आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

तल्ख धूप पर भारी पड़ी भत्ते के छांव की आस

Mau

Updated Sat, 01 Sep 2012 12:00 PM IST
मऊ। बेरोजगारी भत्ते के लिए पंजीयन की आखिरी तिथि 31 अगस्त का दिन शायद बेरोजगारों के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं था। आसमान से धूप नहीं बल्कि आग बरस रही थी। लेकिन शुक्रवार को आखिरी दिन भारी उमस और तल्ख धूप के ऊपर बेरोजगारी भत्ते के छांव की आस भारी दिखाई दी। बेरोजगार हाथ में फाइल, सिर पर प्लास्टिक लिए कड़ी धूप में भी ऐसे डिगे रहे कि उनके हौसले देख धूप भी शरमा रही थी। कार्यालय खुलने के पहले से ही लगी भीड़ चार बजे तक जाकर खत्म हुई। आखिरी दिन जिले में कुल बेरोजगारों की संख्या एक लाख 42 हजार पहुंच गई।
प्रदेश सरकार द्वारा 25 वर्ष से 40 वर्ष तक के बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता देने को लेकर 31 अगस्त तक पंजीयन की अंतिम तिथि निर्धारित की गई थी। अंतिम तिथि जैसे जैसे नजदीक आती जा रही थी बेरोजगारों की भीड़ बढ़ती ही जा रही थी। आखिरी दिन सेवा योजन कार्यालय पर सुबह से ही तल्ख धूप होने के बाद भी बेरोजगारों की लंबी कतारें लगी रही। शाम तक हुए पंजीयन में शुक्रवार को कुल 2390 पुरुष एवं 2566 महिलाओं का पंजीयन हुआ। इस प्रकार जिले में कुल बेरोजगारों की संख्या में 88800 पुरुष एवं 53000 महिलाओं का पंजीयन हुआ है। इस संबंध में सहायक रोजगार सहायता अधिकारी उदयनरायन सिंह ने बताया कि अंतिम तिथि के बाद भी पंजीयन के लिए कार्यालय पर सुविधा रहेगी लेकिन भत्ते के लिए सिर्फ 31 अगस्त तक हुए पंजीयनों को ही शामिल किया जाएगा। बताया कि जिनका पंजीयन हो चुका है वह बेरोजगारी भत्ते के लिए आवेदन कभी भी कर सकते हैं।

सुरक्षा को लगाए गए दस पुलिसकर्मी
मऊ। सेवायोजन कार्यालय पर किसी भी प्रकार के बवाल की संभावना को देखते हुए दस पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। सुबह से ही पुलिस कर्मी कार्यालय पर जम जाते थे। बेरोजगारों को लाइन में खड़े कराने से लेेकर हो हल्ला को शांत करने की उनकी जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

प्यास से तड़फड़ाए, पानी की कोई व्यवस्था नहीं
मऊ। सेवायोजन कार्यालय प्रतिदिन हजारों बेरोजगारों की भीड़ के जमा हो रही है लेकिन नगरपालिका या जिला प्रशासन द्वारा किसी भी प्रकार के पेयजल की सुविधा वहां नहीं उपलब्ध कराई गई है। बेरोजगार तीखी धूप और उमस में पानी से तड़पड़ाते नजर आए। इस बीच वह बोतलों में दूर से पानी भरकर अपनी प्यास बुझाए लेकिन अभी तक यहां कोई नल या ट्राली की व्यवस्था नहीं की जा सकी।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

sun shade

स्पॉटलाइट

ऐसी भौंहों वालों को लोग नहीं मानते समझदार, जानिए क्यों?

  • शनिवार, 24 जून 2017
  • +

सालों बाद करिश्मा ने पहनी बिकिनी, करीना से भी ज्यादा लग रहीं हॉट

  • शनिवार, 24 जून 2017
  • +

ऑफिस के बाथरूम में महिलाएं करती हैं ऐसी बातें, क्या आपने सुनी हैं?

  • शनिवार, 24 जून 2017
  • +

DU में 100 % कटऑफ से छात्रों को मिली राहत

  • शनिवार, 24 जून 2017
  • +

'अंधेरा कायम' रखने के लिए खुद 15 दिन अंधेरे में रहे थे तमराज किलविश, अब दिखने लगे हैं ऐसे

  • शनिवार, 24 जून 2017
  • +

Most Read

हिंसक हुआ जाट आरक्षण आंदोलन, तोड़-फोड़ आगजनी, धारा 144 लागू

jat agitation in bharatpur, train track and highway also block
  • शुक्रवार, 23 जून 2017
  • +

स्मार्ट सिटी राउंड थ्री में यूपी के तीन शहर, जानें- किन 30 शहरों को मिला मौका

lname of cities in smart city list round 3
  • शुक्रवार, 23 जून 2017
  • +

लालू का दावा- राष्ट्रपति चुनाव जीतेंगी मीरा कुमार, नीतीश ने की भूल

Lalu Prasad Yadav said I will ask Nitish kumar to reconsider his decision
  • शुक्रवार, 23 जून 2017
  • +

कैबिनेट बैठक: खुलेगा नौकरियों का पिटारा, होंगे ये बड़े फैसले

himachal cabinet meeting on 24th june
  • शनिवार, 24 जून 2017
  • +

इलाज न मिल पाने से हुई थी पापा की मौत, बेटी ने डॉक्टर बनकर पूरा किया सपना

neet 2017 Shivani become doctor and complete her dream
  • शनिवार, 24 जून 2017
  • +

मिलिए 'लेडी सिंघम' से, इनके सामने बड़े से बड़े क्रिमिनल की हो जाती है पतलून गीली

lady singham ssp sonia singh in kanpur
  • सोमवार, 19 जून 2017
  • +
Live-TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top