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सैकड़ों लाभार्थियों को नहीं मिला योजना का लाभ

Mau

Updated Sun, 08 Jul 2012 12:00 PM IST
मधुबन। फतहपुर मंडाव ब्लाक मुख्यालय स्थापित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक के महीनों से अस्वस्थ रहने के चलते जननी सुरक्षा योजना के सैकड़ों लाभार्थियों को योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। लाभार्थी अस्पताल की गणेश परिक्रमा करने को विवश हैं। इसके अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से संबंधित कार्यों पर असर पड़ रहा है। महकमे की ओर से मामले का निस्तारण नहीं किया जा सका है।
फतहपुर मंडाव ब्लाक के फतहपुर ताल रतोय में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को उच्चीकृत करने के बाद भी यहां सुविधाओं का टोटा रहता है। ग्रामीणों के अनुसार एक्सरे, पैथालोजी, एंबुलेंस शो पीस बनकर रह गए हैं। अधीक्षक समेत 10 चिकित्सकों की तैनाती की गई थी। लेकिन पिछले एक वर्ष से एक अधीक्षक और दो तीन डाक्टरों के भरोसे चल रहा है। अस्पताल पर विशेषज्ञों का टोटा है। अधीक्षक समेत तीन चिकित्सकों के भरोसे अस्पताल का संचालन हो रहा है। सूत्रों की मानें तो पिछले वित्तीय वर्ष में जननी सुरक्षा योजना के तहत 356 लाभार्थियों का फरवरी, मार्च का लगभग सात लाख 12 हजार बकाया है। जबकि अप्रैल से लेकर जून तक 536 लाभार्थियों के 10 लाख 72 हजार रुपये के सापेक्ष लगभग आठ लाख रुपये खाते में आया जाना बताया जा रहा है। जो अधीक्षक के हस्ताक्षर से ही निकलना है। अधीक्षक के अस्वस्थ चलने से लाभार्थी चेक प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं। इसके अलावा और भी तमाम ऐसे सरकारी कार्य बाधित हैं जो अधीक्षक के हस्ताक्षर से होने हैं। लाभार्थी गणेश परिक्रमा करने को विवश हैं। एक अस्पताल के कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अधीक्षक की अनुपस्थिति में वरिष्ठ चिकित्सक कभी कभार ही आते हैं उन्हें ही प्रभार दिया जा सकता है। इनके अलावा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डा. बीके यादव, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डा. बीके पांडेय व स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी बीपी चौरसिया को भी प्रभारी अधीक्षक बनाए जाने की संभावना है। इस बाबत स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी बीपी चौरसिया ने बताया कि फरवरी और मार्च का धन न आने से अप्रैल के बाद के लाभार्थियों को भी योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। फरवरी और मार्च के लाभार्थियों को योजना का लाभ देने के लिए शेष धन के लिए पत्र लिखा गया है।
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