आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

पिपरमेंट की खेती से उतर गया कर्ज

Mahoba

Updated Sun, 27 May 2012 12:00 PM IST
महोबा। बाद किसानाें का लाखाें रुपए कर्ज अदा होने के साथ तमाम किसान समृद्ध भी हुए है॓ इतना ही नहीं कई किसानाें ने लाखाें रुपए लागत का पिपरमेंट प्लांट भी लगा लिया है। ग्राम डिगरिया निवासी मोहन सिंह यादव के ऊपर भूमि विकास बैंक का पंपिंग सेट मशीन का 50 हजार और साधन सहकारी समिति का 20 हजार रुपए कर्ज था। जिसे अदा कर दिया। भगवानदास कुशवाहा ने पिपरमेंट की खेती के बाद तीन लाख रुपए जमा करके नया ट्रैक्टर उठा लिया। साथ ही छह लाख रुपए का पिपरमेंट प्लांट भी लगा लिया। सकुन कुशवाहा पर एक लाख रुपए साहूकाराें का, 50 हजार रुपए पंपिंग सेट मशीन और 25 हजार रुपए साधन सहकारी समिति का कर्ज था। जिसे अदा कर दिया गया। सुरेंद्र यादव ने पिपरमेंट की कृषि को अपनाकर पांच लाख रुपए का आलीशान मकान बनवा लिया और बाइक भी खरीद ली। सतीश कुशवाहा ने छह लाख रुपए का पिपरमेंट प्लांट लगा लिया और कर्ज भी अदा कर दिया। दो साल के अंदर पिपरमेंट की खेती से किसान खुशहाल हैं।
कम लागत में अधिक मुनाफा कमा रहे किसान
महोबा। कम लागत में अधिक मुनाफा होने से अब किसानाें का रुझान पिपरमेंट की खेती की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। हालत यह है कि एक बीघे में 40 हजार रुपए की फसल होती है। जबकि लागत प्रति बीघा आठ हजार रुपए आती है। पिपरमेंट की खेती तीन माह में तैयार हो जाती है। इसमें सबसे ज्यादा पानी की जरूरत पड़ती है। तीन माह में पिपरमेंट की फसल आ जाने पर किसान खेताें में तीन-तीन फसल ले रहे हैं। दो फसल में पिपरमेंट और एक फसल गेहूं, चने की करते हैं। बरसात और ठंड में पिपरमेंट की फसल सबसे ज्यादा मुफीद है। किसानाें द्वारा गांव-गांव में पिपरमेंट के प्लांट लगा लेने से अब इनका तेल भी गांव में ही खरीदा जाता है। जिसे सरहद से जुड़े मध्य प्रदेश में अच्छी कीमत पर बेचा जा रहा है।
मवई निवासी किसान लक्ष्मण पंद्रह बीघा का काश्तकार है। पांच बीघा में पिपरमेंट की खेती करने के बाद उसका परिवार खुशहाल हो गया है। इसी गांव के लल्लू कुशवाहा के पास सात बीघा जमीन है। जिन्हाेंने एक साल पहले पिपरमेंट की खेती की शुरुआत की और कृषि कार्य से खुश हैं। श्रीनगर के धनीराम कोरी पांच बीघा में पिपरमेंट की खेती करते हैं और दो बीघा में रबी की फसल उगाते हैं। उनका कहना है कि पिपरमेंट की खेती करने के बाद चार गुना आमदनी हुई है। एक बीघा में 40 हजार रुपए की फसल पैदा होती है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

farming debts

स्पॉटलाइट

Bigg Boss : सलमान ने शाहरुख पर लगाया गोभी चुराने का आरोप, भड़क गए किंग खान

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

अगर दफ्तर में सोना है तो सोएं, लेकिन जरा नजाकत से

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

सोमवार को बना है शुभ संयोग त‌िल के 6 प्रयोग से म‌िलेगा बड़ा लाभ

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

अफगानिस्तान के इस बल्लेबाज ने तोड़ा कोहली का अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

रामानंद सागर की पड़पोती ने फिर दिखाया हॉट लुक, इंस्टाग्राम पर 2 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

Most Read

शिवपाल समर्थकों ने बनाया नया संगठन, नाम जानकर हो जाएंगे हैरान

shivpal supporters created new organization
  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

माया का पलटवार, ‘सपा का काम कम, अपराध ज्यादा बोलता है’

mayawati criticizes on akhilesh manifesto
  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

अखिलेश की सूची में कुछ नाम बदले, कुछ निरस्त, यहां देखें

correction in akhilesh yadav list
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

बोले राजा भइया- नहीं है गठबंधन की जरूरत, अकेले ही जीत लेंगे चुनाव

there is no need of alliance with congress
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

बीजेपी को झटका, पूर्व विधायक ने थामा अखिलेश का हाथ

shiv singh chak joins samajwadi party
  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +

टिकट बंटवारे को लेकर बीजेपी से नाराजगी पर आया स्वामी प्रसाद मौर्या का बयान

swami prasad maurya denies news of being unhappy due ticket distribution
  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top