आपका शहर Close

ललितपुर में घट रही कनक की खनक

Lalitpur

Updated Sun, 25 Nov 2012 12:00 PM IST
ललितपुर। अपनी लहलहाती फसल को देख विकास से पीछे होने का दुख भूलने वाला किसान सदमे में है। सदमे की वजह है उसके खेतों से कनक की खनक का कम होना। जी हां कनक यानि गेहूं, जिसकी पैदावार प्रति हेक्टेयर 23 कुंतल से घटकर मात्र 19 कुंतल रह गयी है। यह आंकड़ा कृषि विभाग का है। विभागीय अधिकारियों को भले ही इस घटती उत्पादन क्षमता से कोई फर्क न पड़ता हो, लेकिन किसान मायूस है।
दलहनी फसलों के लिए मुफीद कही जाने वाली बुंदेलखंड की धरा पर गेहूं की भी खासी बुआई की जाती है। रबी की फसल में गेहूं का क्षेत्रफल सबसे अधिक रहता है। यह कहना गलत नहीं होगा कि रबी की बुआई के लिए निर्धारित लक्ष्य में आधा हिस्सा गेहूं का होता है। वित्तीय वर्ष 2009-10 के दौरान कुल 2,56,053 हेक्टेयर में रबी की फसल बोई गई, इसमें से 1,16,621 हेक्टेयर में गेहूं बोया गया। इसके सापेक्ष 2,79,191 मीट्रिक टन गेहूं का उत्पादन हुआ। इस लिहाज से 23.94 कुंतल प्रति हेक्टेयर उत्पादकता दर्ज की गई। वर्ष 2010-11 में 2,48,151 हेक्टेयर में रबी की फसल बोई गई। 1,25,595 हेक्टेयर में गेहूं बोया गया। 2,95,996 मीट्रिक टन गेहूं का उत्पादन हुआ। आंकड़ों के हिसाब से उत्पादकता 23.57 कुंतल प्रति हेक्टेयर रह गई। पिछले वर्ष के मुकाबले .37 कुंतल प्रति हेक्टेयर उत्पादकता में गिरावट आई। वित्तीय वर्ष 2011-12 में उत्पादकता तेजी के साथ नीचे गई। इस वर्ष 2,92,637 हेक्टेयर में रबी की फसल बोई गई। इसमें से 1,62,594 हेक्टेयर में गेहूं बोया गया। इसके सापेक्ष 3,12,388 मीट्रिक टन गेहूं का कुल उत्पादन हुआ। इस लिहाज से 19.21 कुंतल प्रति हेक्टेयर उत्पादकता पहुंच गई। वित्तीय वर्ष 2010-11 की तुलना में 2011-12 में 4.36 कुंतल प्रति हेक्टेयर उत्पादकता कम हो गई। कृषि विभाग के आंकड़े ही गेहूं की उत्पादकता में आई गिरावट की सच्चाई को बयां कर रहे हैं। जनपद का प्रमुख पेशा खेतीबाड़ी है और रबी की प्रमुख फसल गेहूं है। इस लिहाज से यह हालात किसानों के लिए खतरे की घंटी से कम नहीं है। उत्पादकता में आई गिरावट से उन्हें नुकसान हुआ है।

इनका कहना है
मौसम में हो रहे पविर्तन के कारण बुआई का समय भी परिवर्तित हो जाता है। यदि ऐसे में समय से पहले या देर से बुआई की जाए तो उत्पादन व उत्पादकता पर प्रभाव पड़ता है। गर्मी जल्द आने के कारण गेहूं के दाने भरने के बजाए सूख जाते हैं और उसका वजन कम हो जाता है। पिछले कुछ वर्षों से यही हालात बन रहे हैं।
हंसराज
उप कृषि निदेशक
कृषि विभाग ललितपुर।
Comments

Browse By Tags

lalitpur collier

स्पॉटलाइट

दिवाली पर पटाखे छोड़ने के बाद हाथों को धोना न भूलें, हो सकते हैं गंभीर रोग

  • शुक्रवार, 20 अक्टूबर 2017
  • +

इस एक्ट्रेस के प्यार को ठुकरा दिया सनी देओल ने, लंदन में छुपाकर रखी पत्नी

  • शुक्रवार, 20 अक्टूबर 2017
  • +

...जब बर्थडे पर फटेहाल दिखे थे बॉबी देओल तो सनी ने जबरन कटवाया था केक

  • गुरुवार, 19 अक्टूबर 2017
  • +

'ये हाथ नहीं हथौड़ा है': सनी देओल के दमदार डायलॉग्स, जो आज भी हैं जुबां पर

  • शुक्रवार, 20 अक्टूबर 2017
  • +

मां लक्ष्मी को करना है प्रसन्न तो आज रात इन 5 जगहों पर जरूर जलाएंं दीपक

  • गुरुवार, 19 अक्टूबर 2017
  • +

Most Read

दीपावली पर सैफई में एकजुट दिखा पूरा ‘यादव परिवार’, मुलायम-रामगोपाल के बीच हुई 'गुप्त मंत्रणा'

Mulayam family came together in Saifai
  • गुरुवार, 19 अक्टूबर 2017
  • +

पार्टी हाईकमान से नाराजगी, भाजपा में इस्तीफों की लग गई झड़ी

Hamirpur bjp mandal president resign
  • मंगलवार, 17 अक्टूबर 2017
  • +

सरकारी नौकरी का सपना होगा पूरा, निकली 5000 से ज्यादा कांस्टेबलों की भर्ती

Government job dream will be completed, more than 5000 recruitment of constables
  • शुक्रवार, 20 अक्टूबर 2017
  • +

हर कोई देखता रहा व्हाट्स एप-फेसबुक, जानिए क्यों

Everyone is watching whatsapp-facebook, know why
  • शुक्रवार, 20 अक्टूबर 2017
  • +

संतों ने जताई अंतिम इच्छा: त्रेतायुग के दर्शन तो हो गए, अब राममंदिर बन जाए

last wish of sant in ramjanpbhumi
  • गुरुवार, 19 अक्टूबर 2017
  • +

ताजमहल पर्यटन का एक बेहतरीन केंद्र, पर्यटकों के लिए सीएम योगी ने बनाई खास योजना

Chief Minister Yogi Adityanath visits Hanumangarhi Temple in Ayodhya of Uttar Pradesh
  • गुरुवार, 19 अक्टूबर 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!