आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

दुश्मनों के छक्के छुड़ाने वाले अपनों से खा रहे मात

Mainpuri

Updated Tue, 07 Aug 2012 12:00 PM IST
मैनपुरी। सेना के जवान देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों तक की आहुति देने से पीछे नहीं हटते। सरहद पर विदेशी दुश्मनों को हराकर वहां तिरंगा लहराने वाले ये सैनिक रिटायर होने के बाद अपनों से हार रहे हैं। कोई पूर्व सैनिक इलाज को भटक रहा है, तो कोई नौकरी के लिए दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर है। सरकारी दफ्तरों में उनकी कोई सुनवाई नहीं होती। बिजली, पानी, सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए नौकरशाहों के सामने गिड़गिड़ाने को मजबूर हैं। अमर उजाला ने पूर्व सैनिकों से जब बात की तो वह अपना दर्द-ए-दास्तां दिल खोलकर बताने लगे।
दफ्तरों में नहीं होती सुनवाई
वर्ष 1992 में कैप्टन पद से सेवानिवृत्त हुए डिलाह निवासी चंद्रपाल सिंह चौहान कहते हैं कि पूर्व सैनिकों की सरकारी दफ्तरों में कोई सुनवाई नहीं होती है। सामान्य कामों के लिए भटकना पड़ता है। अधिकतर पूर्व सैनिक काम के लिए भटकते हैं।

पेंशन पर गुजारा करने को मजबूर
वर्ष 1979 में सिपाही पद से सेवानिवृत्त होने वाले रामपाल शर्मा का कहना है कि उन्होंने चीन से हुई दोनों जंग लड़ी हैं। सेवानिवृत्त होने के बाद कई बार दूसरी नौकरी के लिए प्रयास किए, लेकिन नहीं मिली। अब पेंशन पर ही गुजारा करना पड़ रहा है।

नौकरी नहीं मिली तो दुकान खोली
श्रंगार नगर निवासी एमएस चौहान वर्ष 1989 में सूबेदार मेजर पद से सेवानिवृत्त हुए। पहले नौकरी के प्रयास किए। जब नौकरी नहीं मिली तो घर में गुजारे के लिए दुकान खोल ली। अब दुकान ठीक चल रही है। उनका कहना है कि देश की सीमा पर दुश्मनों को पछाड़ने वाले पूर्व सैनिक यहां अपनों से मात खा रहे हैं। उनकी उपेक्षा की जाती है। उन्हें सामान्य कामों तक के लिए भी भटकना पड़ता है।

अफसर और जनप्रतिनिधि नहीं सुनते
गांव नगला नया निवासी रिटायर्ड सूबेदार मेजर बलवीर सिंह का कहना है कि सेना में देश की खातिर अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले सैनिकों की यहां कोई नहीं सुनता। उनके गांव में कई अव्यवस्थाएं हैं। कई बार जिला स्तरीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से मांग की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब पेंशन पर गुजारा करना पड़ रहा है।

इलाज के लिए रहे भटक
हवलदार भारत सिंह वर्ष 1967 में सेवानिवृत्त हुए तो कई रोगों से पीड़ित हो गए। उनका कहना है कि ईसीएचएस((भूतपूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना) में सरकारी चिकित्सकों की तैनाती नहीं है। शहर में भीमसेन मंदिर रोड पर संतोषी माता मंदिर के सामने किराये के भवन में इस क्लीनिक में संविदा पर एक-दो चिकित्सक हैं। वहां उन्हें सही ढंग से उपचार नहीं दिया जाता। दवा भी बाजार से खरीदनी पड़ती है। मजबूरन प्राइवेट चिकित्सकों के यहां जाना पड़ता है।

रघुपाल ने दिखाई राह
मैनपुरी। रिटायर होने के बाद जहां सैकड़ों-हजारों पूर्व सैनिक नौकरी के लिए भटकते हैं। पेंशन पर गुजारा करते हैं। वहीं पूर्व सैनिक रघुपाल सिंह भदौरिया अपवाद साबित हुए हैं। पूर्व सैनिकों के लिए वह प्रेरणास्रोत बन कर उभरे हैं। वह वर्ष 1998 में आर्मी में नायक के पद से सेवानिवृत्त हुए। उन्होंने गृह क्षेत्र करहल के ग्राम किरथुआ के समीप फ्लोर और राइस मिल खोला। इन दोनों मिलों में उन्होंने क्षेत्र के 50 से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया। खुद भी आर्थिक रूप से मजबूत हुए। वह कहते हैं कि पूर्व सैनिकों को अपने हौसले को नहीं छोड़ना चाहिए।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

ones '

स्पॉटलाइट

अंग्रेजी नहीं अब इस विषय को पढ़ना चाहते हैं लोग

  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

अगर खाते हैं तले हुए आलू तो हो जाइए सतर्क, घट सकती है उम्र

  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

प्रत्युषा की मौत के बाद ब्वॉयफ्रेंड राहुल ने की थी पार्टी, करीबी दोस्त ने खोले कई और राज

  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

खाने-पीने की ये आदतें लड़कियों के खोलती हैं कई बंद राज

  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

गाजर का जूस करेगा पेट सफा और कब्ज को कर देगा दफा....और भी उपाए हैं कारगर

  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

Most Read

मारा गया कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल, देर रात हुआ एनकाउंटर

gangster anandpal encountered by rajasthan police
  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

आनंदपाल एनकाउंटर: जीता था शाही लाइफ और करता था दाउद को फॉलो

anand pal singh's lifestyle
  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

आनंदपाल एनकाउंटर:सोए हुए थे गृहमंत्री,एक फोन आया और फिर

home minister gulabchand kataria briefed about anandpal encounter case
  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

हरियाणा से मिला सुराग और फिर यूं चला एनकाउंटर आॅपरेशन

gangster  anandpal singh full encounter update
  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

हिंसक हुआ जाट आरक्षण आंदोलन, तोड़-फोड़ आगजनी, धारा 144 लागू

jat agitation in bharatpur, train track and highway also block
  • शुक्रवार, 23 जून 2017
  • +

शिवराज के मंत्री नरोत्तम मिश्रा की गई कुर्सी, 3 साल तक चुनाव लड़ने पर रोक

mp health minister narottam mishra was disqualified by election commission
  • शनिवार, 24 जून 2017
  • +
Live-TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top