आपका शहर Close

दुश्मनों के छक्के छुड़ाने वाले अपनों से खा रहे मात

Mainpuri

Updated Tue, 07 Aug 2012 12:00 PM IST
मैनपुरी। सेना के जवान देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों तक की आहुति देने से पीछे नहीं हटते। सरहद पर विदेशी दुश्मनों को हराकर वहां तिरंगा लहराने वाले ये सैनिक रिटायर होने के बाद अपनों से हार रहे हैं। कोई पूर्व सैनिक इलाज को भटक रहा है, तो कोई नौकरी के लिए दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर है। सरकारी दफ्तरों में उनकी कोई सुनवाई नहीं होती। बिजली, पानी, सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए नौकरशाहों के सामने गिड़गिड़ाने को मजबूर हैं। अमर उजाला ने पूर्व सैनिकों से जब बात की तो वह अपना दर्द-ए-दास्तां दिल खोलकर बताने लगे।
दफ्तरों में नहीं होती सुनवाई
वर्ष 1992 में कैप्टन पद से सेवानिवृत्त हुए डिलाह निवासी चंद्रपाल सिंह चौहान कहते हैं कि पूर्व सैनिकों की सरकारी दफ्तरों में कोई सुनवाई नहीं होती है। सामान्य कामों के लिए भटकना पड़ता है। अधिकतर पूर्व सैनिक काम के लिए भटकते हैं।

पेंशन पर गुजारा करने को मजबूर
वर्ष 1979 में सिपाही पद से सेवानिवृत्त होने वाले रामपाल शर्मा का कहना है कि उन्होंने चीन से हुई दोनों जंग लड़ी हैं। सेवानिवृत्त होने के बाद कई बार दूसरी नौकरी के लिए प्रयास किए, लेकिन नहीं मिली। अब पेंशन पर ही गुजारा करना पड़ रहा है।

नौकरी नहीं मिली तो दुकान खोली
श्रंगार नगर निवासी एमएस चौहान वर्ष 1989 में सूबेदार मेजर पद से सेवानिवृत्त हुए। पहले नौकरी के प्रयास किए। जब नौकरी नहीं मिली तो घर में गुजारे के लिए दुकान खोल ली। अब दुकान ठीक चल रही है। उनका कहना है कि देश की सीमा पर दुश्मनों को पछाड़ने वाले पूर्व सैनिक यहां अपनों से मात खा रहे हैं। उनकी उपेक्षा की जाती है। उन्हें सामान्य कामों तक के लिए भी भटकना पड़ता है।

अफसर और जनप्रतिनिधि नहीं सुनते
गांव नगला नया निवासी रिटायर्ड सूबेदार मेजर बलवीर सिंह का कहना है कि सेना में देश की खातिर अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले सैनिकों की यहां कोई नहीं सुनता। उनके गांव में कई अव्यवस्थाएं हैं। कई बार जिला स्तरीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से मांग की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब पेंशन पर गुजारा करना पड़ रहा है।

इलाज के लिए रहे भटक
हवलदार भारत सिंह वर्ष 1967 में सेवानिवृत्त हुए तो कई रोगों से पीड़ित हो गए। उनका कहना है कि ईसीएचएस((भूतपूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना) में सरकारी चिकित्सकों की तैनाती नहीं है। शहर में भीमसेन मंदिर रोड पर संतोषी माता मंदिर के सामने किराये के भवन में इस क्लीनिक में संविदा पर एक-दो चिकित्सक हैं। वहां उन्हें सही ढंग से उपचार नहीं दिया जाता। दवा भी बाजार से खरीदनी पड़ती है। मजबूरन प्राइवेट चिकित्सकों के यहां जाना पड़ता है।

रघुपाल ने दिखाई राह
मैनपुरी। रिटायर होने के बाद जहां सैकड़ों-हजारों पूर्व सैनिक नौकरी के लिए भटकते हैं। पेंशन पर गुजारा करते हैं। वहीं पूर्व सैनिक रघुपाल सिंह भदौरिया अपवाद साबित हुए हैं। पूर्व सैनिकों के लिए वह प्रेरणास्रोत बन कर उभरे हैं। वह वर्ष 1998 में आर्मी में नायक के पद से सेवानिवृत्त हुए। उन्होंने गृह क्षेत्र करहल के ग्राम किरथुआ के समीप फ्लोर और राइस मिल खोला। इन दोनों मिलों में उन्होंने क्षेत्र के 50 से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया। खुद भी आर्थिक रूप से मजबूत हुए। वह कहते हैं कि पूर्व सैनिकों को अपने हौसले को नहीं छोड़ना चाहिए।
Comments

Browse By Tags

ones '

स्पॉटलाइट

दिवाली पर पटाखे छोड़ने के बाद हाथों को धोना न भूलें, हो सकते हैं गंभीर रोग

  • शुक्रवार, 20 अक्टूबर 2017
  • +

इस एक्ट्रेस के प्यार को ठुकरा दिया सनी देओल ने, लंदन में छुपाकर रखी पत्नी

  • शुक्रवार, 20 अक्टूबर 2017
  • +

...जब बर्थडे पर फटेहाल दिखे थे बॉबी देओल तो सनी ने जबरन कटवाया था केक

  • गुरुवार, 19 अक्टूबर 2017
  • +

'ये हाथ नहीं हथौड़ा है': सनी देओल के दमदार डायलॉग्स, जो आज भी हैं जुबां पर

  • शुक्रवार, 20 अक्टूबर 2017
  • +

मां लक्ष्मी को करना है प्रसन्न तो आज रात इन 5 जगहों पर जरूर जलाएंं दीपक

  • गुरुवार, 19 अक्टूबर 2017
  • +

Most Read

दीपावली पर सैफई में एकजुट दिखा पूरा ‘यादव परिवार’, मुलायम-रामगोपाल के बीच हुई 'गुप्त मंत्रणा'

Mulayam family came together in Saifai
  • गुरुवार, 19 अक्टूबर 2017
  • +

पार्टी हाईकमान से नाराजगी, भाजपा में इस्तीफों की लग गई झड़ी

Hamirpur bjp mandal president resign
  • मंगलवार, 17 अक्टूबर 2017
  • +

सरकारी नौकरी का सपना होगा पूरा, निकली 5000 से ज्यादा कांस्टेबलों की भर्ती

Government job dream will be completed, more than 5000 recruitment of constables
  • शुक्रवार, 20 अक्टूबर 2017
  • +

हर कोई देखता रहा व्हाट्स एप-फेसबुक, जानिए क्यों

Everyone is watching whatsapp-facebook, know why
  • शुक्रवार, 20 अक्टूबर 2017
  • +

संतों ने जताई अंतिम इच्छा: त्रेतायुग के दर्शन तो हो गए, अब राममंदिर बन जाए

last wish of sant in ramjanpbhumi
  • गुरुवार, 19 अक्टूबर 2017
  • +

ताजमहल पर्यटन का एक बेहतरीन केंद्र, पर्यटकों के लिए सीएम योगी ने बनाई खास योजना

Chief Minister Yogi Adityanath visits Hanumangarhi Temple in Ayodhya of Uttar Pradesh
  • गुरुवार, 19 अक्टूबर 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!