आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

माता पिता का सम्मान सर्वोपरि: जिला जज

Mahoba

Updated Tue, 23 Oct 2012 12:00 PM IST
महोबा। बुजुर्गों और माता पिता का सम्मान सर्वोपरि है। पुत्राें को संस्कारवान होना चाहिए। पुत्रों को अपने माता-पिता की बुढ़ापे की लाठी बनकर रहना चाहिए। इससे उनकी संतानें अच्छे संस्कार ग्रहण कर उनकी भी सेवा करेंगी। यह विचार प्रभारी जिला जज विजय शंकर उपाध्याय ने सोमवार को न्यायालय कक्ष में आयोजित विधिक साक्षरता कक्षा में रखे।
उन्हाेंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकाें को बुढ़ापे में वह सुविधाएं नहीं मिल रही हैं, जिनके वह हकदार हैं। उन्हाेंने कहा कि बैंक और रेलवे स्टेशनाें में पैसा निकालने व टिकट लेने के लिए वृद्धाें को काफी देर तक लाइन पर लगना पड़ता है। बुजुर्गों के लिए अलग व्यवस्था होनी चाहिए। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शैलेंद्र पांडेय ने कहा कि परिवार में जो बुजुर्गों का सम्मान करता है, बुढ़ापे में उसे भी सम्मान मिलता है। सिविल जज सीनियर डिवीजन राकेश कुमार वर्मा ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों को यदि बेटाें से या किसी से किसी तरह की कोई दिक्कत है, वह विधिक साक्षरता कार्यालय आकर बताएं। उनका निस्तारण कराया जाएगा। पुत्राें द्वारा परेशान करने की शिकायत पर धारा 125 के तहत कार्रवाई की जाएगी। सिविल जज जूनियर डिवीजन रामानंद ने कहा कि समय-समय पर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन करके लोगाें को कानून की जानकारी दी जाती है। जिससे वह अपने अधिकार जान सकें। लेकिन लोगाें को अपने अधिकारों की जानकारी न होने के कारण उन्हें परेशानियाें से जूझना पड़ता है।
डीएवी इंटर कालेज के पूर्व प्रधानाचार्य शिवकुमार गोस्वामी ने कहा कि समाज संस्कार विहीन होता जा रहा है। कहा कि पहले माता पिता को देवता मानते थे। आज उनके ही बेटे अपने मां बाप की सेवा नहीं कर पा रहे हैं। उन्हाेंने कहा कि बुजुर्ग सम्मान चाहता है। बुढ़ापे की उम्र में माता-पिता को सम्मान मिलने से उनके आधे दु:ख और कष्ट दूर हो जाते हैं। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बालेंद्र सक्सेना ने कहा कि आजादी के बाद से यदि वरिष्ठ नागरिकाें का ध्यान रखा गया होता तो आज बुजुर्गों के सामने दिक्कतें नहीं आतीं। अब हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने बुजुर्गों के सम्मान के लिए दिशा निर्देश दिए हैं। इस दौरान शासकीय अधिवक्ता प्रमोद खरे, शारदा प्रसाद मिश्रा, सूरज कांत द्विवेदी, चंद्रदत्त सुल्लेरे, रामअवतार सिंह, सचीश चंद्र सक्सेना, केशव शुक्ला, नियाज मोहम्मद, अरिमर्दन सिंह सहित तमाम वक्ताआें ने विचार व्यक्त किए।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

आमिर, सलमान और शाहरुख को 'बाहुबली 2' से लेने चाहिए ये 5 सबक

  • रविवार, 30 अप्रैल 2017
  • +

ये कॉमेडियंस जल्द बनेंगे एक दूसरे के 'लाइफ पार्टनर'

  • रविवार, 30 अप्रैल 2017
  • +

'बाहुबली 2' नहीं देखी तो ये आठ डायलॉग्स बयां करेंगे फिल्म की पूरी कहानी

  • रविवार, 30 अप्रैल 2017
  • +

तैयार हो जाएं, एक बार फिर लौट रहा है आपका फेवरेट शो 'हम पांच'

  • रविवार, 30 अप्रैल 2017
  • +

बुद्धि तेज करनी है तो भगवान गणेश को चढ़ाएं ये खास चीज

  • रविवार, 30 अप्रैल 2017
  • +

Most Read

अखिलेश के बर्ताव से शहीद के परिजन नाराज, सपा समर्थकों की नारेबाजी से आक्रोश

akhilesh behavior displeases family of martyr
  • रविवार, 30 अप्रैल 2017
  • +

योगी सरकार का एक और सख्त फैसला, नोट‌िस बोर्ड पर लगेगी टीचर्स की फोटो

government officers pic will be placed on   noticeboard to ensure attenence
  • शनिवार, 29 अप्रैल 2017
  • +

अब SP की फ्रायरब्रांड प्रवक्ता ने दिया इस्तीफा

pankhuri pathak resign from samajwadi party
  • रविवार, 30 अप्रैल 2017
  • +

अंकल पेंट मत करना, पापा दरोगा हैं, इसके बाद सीओ ने क्या किया

Do not paint uncle, Papa is Daroga, what did the CO do after this
  • गुरुवार, 27 अप्रैल 2017
  • +

शहीद कैप्टन के घर पहुंचे अख‌िलेश, बोले- 'अपनी ताकत का एहसास कराए सरकार'

martyr captain's body will come today
  • शनिवार, 29 अप्रैल 2017
  • +

OMG! शादी के बाद सीधे अस्पताल पहुंच गए दूल्हा-दुल्हन

Bride, groom injured in accident at Dehra Kangra Himachal Pradesh
  • रविवार, 30 अप्रैल 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top