आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

आल्हा-ऊदल के पराक्रम की याद दिलाता है कजली मेला

Mahoba

Updated Sun, 29 Jul 2012 12:00 PM IST
महोबा। उत्तर भारत का आठ सदी पुराना ऐतिहासिक कजली मेला आल्हा ऊदल के शौर्य, स्वाभिमान व मातृभूमि प्रेम का अनूठा उदाहरण है। विंध्य पर्वत श्रृंखलाआें, सुरम्य सरोवराें और मोहक नैसर्गिक छटाआें से परिपूर्ण बुंदेलखंड की देवभूमि अपनी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक व लोक साहित्य की विविधता तथा लोक उत्सवाें के लिए जानी जाती है। कजली मेला यहां के लोक जीवन में संगीत, संस्कृति और सांप्रदायिक तालमेल का जीता जागता दर्पण है।
वीरगाथा काल के प्रसिद्ध कवि जगनिक द्वारा रचित परमाल रासो के नायक आल्हा और ऊदल के पराक्रम से जुड़ा महोबा का ऐतिहासिक कजली मेला लोगाें को त्याग और बलिदान की याद दिलाता है। आल्हा और ऊदल के शौर्य, स्वाभिमान की अनूठी मिसाल संजोए ऐतिहासिक मेला 3 अगस्त से शुरू होगा। 831 साल पहले महोबा के चंदेल राजा परमाल के शासन से कजली मेला जुड़ा है। राजा परमाल की पुत्री चंद्रावलि अपनी 14 सखियाें के साथ भुजरियां विसर्जित करने कीरत सागर जा रही थीं। रास्ते में पृथ्वीराज चौहान के सेनापति चामुंडा राय ने आक्रमण कर दिया। पृथ्वीराज चौहान की योजना चंद्रावलि का अपहरण कर उसका विवाह अपने बेटे सूरज सिंह से कराने की थी। उस समय कन्नौज में रह रहे आल्हा और ऊदल को जब इसकी जानकारी मिली तो वे चचेरे भाई मलखान के साथ महोबा पहुुंच गए और राजा परमाल के पुत्र रंजीत के नेतृत्व में चंदेल सेना ने पृथ्वीराज चौहान की सेना पर आक्रमण कर दिया। 24 घंटे चली लड़ाई में पृथ्वीराज का बेटा सूरज सिंह मारा गया। युद्ध में पृथ्वीराज चौहान को पराजय का सामना करना पड़ा। इस युद्ध में चंदेल योद्धा अभई व रंजीत भी मारे गए। युद्ध के बाद राजा परमाल की पत्नी रानी मल्हना, राजकुमारी चंद्रावलि व उसकी सखियाें ने कीरत सागर में भुजरियां विसर्जित कीं। इसके बाद पूरे राज्य में रक्षाबंधन का त्योहार मनाया गया। तभी से महोबा क्षेत्र के ग्रामीण रक्षाबंधन के एक दिन बाद अर्थात भादों मास की परीवा को कीरत सागर के तट से लौटने के बाद ही बहनाें से राखी बंधवाते हैं।
पृथ्वीराज चौहान पर मिली विजय से उत्साहित रानी मल्हना ने अगले दिन गोरखागिरि के एक शिलाखंड पर उत्कीर्ण विशालतम गजांतक शिव प्रतिमा के सामने आराधना कर उत्सव मनाया था। तब से गोरखागिरि पर्वत पर दूसरे दिन कजली मेला आयोजित किया जाता है। आल्हा-ऊदल की इस वीरभूमि में आठ सदी बीतने के बाद भी लाखाें लोग कजली मेले में आते हैं। इसके बावजूद इस कजली मेले को आज तक राष्ट्रीय मेला घोषित नहीं किया जा सका। पहले इस मेले का आयोजन स्वयंसेवी संस्थाएं कराती थीं और अब पालिका तथा प्रशासन की देखरेख में मेले का आयोजन किया जाता है।




  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

udal kajli

स्पॉटलाइट

अब ज्वेलरी खरीदने पर लगेगा टैक्स, देख लें कितना?

  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

भारत के कई शहरों में बढ़ रहा सेक्स का ये नया तरीका

  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

इस गर्मी में बड़े सस्ते दामों पर AC बेचेगी सरकार

  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

'मुझे टेप लगाना पसंद नहीं , बिना कपड़ों के इंटीमेट सीन करना अच्छा लगता है'

  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

क्या आप भी लगाते हैं डियोड्रेंट ? तो जरूर पढ़ें ये खबर

  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

जबर ख़बर

30 शौचालयों के गड्ढों की सफाई में जुटे केंद्रीय सचिव '

Read More

Most Read

यूपी चुनाव 2017 : एक गांव में एक वोट पड़ा दूसरे में एक भी नहीं, कारण जानकर रह जाएंगे हैरान

vilagers  voting boycott in kanpur
  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

पांच दिन बंद रहेंगे बैंक

Banks closed five days
  • गुरुवार, 16 फरवरी 2017
  • +

वोट डालने के बाद ये क्या कह गईं डिम्पल यादव

after vote saying dimple yadav
  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

मुलायम ने डाला वाेट, भाई शिवपाल के लिए कर दिया ये बड़ा एलान

mulayam singh yadav statement for shivpal singh yadav
  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

खुशखबरी : 15 अप्रैल से यहां हाेगी सेना रैली भर्ती, 13 जिलाें के अभ्यर्थी अभी करें अावेदन

sena bharti rally in kanpur
  • शुक्रवार, 17 फरवरी 2017
  • +

सीएम अखिलेश ने चाचा शिवपाल काे डाला वाेट, बाेले, बुअा जी रेस से बाहर

akhilesh yadav voting in etawah
  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top