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58 लाख प्रतिमाह खर्च, फिर भी गांवाें में गंदगी का आलम

Mahoba

Updated Sun, 15 Jul 2012 12:00 PM IST
महोबा। गांव की सफाई के लिए प्रति माह 58 लाख व्यय होने के बावजूद गांवाें में गंदगी का आलम है। तैनात सफाई कर्मचारियाें में से अधिकतर सफाई कार्य करने के बजाए नौकर के चाकर लगाकर खानापूर्ति करके पूरी पगार उठा रहे हैं। दर्जनाें गांवाें में तो कर्मचारी सफाई करना तो दूर झांकने नहीं पहुंचते।
पंचायत राज विभाग के अधीन तैनात हुए सफाई कर्मचारियाें के सहारे गांवाें को स्वच्छ बनाने के उद्देश्याें पर अकर्मण्य सफाई कर्मचारी पानी फेर रहे हैं। जिले की 247 ग्राम पंचायताें में तैनात 448 कर्मचारियाें पर जहां प्रति कर्मचारी 12 हजार रुपए की दर से 58 लाख रुपए माह में खर्च हो रहा है। सफाई अभियान के लिए बजट का इतना बड़ा हिस्सा नियमित खर्च होने के बाद भी गांव की तस्वीर बदलने की बजाए चहुंओर गलियाें में कूड़ा और गंदगी पसरी है। आरक्षित कोटे के साथ-साथ सामान्य और पिछड़ा वर्ग के नियुक्त कर्मचारी अपने तैनाती स्थल पर कभी कभार ही पहुंचते हैं। 60 फीसदी गांवाें में सफाई कर्मचारी अपने अधीन मामूली पगार पर नौकर के चाकर लगाकर खाना पूर्ति करके अपनी नौकरी पक्की कर रहे हैं। सफाई कर्मियाें के एवज में काम करने वाले नौकर के चाकर भी सफाई को तवज्जो देने के बजाए कभी-कभार ही गांव में दिखते हैं। अव्यवस्था के इस आलम पर उच्चाधिकारी से लेकर ब्लाक स्तर के अधिकारी तक खामोश हैं। गांव के जिम्मेदार प्रधान और समाजसेवी यहां तक कहते हैं कि तैनात कर्मचारी माह में ही गांव का पाला छूने आते हैं। इसके बाद ब्लाक और मुख्यालय कार्यालय में पहुंचकर वेतन लेने के बाद गायब हो जाते हैं।
ब्लाक चरखारी के ग्राम पुन्निया, कुआं, ऐचाना, बरांय, बरदा, बसौठ, धवारी, रिवई के साथ गौरहारी, बपरेथा, कुड़ार, जरौली, चंदौली, बल्लायं में सफाई कर्मचारी माह-माह भर नहीं दिखते। इसी तरह ब्लाक कबरई के श्रीनगर, सिजहरी, बरा, सलारपुर, गहरा, पहरा, नथूपुरा, कालीपहाड़ी, बिलवई, शाहपहाड़ी और पनवाड़ी ब्लाक के महुआ बांध, बिजरारी, टोला पांतर, मसूदपुरा समेत कई गांवाें में गंदगी का माहौल है। यहां सफाई कर्मचारी महीनाें ध्यान नहीं देते। मामले पर चार दिन पहले कार्यभार ग्रहण करने वाले जिला पंचायत राज अधिकारी हरिशंकर मिश्रा का कहना है कि गांव की सफाई के लिए नैतिक जिम्मेदार तैनात कर्मचारी हैं। जल्दी ही धरातलीय जांच करवाकर लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियाें पर शिकंजा कसा जाएगा। नौकर के चाकर बनाकर काम चलाने वाले सफाई कर्मियाें पर भी नकेल कसी जाएगी।



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