आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

इस दफा बदले स्वरूप में नजर आएगा कजली मेला

Mahoba

Updated Fri, 27 Jul 2012 12:00 PM IST
महोबा। उत्तर भारत का मशहूर कजली मेला इस दफा बदले स्वरूप में नजर आएगा। जिला प्रशासन द्वारा मेले के आयोजन की जिम्मेदारी ले ली गई है। इतना ही नहीं प्रशासन द्वारा अधिकारियाें की अलग टीमें बनाकर मेले के भव्य आयोजन का जिम्मा सौंपा गया है। हालत यह है कि एक हजार से दो हजार तक के बीच दुकानाें का किराया लिए जाने के बाद भी लोगाें को दुकानें नहीं मिल पा रही हैं। बृहस्पतिवार को तमाम दुकानदार वापस लौट गए। प्रशासन ने हालांकि अब सरोवर के किनारे पड़ी जमीन पर नई दुकानें बनाए जाने का फैसला लिया है।
गौरतलब है कि पिछले साल कजली मेला परिसर में आने वाले दुकानदाराें से 800-1000 रुपए के बीच दुकानाें का किराया लिया गया था जबकि इस दफा 1000-2000 रुपए के बीच में दुकानाें का किराया निर्धारित किया गया है। इसके बावजूद मेला परिसर में इस साल लोगाें को दुकानें मयस्सर नहीं हो पा रही हैं। पूरे मेला परिसर में 400 से ज्यादा दुकानाें की जगह तय की गई है इसके बाद भी दुकानदार दुकानें लेने आ रहे हैं। बृहस्पतिवार को दुकानाें की जमीन लेने के लिए लोगाें की भारी भीड़ जमा रही। भारी भीड़ बढ़ने के कारण अब और दुकानें निकाले जाने के गुणाभाग में अधिकारी जुट गए हैं। 831 साल पुराने ऐतिहासिक कजली मेले को नया स्वरूप देने के लिए नए तरीके से मेले के इंतजाम किए जा रहे हैं। करीब 20 दुकानाें में हथकरघा और विभिन्न विभागाें की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। वहीं इस साल प्रशासनिक मंच एक कोने में अलग तैयार किया जा रहा है जबकि दूसरे हिस्से में आल्हा मंच रहेगा। आल्हा मंच को तैयार करने का भी कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। जहां पर एक सप्ताह तक आल्हा गायन व अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमाें की धूम रहेगी।

इनसेट -------------------
कजली मेले में आल्हा गायकाें की आमद शुरू
महोबा। कजली मेले में शिरकत करने के लिए आल्हा गायकाें की आमद शुरू हो गई है। इनके लिए अलग से आल्हा मंच तैयार किया जा रहा है जहां पर प्रतिदिन आल्हा गायन कार्यक्रम चलेगा। आल्हा गायक वंशगोपाल यादव ने बताया कि उत्तर भारत के मशहूर कजली मेले में आल्हा गायन के लिए वह साल भर तक तैयारी करते हैं लेकिन तीन माह पहले पूरी टीम के साथ रियाज करते हैं। उन्हाेंने बताया कि मेले में लाखाें की भीड़ जुटने के कारण किसी भी तरह की चूक न हो जाए, इसलिए सावन माह में वह गांव में चौपाल लगाकर ग्रामीणाें को एकजुट करके आल्हा गायन शुरू कर देते हैं। उनका कहना है कि अब साल में एक बार ही आल्हा गायन का यहां पर कार्यक्रम होता है जबकि दो दशक पहले सावन का माह शुरू होते ही जगह-जगह आल्हा गायन की महफिलें सज जाती थीं।

  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

format kajli

स्पॉटलाइट

Open Letter: हीरोइन का अपडेटेड वर्जन नाकाबिले बर्दाश्त क्यों?

  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

'रामायण' बनाने वाले की पड़पोती की तस्वीरें वायरल

  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

यह खिलाड़ी साबित हुआ भारत के लिए विभीषण

  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

बिग बी और तापसी के साथ राष्ट्रपति ने देखी 'पिंक'

  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

खुले में नहाती हैं सुष्मिता, सैफ को है बाथरूम से प्यार

  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

Most Read

ड‌िम्पल ने मोदी को बताया झूठ का प‌िटारा, कसाब को द‌‌िया नया फुलफॉर्म

dimple yadav rally in gonda
  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

पीएम मोदी के बयान से हिला पाकिस्तान, सर्जिकल स्ट्राइक-2 की तैयारी तो नहीं!

prime minister statement shock pakistan
  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

जानें, अखिलेश को मायावती से क्यों लग रहा है डर

akhilesh says against mayawati
  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

खुशखबरी : 15 अप्रैल से यहां हाेगी सेना रैली भर्ती, 13 जिलाें के अभ्यर्थी अभी करें अावेदन

sena bharti rally in kanpur
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

भड़काऊ भाषण ने खड़ा किया मुसीबतों का पहाड़, पीएम मोदी के सामने आई नई मुश्किल

pm accused of making inflammatory speeches at rally
  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

EC ने समाजवादी एम्बुलेंस से ‘समाजवादी’ शब्द ढंकने को कहा

 up chief election office orders to cover  samajwadi word from samajwadi ambulance
  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top