आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

हर छात्र की बनेगी व्यक्तिगत प्रोफाइल

Lalitpur

Updated Mon, 03 Dec 2012 05:30 AM IST
ललितपुर। विद्या के मंदिर अब पठन-पाठन तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि छात्रों के अंदर छिपी प्रतिभा को भी उभारा जाएगा। सतत एवं व्यापक मूल्यांकन कार्यक्रम में इसका समावेश किया गया है। इस कार्यक्रम के दौरान प्रत्येक स्कूली छात्र की व्यक्तिगत प्रोफाइल तैयार की जाएगी, साथ ही इसमें प्रतिदिन की हर गतिविधि का अंकन किया जाएगा।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद परिषदीय विद्यालयों में परीक्षा प्रणाली को समाप्त कर दिया गया है। इन स्थितियों में छात्राें के शैक्षिक स्तर को आंकने के लिए सतत एवं व्यापक मूल्यांकन कार्यक्रम तैयार किया जाएगा। प्रदेश के रायबरेली, बनारस, बलरामपुर, गाजियाबाद व ललितपुर में इसे लागू किया जा रहा है। इसके तहत प्रत्येक स्कूली छात्र की व्यक्तिगत प्रोफाइल तैयार की जाएगी। इसमें विषयवार शैक्षिक कार्य के साथ प्रतिदिन की अतिरिक्त गतिविधि का अंकन किया जाएगा। यही नहीं, छात्राें के शैक्षिक स्तर को आंकते हुए व्यक्तिगत प्रोफाइल प्रतिदिन अपडेट होगी। यह सब विद्यालय के शिक्षक को करना होगा। इसके अलावा अध्यापक को विषयवार पाठ्य योजना तैयार कर शिक्षण कार्य करने का प्रावधान रखा गया है।

डेढ़ घंटे का देना होगा अतिरिक्त समय
ललितपुर। सतत एवं व्यापक मूल्यांकन लागू पर शिक्षक को स्कूल समयावधि के अतिरिक्त डेढ़ घंटा देना होगा। इस दौरान शिक्षक बच्चों को दिए गए होम वर्क की जांच के साथ अगले दिन की पाठ्य योजना तैयार करेंगे।

आज होगी डायट में कार्यशाला
ललितपुर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में तीन दिसंबर को सतत एवं व्यापक मूल्यांकन से संबंधित कार्यशाला आयोजित होगी, इसमें शिक्षक, शिक्षा मित्रों को दिए जाने वाले प्रशिक्षण पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

आडे़ आ सकती शिक्षकों की कमी
ललितपुर। सतत एवं व्यापक मूल्यांकन कार्यक्रम के सार्थक परिणाम में शिक्षकों की कमी आडे़ आ सकती है। कारण, जिले में करीब सैकड़ा से अधिक विद्यालय एकल व्यवस्था में हैं, जबकि इस कार्यक्रम में विषयवार पाठ्य योजना तैयार करके शिक्षण कार्य करने की व्यवस्था गई है। प्राइमरी स्कूल में तो मूल्यांकन कार्यक्रम सफल हो जाएगा लेकिन, जूनियर स्कूलों में कार्यक्रम को धरातल पर उतारना टेढ़ी खीर साबित हो सकता है।

चुनिंदा विद्यालयों से हुई थी शुरूआत
ललितपुर। सतत एवं व्यापक मूल्यांकन कार्यक्रम का खाका बीते वर्षों में ही खींच लिया गया था। प्रदेश में ललितपुर की साख होने के कारण प्रायोगिक तौर पर यहां के चुनिंदा विद्यालयों को कार्यक्रम के लिए चुना गया, इसमें उच्च प्राथमिक विद्यालय कचनौदाकलां, उच्च प्राथमिक विद्यालय सतरवांस, प्राथमिक विद्यालय बुढ़वार, प्राथमिक विद्यालय सिविल लाइन, प्राथमिक विद्यालय पड़राई, प्राथमिक विद्यालय लखनपुरा, उच्च प्राथमिक विद्यालय पाली सिमरधा सम्मिलित रहे। कार्यक्रम के सार्थक परिणामों से उत्साहित होकर उच्चस्थ अफसरों ने इसे समूचे जनपद के साथ प्रदेश के चार और जिलों में लागू किया है।


