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अधूरे सफर में दगा, रोडवेज बसाें से उठ रहा भरोसा

Mahoba

Updated Sun, 17 Jun 2012 12:00 PM IST
महोबा। यात्रियाें को बेहतर सुविधा का दावा करने वाले महकमे से यात्रियाें का भरोसा उठ रहा है। आए दिन अधूरे सफर में रोडवेज की बसें दगा देने से यात्री गर्मी के मौसम में हलाकान हो रहे हैं। उधर सर्वाधिक राजस्व देने वले मुस्करा और राठ मार्ग पर प्रस्तावित बसाें के बजाए तकनीकी रूप से खराब दो-चार बसें चलाई जा रही हैं जिसका लाभ उठाते हुए अनधिकृत वाहन फल फूल रहे हैं।
महोबा रोडवेज डिपो के बेड़े में शामिल 80 बसाें में से तकनीकी रूप से खराब 40 फीसदी बसाें का सुधार महकमा नहीं कर पा रहा है। इसके चलते महोबा से मुस्करा, कुलपहाड़, राठ मार्ग पर रोडवेज बसाें का अकाल सा है। प्रस्तावित बसाें के सापेक्ष औपचारिकता पूर्ति के लिए महज दो-चार बसें चलाई जा रही हैं जो जर्जर और खराब होने के कारण अधूरे सफर में खड़ी हो जाती हैं। गुणवत्ताहीन बसाें के पुराने डालकर चलाई जा रही बसें रोजाना सड़क पर खराब हो रही हैं जिसके चलते यात्रियाें को रास्ते में ही समस्या से दो चार होना पड़ता है।
डिपो को सर्वाधिक राजस्व देने वाले महोबा से मुस्करा मार्ग के लिए प्रस्तावित एक दर्जन बसाें में से महज तीन चार बसें चलाई जा रही हैं। कभी-कभी तो एक-दो बस संचालित कर दिन गुजार दिया जाता है। इस मार्ग से जुड़े एक सैकड़ा गांवाें के लोगाें का बड़ी संख्या में आवागमन होने के साथ हमीरपुर, कानपुर और मध्य प्रदेश तक आना जाना होता है। आवागमन की सुविधा बेहतर न होने के कारण अधिकतर यात्री रोडवेज बसाें के बजाए डग्गामार वाहनाें का सहारा लेते हैं। क्षेत्र के नागरिकों स्कंद तिवारी, मोतीलाल अहिरवार, नरेंद्र पटैरिया आदि ने बताया कि प्रशासन बसाें की मरम्मत पर कोई गौर नहीं कर रहा है। अधिकतर बसाें के इंजन से लेकर बसाें की बाडी तक जर्जर है। खासतौर से टायराें की दशा और खराब है। जिससे बसें अधूरे सफर में धोखा दे जाती हैं। दूर दराज के गांवाें में जाने वाले यात्री इस घटिया व्यवस्था से परेशान होते हैं। रोडवेज में बसाें के संचालन पर भी अधिकारी गौर नहीं करते। आए दिन खराब बसाें में यात्रियाें को स्वयं धक्का लगाना पड़ता है जिसके चलते यात्री डग्गामार वाहनाें को सहारा लेने को मजबूर हैं। एआरएम एके जैन का कहना है कि व्यवस्था को दुरुस्त किया जा रहा है। मार्गों की दशा खराब होने के कारण बसें जर्जर हो गई हैं फिर भी जनता की सुविधा के लिए प्रयासरत हैं।
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