आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

बेहिसाब वाहनों के बीच चंद ट्रैफिक कर्मी

Mathura

Updated Mon, 10 Dec 2012 05:30 AM IST
मथुरा। 25,00000 की आबादी वाले जनपद में यातायात को सुचारु रूप से चलाने के लिए जितनी यातायात पुलिस की आवश्यकता है। उसके मुकाबले में पुलिस की संख्या काफी कम है।
जनपद में जिस तेजी से जनसंख्या में बढ़ोत्तरी हुई है उसी तेजी से सड़कों पर वाहनों का दबाव भी बढ़ रहा है। इसके साथ ही व्यस्त चौराहों और तिराहों की संख्या में काफी वृद्धि हो चुकी है। यहीं नहीं जनपद में आने वाली वीआईपी और आए दिन निकलने वाली शोभा यात्राओं के दौरान भी यातायात पुलिस की आवश्यकता पड़ती है लेकिन पुलिस के लिए यह सब मैनेज करना आसान नहीं है।
यातायात पुलिस कर्मियों की कमी इस काम में सबसे बड़ी बाधा है। इस कारण जनपद की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है। ट्रैफिक पुलिस की कमी के चलते रैगुलर चेकिंग अभियान भी शहर में नहीं चल पाता है। इससे अतिक्रमण करने वाले और सड़क किनारे गलत तरीके से वाहन खड़े करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई भी नहीं हो पाती।

कुल 45 का है स्टाफ
मथुरा (ब्यूरो)। जनपद यातायात पुलिस की संख्या कुछ इस तरह है। जो ट्रैफिक को नियंत्रित कर रही है।
45 ट्रैफिक पुलिस कर्मचारियों का स्टाफ है।
27 ट्रैफिक पुलिस के सिपाही हैं।
15 में छह एचसीपी और नौ हैड कांस्टेबल हैं।
3 टीएसआई हैं।

13 सिपाहियों के हवाले शहर का यातायात
मथुरा (ब्यूरो)। ट्रैफिक पुलिस के 27 सिपाही इस तरह ड्यूटी करते हैं। दो सिपाही कार्यालय में और तीन टीएसआई के साथ ड्यूटी करते हैं। चार से लेकर पांच सिपाही छुट्टी पर रहते हैं। चार सिपाहियों को वृंदावन ड्यूटी के लिए भेजा जाता है। इस तरह कुल 13 सिपाहियों के हवाले शहर की यातायात व्यवस्था रहती है।

अपने खर्चे पर जाते वृंदावन
मथुरा (ब्यूरो)। यातायात पुलिस के सिपाहियों को वृंदावन ड्यूटी को आने जाने के लिए न तो बाइक का पेट्रोल मिलता है और न वहां तक पहुंचने के लिए वाहन का किराया।

दबाव बन जाता कार्रवाई में रोड़ा
मथुरा (ब्यूरो)। ट्रैफिक पुलिस को वाहन चेकिंग के दौरान तरह-तरह के दबावों का सामना करना पड़ता है। चेकिंग के दौरान ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते किसी वाहन चालक को रोकते ही ट्रैफिक पुलिस के पास अधिकारियों और राजनेताओं के फोन आने शुरू हो जाते हैं। दबाव में आकर नियमों का उलंघन करने वाले को भी ट्रैफिक पुलिस को छोड़ना पड़ता है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

Toyota Camry Hybrid: नो टेंशन नो पोल्यूशन

  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +

क्या करीना कपूर ने बदल दिया अपने बेटे तैमूर का नाम ?

  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +

Oscars 2017: घोषणा किसी की, अवॉर्ड किसी को

  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +

कजरारे कजरारे के बाद फिर बेटे बहू के साथ दिखेंगे बिग बी

  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +

क्या आप भी दवा को तोड़कर खाते हैं? उससे पहले पढ़ें ये खबर

  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +

Most Read

सपा मंत्री के काफिले पर हमला, 9 भाजपाई गिरफ्तार

attack on  sp minister awadesh prasad
  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +

बागी मंत्री को अख‌िलेश ने क‌िया कैब‌िनेट से बाहर

vijay mishra expelled from akhilesh cabinet
  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

खुशखबरी : 15 अप्रैल से यहां हाेगी सेना रैली भर्ती, 13 जिलाें के अभ्यर्थी अभी करें अावेदन

sena bharti rally in kanpur
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

पीएम मोदी के बयान से हिला पाकिस्तान, सर्जिकल स्ट्राइक-2 की तैयारी तो नहीं!

prime minister statement shock pakistan
  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +

बदलेगा मौसम, हिमाचल के 10 जिलों में आज और कल भारी ओलावृष्टि की चेतावनी

 Heavy HailStorm Forecast for Himachal from 28th Febrary.
  • मंगलवार, 28 फरवरी 2017
  • +

गोंडा में शिवसेना के प्रत्याशी पर हमला, तीन घायल

attack on a shivsena candidate in gonda.
  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top