प्रबंधकों ने नोटिस के नहीं दिए जवाब
ललितपुर। अमान्य विद्यालयों के प्रबंधक बेसिक शिक्षा अफसरों के नोटिस को तनिक भी तरजीह नहीं दे रहे हैं। यही वजह है कि अधिकतर प्रबंधकों ने नोटिस तक जवाब देना मुनासिब नहीं समझा। विभागीय अफसर भी आगे की कार्रवाई के प्रति उदासीन हैं। इस मौके का अनुचित फायदा अमान्य विद्यालयों के प्रबंधक जमकर उठा रहे हैं।
शैक्षिक सत्र की शुरूआत में जिलाधिकारी ने अमान्य विद्यालयों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी, इसमें एसडीएम सदर, डीआईओएस व बीएसए को शामिल किया गया। वहीं, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार मिश्रा ने ऐसे विद्यालयों को चिह्नित कराकर उन्हें नोटिस देने की कार्रवाई की। नोटिस देने के बाद विभागीय अफसरों ने उनकी सुध तक नहीं ली। इस स्थिति को भांप ऐसे प्रबंधक भी शिक्षा के व्यापार को बढ़ाने में जुट गए। स्थिति यह है कि जनपद में एक सैकड़ा से अधिक अमान्य विद्यालय विभागीय अफसरों की उदासीनता के चलते फलफूल रहे हैं। ऐसा ही नहीं, कि सिर्फ बेसिक शिक्षा अफसर अमान्य विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई के प्रति उदासीन हैं बल्कि समिति के सदस्यों ने पांच माह गुजर जाने के बाद भी एक बार भी एक साथ कोई कार्रवाई की। इन स्थितियों ने समूची समिति की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है।



ललितपुर। गत वर्ष बेसिक शिक्षा अफसरों ने 32 मान्यता रहित स्कूलों को चिह्नित किया था, इसमें विकास खंड बार मेें पांच, मड़ावरा में एक, बिरधा में पांच, नगर में चार, महरौनी में एक, जखौरा में 11, तालबेहट में पांच विद्यालय थे। इसके अलावा लगभग एक दर्जन विद्यालयों में अमान्य कक्षाएं संचालित मिली थी। यही नहीं, अगस्त, सितंबर माह के दौरान आधा सैकड़ा से अधिक अमान्य विद्यालयों को नोटिस दे दिए गए थे, इनमें से चंद लोगों ने ही जवाब दिए हैं।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

सीधे इंटरव्यू के जरिए डॉक्टरों की नियुक्ति, जल्द करें अप्लाई

  • बुधवार, 29 मार्च 2017
  • +

रंग को लेकर पति से हुई तुलना को यूं भड़क उठी ये एक्ट्रेस

  • बुधवार, 29 मार्च 2017
  • +

चैत्र नवरात्र को यादगार बना देंगे ये Free ऐप

  • बुधवार, 29 मार्च 2017
  • +

पीजी या फ्लैट में रहते हैं, जानें इन जरूरी बातों को

  • बुधवार, 29 मार्च 2017
  • +

डबिंग में अपने ही रेप सीन को देख हलकान हो गई ये हीरोइन, रोने लगी ज़ार ज़ार

  • बुधवार, 29 मार्च 2017
  • +

Most Read

योगी सरकार के इस ऑर्डर ने उड़ाये ‘गुरुओं के होश’

yogi government orders surprised teacher
  • बुधवार, 29 मार्च 2017
  • +

छात्रा बनकर थाने पहुंचीं सीओ ने दी तहरीर, मुंशी ने दर्ज नहीं की रिपोर्ट    

CO Vandana Sharma
  • सोमवार, 27 मार्च 2017
  • +

योगीराज में सूबे की चर्चित जिलाधिकारी बी. चंद्रकला प्रतिनियुक्ति पर पहुंचीं दिल्ली

Yogiraj discussed the District Magistrate B. chandrakala Delhi reached deputation
  • मंगलवार, 28 मार्च 2017
  • +

ग्रेटर नोएडा में केन्याई लड़की को कैब से उतारकर पीटा

nigerian girl took out of auto and brutally beaten in greater noida
  • बुधवार, 29 मार्च 2017
  • +

यूपी में अवैध कत्लखाने बंद करने पर बोले बाबा रामदेव, जानें- क्या कहा

 baba ramdev on illigal slaughter houses.
  • बुधवार, 29 मार्च 2017
  • +

तीन तलाक के विरोध में हिंदू लड़के से किया विवाह

Jodhpur: Muslim Girl Marriage With Hindu Boy
  • मंगलवार, 28 मार्च 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top