आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

गन्ने की मिठास हो रही फीकी

Maharajganj

Updated Sun, 28 Oct 2012 12:00 PM IST
खुशहालनगर। गन्ना किसानों की उपेक्षा के चलते गन्ने की मिठास फीकी होती जा रही है। पहले किसानों को चीनी मिलों की गारंटी पर खाद और गन्ने का बीज कर्ज में उपलब्ध कराया जाता था। लेकिन यह पिछले चार साल से बंद है। इससे जिले में गन्ने की खेती कम होती जा रही है।
चीनी मिलों और केन यूनियन की आपसी सहमति से गन्ना विकास नीति तैयार की गई थी। इसके तहत केन यूनियन किसानों को कर्ज पर गन्ने का बीज और खाद उपलब्ध कराता था। कर्ज की कटौती मिलें किसानों को भुगतान देेते समय कर लेती थीं। गरीब किसानों को इससे काफी फायदा होता था। गन्ने की बुआई समय से हो जाती थी। इसके अलावा चीनी मिलें और केन यूनियन विकास कार्य भी मिलकर कराते थे। इसके तहत पुल, पुलिया और लिंग रोड का निर्माण कराया जाता था। मिलों की ओर से बनवाए गए सीसी रोड, लिंक मार्ग और पुलिया आज भी कायम हैं।
मेदिनीपुर गांव निवासी गन्ना किसान रामसुभग सिंह और परसौनी निवासी शंभूशरण सिंह का कहना है कि पहले केन यूनियन बोर्ड से प्रस्ताव पास कर प्रति किसान दो से तीन पैसे प्रति कुंतल की कटौती विकास के लिए करते थे। इससे एकत्रित रुपये से विकास के कार्य होते थे। पहले पासबुक दिखाकर खाद और बीज सस्ते कर्ज पर मिल जाते थे। लेकिन अब यह बातें पुरानी होती जा रही हैं।
इस संबंध में जिला गन्ना अधिकारी डॉ. राजेश धर द्विवेदी का कहना है कि गन्ना समितियां जिला सहकारी बैंकों से ऋण लेकर किसानों को खाद-बीज मुहैया कराती थीं। समितियां करोड़ों रुपये की देनदारी होने की वजह से घाटे में चली गईं। इससे मिलों ने उनको सहयोग देना बंद कर दिया। अब यह संभव नहीं रह गया है।
केन यूनियन घुघली के चेयरमैन शरद कुमार उर्फ बबलू सिंह का कहना है कि समितियों की हालत काफी खराब हो चुकी है। इससे किसानों को कर्ज पर खाद-बीज दिया जाना संभव नहीं है। नकद भुगतान करने पर खाद दी जा रही है। बीज वितरण की कोई व्यवस्था नहीं है।
1.15 करोड़ रुपये बकाया
गन्ना समितियों ने वर्ष 2008-09 से ऋण के रूप में खाद-बीज का वितरण बंद कर दिया है। समितियों का किसानों के जिम्मे करीब 1.15 करोड़ रुपये बकाया है। यह बकाया वर्ष 2003-04 से ही चल रहा है। हालांकि समिति हर साल किसानों के पर्ची भुगतान से कटौती का प्रस्ताव मिल के पास भेजती है, लेकिन किसान नाम बदलकर गन्ना सप्लाई कर देते हैं। इससे रिकवरी नहीं हो पा रही है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

मालदीव में छुट्टियां मना रही हैं निया शर्मा, हॉट तस्वीरें हुई वायरल

  • गुरुवार, 23 मार्च 2017
  • +

'हिन्दी मीडियम' में प्रिंसिपल की भूमिका में नजर आएंगी अमृता सिंह

  • गुरुवार, 23 मार्च 2017
  • +

हल्दी का ये नुस्खा छूमंतर करेगा पैरों की सूजन, आजमा कर देखें

  • गुरुवार, 23 मार्च 2017
  • +

VIDEO : 'टाइगर जिंदा है' का एक्शन सीन आया सामने

  • गुरुवार, 23 मार्च 2017
  • +

क्या सोनाक्षी के आगे नाचने को राजी होंगे युवराज-हेजल?

  • गुरुवार, 23 मार्च 2017
  • +

Most Read

योगीराज में सूबे की चर्चित जिलाधिकारी बी. चंद्रकला प्रतिनियुक्ति पर पहुंचीं दिल्ली

Yogiraj discussed the District Magistrate B. chandratala Delhi reached deputation
  • गुरुवार, 23 मार्च 2017
  • +

सीएम बनते ही याेगी ने लिया बड़ा फैसला, हांफने लगी यूपी की पुलिस

cm yogi adityanath first decision for up police
  • मंगलवार, 21 मार्च 2017
  • +

सीएम बनते ही सुपर एक्शन में योगी, युवाओं के लिए कर दिया ये बड़ा एेलान

cm yogi adityanath first action for youth
  • बुधवार, 22 मार्च 2017
  • +

CM योगी का नया फरमान, अब नहीं खा पाएंगे ड्यूटी पर गुटखा-पान

latest news related to cm adityanath in lucknow
  • बुधवार, 22 मार्च 2017
  • +

एक्‍शन मोड में योगी सरकार, बनारस के 15 थानों पर नए थानेदार

Yogi Sarkar in action mode, new SHO at 15 locations in varanasi
  • गुरुवार, 23 मार्च 2017
  • +

थाने में दरोगा बोला- योगी की सरकार है तो क्या पाकिस्तान भेज दोगे

If the inspector speaks about the government then what will send it to Pakistan
  • गुरुवार, 23 मार्च 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top