चलते मंडाव, पटरांव, भवानी सराय, तकिया सहित विभिन्न इलाकों से बच्चे पढ़ने आते हैं। कहा कि, इन विद्यालयों में बेहतर शिक्षा और अनुशासन जब मिल जाता है तो कान्वेंट में अधिक फीस देकर क्यों पढ़ाया जाए। इसी तरह दुबारी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय के बच्चों ने भी प्रदेश स्तरीय पीटी और सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में जिले का नाम रोशन किया है। यहीं नहीं परशुपुर, दरगाह सहित एक दर्जन स्कूलों में कान्वेंट स्कूलों की अपेक्षा एडमीशन लेने की होड़ रहती है।

शिक्षा का स्तर सुधरने से उत्साहित हैं अभिभावक
फतहपुर मंडाव के कुछ क्षेत्रों में स्थापित परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा का स्तर सुधरने से अभिभावक उत्साहित हैं। इस संबंध में श्यामदुलारी पत्नी अमरेश, घनश्याम, मुमताज सहित दर्जनों अभिभावकों का कहना था कि इन विद्यालयों में बेहतर शिक्षा और अनुशासन जब मिल जाता है तो कान्वेंट में अधिक फीस देकर क्यों पढ़ाया जाए। शिक्षक भी बच्चों का ख्याल रखते हैं।
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