आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

गेहूं के दामों में उछाल, गरीबों का जीना मुहाल

Mainpuri

Updated Tue, 28 Aug 2012 12:00 PM IST
मैनपुरी। गेहूं के दाम 1,470 रुपये प्रति क्विंटल का आंकड़ा पार कर चुके हैं। गेहूं के निरंतर बढ़ रहे दामों ने आम आदमी का चैन छीन लिया है। रोज कमाकर खाने वालों का हाल तो और भी बुरा है। एक चौथाई कमाई तो आटे की भेंट चढ़ रही है। मध्यमवर्गीय परिवारों को भी गेहूं के बढ़ते दामों से चिंता सताने लगी है। व्यापारियों की मानें तो जाड़ों में गेहूं की कीमत 16 रुपये किलो तक पहुंच सकती है। एक माह में ही गेहूं की कीमत दो रुपये और आटा की कीमत तीन रुपये प्रति किलो तक बढ़ गई है।
इस वर्ष गेहूं पिछले वर्ष की तुलना में काफी महंगा बिक रहा है। सीजन की शुरूआत में जहां गेहूं मंडी में 1150 रुपये कुंतल तक बिका, वहीं इन दिनों दाम 1471 रुपये प्रति कुंतल तक जा पहुंचे हैं। इसके पीछे प्रमुख कारण यह माना जा रहा है कि भविष्य में गेहूं के दाम बढ़ने की संभावना को दृष्टिगत रखते हुए बड़े व्यापारियों ने गेहूं को डंप कर लिया है। बाजार में गेहूं का कृत्रिम अभाव अभी से पैदा हो गया है। मंडियों में भी अब गेहूं न के बराबर ही आ रहा है। संभावना जताई जा रही है कि बड़े व्यापारी सर्दियां शुरू होते ही बाजार में गेहूं की कमी आने पर मनमाने दामों पर गेहूं बेचेंगे।
गेहूं के बढ़ते दामों ने आम आदमी की चिंताएं बढ़ा दी हैं। उनका रसोई का बजट ही गड़बड़ा चला है। रोटी खाए बिना गुजारा नहीं हो सकता। मजदूर बालकिशन बताते हैं कि परिवार के लिए प्रतिदिन दो किलो आटा खरीदना पड़ता है। मजदूरी के रूप में मिलने वाले 150 रुपयों में से 32 रुपये तो सिर्फ आटा पर ही खर्च हो जाते हैं। ऐसे में परिवार पालना मुश्किल हो चला है। गेहूं ने रोज कमाकर खाने वालों का ही नहीं मध्यमवर्गीय परिवारों का भी पसीना छुड़ा दिया है। राज्यकर्मी अमित मिश्रा कहते हैं कि रोजमर्रा की वस्तुओं के साथ ही गेहूं पर आई महंगाई से सारा बजट गड़बड़ा गया है। गेहूं की कीमतें स्थिर रहें, इसके लिए सरकार को कुछ करना चाहिए।
चौथियाना निवासी गृहणी रमा कहतीं हैं कि गेहूं के दाम आज तक इतने कभी नहीं चढ़े। रसोई का बजट हर माह गड़बड़ा रहा है। दाल रोटी खाना भी मुश्किल हो रहा है। बाजार में आटा के दाम साढ़े 17 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं। आखिर आदमी रोटी खाएगा कैसे? सरकार क्यों इस ओर से आंखें मूंदे हुए है। देवपुरा निवासी सविता कहतीं हैं कि रसोई तो हमें ही चलानी है। दाल मसालों से लेकर सब्जियों तक के दाम आसमान छू रहे हैं, ऊपर से गेहूं के दाम भी प्रतिमाह बढ़ रहे हैं।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

wheat prices

स्पॉटलाइट

कम दाढ़ी की वजह से हैं परेशान? इन तरीकों से पाएं राहत

  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +

20 दिन तक सिर्फ गाजर और ब्लैक कॉफी के सहारे जिंदा रहा ये एक्टर

  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +

इस हीरोइन को शाहिद ने दी चेतावनी, कहा, 'सबकुछ भुलाकर आगे बढ़ो'

  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +

दिमाग के लिए फायदेमंद है व्रत रखना, जानें इसके और भी फायदे

  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +

30 महीने और 45 पारियों के बाद विराट कोहली के साथ हुआ कुछ ऐसा

  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +

Most Read

मैंने विज्ञापन का जिक्र किया प्रधानमंत्री तो इमोशनल हो गए: अख‌िलेश यादव

akhilesh yadav faizabad rally
  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +

आपने मुझे सांसद बनाया अब उतारना चाहता हूं यूपी का कर्ज: प्रधानमंत्री

narendra modi rally in gonda
  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +

भड़काऊ भाषण ने खड़ा किया मुसीबतों का पहाड़, पीएम मोदी के सामने आई नई मुश्किल

pm accused of making inflammatory speeches at rally
  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

खुशखबरी : 15 अप्रैल से यहां हाेगी सेना रैली भर्ती, 13 जिलाें के अभ्यर्थी अभी करें अावेदन

sena bharti rally in kanpur
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

यूपी चुनाव 2017 : एक गांव में एक वोट पड़ा दूसरे में एक भी नहीं, कारण जानकर रह जाएंगे हैरान

vilagers  voting boycott in kanpur
  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

पुलिस अंकल जबरदस्ती करते रहे और मैं चिल्लाती रही

mai chilaati rahi
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top