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बारिश में भीगा हजारों कुंतल गेहूं

Mau

Updated Wed, 20 Jun 2012 12:00 PM IST
मऊ। बारिश के मद्देनजर क्रय केंद्रों पर डंप पड़े गेहूं को गोदामों तक पहुंचाने का फरमान हवा में ही तैरता रहा। अधिकतर क्रय केंद्रों के भवन में जगह न होने के कारण गेहूं के बोरों को खुले आसमान में रखा गया है। बारिश शुरू होने के बाद भी बोरों को प्लास्टिक से ढकने की जहमत तक नहीं उठ्राई गई। साधन सहकारी समितियों का भवन जर्जर हाल में हैं। भारी बारिश होने की स्थिति में हजारों कुंतल गेहूं के सड़ने की संभावना प्रबल हो गई है। आला अधिकारी चार पांच दिन में गेहूं का उठान होने का दावा कर रहे हैं।
जनपद मेें 62 गेहूं क्रय केंद्रों की स्थापना की गई है। मौसम परिवर्तन के मद्देनजर गेहूं खरीद बंद करने के आदेश को मंगलवार को वापस लेते हुए खरीद शुरू करने का फरमान जारी कर दिया गया। लेकिन खुले आसमान में रखे और क्रय केंद्रों के जर्जर भवनों में डंप पड़े गेहूं के बोरों को गोदामों तक भेजवाया नहीं जा सका है। वहीं बारिश शुरू होते ही गेहूं को भीगने से बचाने की महकमे के तैयारी की पोल खुल गई। सुबह हुई बारिश में अधिकतर क्रय केंद्रों पर खुले आसमान में रखे गए गेहूं के बोरों को भीगता देखा गया। किसानों की मानें तो क्रय केंद्रों द्वारा बनाए गए अस्थायी गोदामों की हालत ठीक नहीं है। साधन सहकारी समितियों का भवन जर्जर हाल में है। हल्की बारिश होने पर भवन में पानी भर जाता है। ज्यादातर क्रय केंद्रों पर गेहूं डंप पड़ा हुआ है। जगह न होने पर गेहूं के बोरों को खुले आसमान में रखा गया है। बारिश से बचाने के काम में भी खानापूर्ति की गई है। सूत्रों की मानें तो 26656 एमटी लक्ष्य के सापेक्ष 35661 एमटी गेहूं की खरीद की जा चुकी है। जबकि लगभग 50 प्रतिशत भी उठान नहीं हो सकी है।
मधुबन संवाददाता के अनुसार स्थानीय कस्बा सहित क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में बने गेहूं क्रय केंद्रों पर खरीदा गया गेहूं डंप पड़ा है। क्रय केंद्रों में जगह न होने से गेहूं खुले आसमान में रखा गया है। बारिश शुरू होने के बाद भी गेहूं को बचाने में सिर्फ खानापूर्ति ही की जा रही है। हाट विपणन केंद्र मधुबन, साधन सहकारी समिति गजियापुर, पीसीएफ कटघरा शंकर रौजा पर रखे गए गेहूं के बोरों को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है। दोहरीघाट संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में बनाए गए गेहूं क्रय केंद्रोें पर डंप पड़े गेहूं के रख रखाव की व्यवस्था आधी अधूरी ही की गई है। बारिश से गेहूं का बोरा भीगता रहा। रख रखाव का यही हाल रहा तो भारी बारिश में सैकड़ों कुंतल गेहूं भीगकर सड़ सकता है। यही हाल अन्य ब्लाकों की भी है। इस बाबत जिला विपणन अधिकारी डीएन सिंह का कहना है कि क्रय केंद्रों पर गेहूं को सुरक्षित रखा गया है। चार पांच दिन में गेहूं का उठान हो जाएगा।
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