आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

देवोत्थान एकादशी: आज जागेंगे पालनहार

Lalitpur

Updated Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
ललितपुर। अषाढ़ माह की देवशयनी ग्यारस को क्षीर सागर में सोए पालनहार भगवान विष्णु कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी (देवोत्थान एकादशी) को जागेंगे। इस मंगल अवसर पर घरों व मंदिरों में विराजे भगवान के श्रंगार व पूजन की तैयारियां लोगों ने पूर्ण कर ली हैं।
सनातन धर्म में मान्यता है कि भगवान विष्णु अषाढ़ माह की देवशयनी ग्यारस से चार माह के लिए क्षीरसागर में शयन करते हैं। हिंदू रीति रिवाज के अनुसार इस दौरान विवाह आदि शुभ कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाते। भगवान का यह विश्राम कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष एकादशी (देवोत्थान एकादशी) को पूर्ण होता है। इस शुभ दिन मंदिरों व घरों में विशेष पूजा अर्चना की जाती है। शंख की तेज ध्यनि से भगवान को जगाया जाता है साथ ही उन्हें नए वस्त्र पहनाए जाते हैं। शनिवार को पड़ने वाली देवोत्थान एकादशी के दिन भगवान की आराधना को सनातन धर्म में आस्था रखने वाले लोगों ने विशेष तैयारियां की हैं। विभिन्न टेलरों ने भगवान के लिए विशेष वस्त्र बनाए हैं। संकट मोचन हनुमान जी के लिए उनके चित्र वाला परदा तैयार किया गया, वहीं लड्डू गोपाल के लिए भी आकर्षक पोशाकें बनाई गई हैं। भगवान को अर्पित करने के लिए भक्तों ने आज मूंग, ज्वार भुंटी, गन्ना, मिष्ठान क्रय किया। नगर स्थित राधाकृष्ण मंदिर पुलिस लाइन, जगदीश मंदिर, पंचमुखी मंदिर, बलखंडी मंदिर, तुवन मंदिर, सीतापाठ, चंडी मंदिर, सिद्दन के हनुमान मंदिर, गोकुल घाट मंदिर, रामराजा मंदिर, नृसिंह आदि मंदिरों में देवोत्थान एकादशी की तैयारियां की गई हैं। मंदिर परिसरों में साफ सफाई का काम जोरों पर है।


ब्रह्मा की स्तुति पर जागे भगवान विष्णु: शास्त्री
नेहरू महाविद्यालय के प्राचार्य व संस्कृत विभागध्यक्ष डा. ओमप्रकाश शास्त्री ने बताया कि अषाढ़ मास की एकादशी से भगवान विष्णु क्षीर सागर में शयन करने चले जाते हैं। धार्मिक मान्यता है कि असुर मधुकेटव भगवान ब्रह्मा जी से युद्ध लड़ने चल देता है। बृह्मा जी सहित सभी देवता परेशान हो जाते हैं और वे क्षीर सागर में सो रहे भगवान विष्णु की स्तुति करते हैं। भगवान विष्णु कार्तिक माह की शुक्ल एकादशी को जागते हैं और जिसके बाद वे असुर का अंत करते हैं।


सजी रहीं आकर्षक वस्त्रों से दुकानें
ललितपुर। देवोत्थान ग्यारस पर भगवान को नए वस्त्र पहनाने की परंपरा है। यही कारण है कि बाजार में टेलर मास्टरों ने भी अनेक सजावटी कपड़े तैयार किए। टेलरों का कहना है कि नगर के मंदिरों से आर्डर पहले से ही मिल गए थे। साइज के हिसाब से कपड़े, झंडे व अन्य पोशाकें बनाई गई हैं। भगवान के झंडे, घोड़ा झूमर, पोशाकें, चादर, गद्दा सहित दुर्गा जी, हनुमान जी, सहित सभी देवी देवताओं की पोशाकें बनाईं जा रही हैं। टेलरों ने बताया कि मूर्ति वाले परदे की साल भर मांग बनी रहती है। इसे हाथ से तैयार किया जाता है, जिसमें करीब आठ दिन का समय लगता है। इसमें गोता, जरी, बकरम, लेस आदि को प्रयोग किया जाता है।


बोले भगवान के कपड़े सिलने वाले
जो श्रद्धा से मिलता है ले लेते हैं
सालभर सिर्फ भगवान के कपड़े सिलता हूं। एक से लेकर एक हजार तक रुपये तक के वस्त्र बनाता हूं। श्रद्धालु जो रुपये दे देते हैं, उन्हें भगवान का आर्शीवाद मानकर रख लेता हूं। मैंने दुकान पर आए ग्राहक को कभी पैसे के कारण वापस नहीं लौटाया।
अशोक कुमार नामदेव, टेलर

लोग साल भर भगवान के कपड़े बनवाने आते हैं। इस बार ढोल ग्यारस पर बीस मंदिरों व घरों से आर्डर मिले थे। सभी वस्त्र तैयार किये जा चुके हैं। मूर्तिवाले परदों की खासी मांग रहती है। जिसे आर्डर पर हाथ से तैयार किया जाता है।
राजेंद्र कुमार नामदेव, टेलर


बीस रुपये का बिका एक गन्ना
ललितपुर। देवोत्थान एकादशी पर बाजार में गन्ने की विशेष मांग रही। घंटाघर प्रांगण सहित विभिन्न बाजारों में गन्ने की दुकानें सजी रहीं। बाजारों में बीस रुपये प्रति के हिसाब से गन्ना की बिकवाली हुई।
देवोत्थान एकादशी पर गन्ने का विशेष महत्व है। इस दिन भगवान को गन्ने के मंडप में बिठाया जाता है और पूजा अर्चना की जाती है।
सनातन धर्म को मानने वाले लोग अपने घरों में 1, 2, 3, 5, 11 गन्नों को पूजा में शामिल करतें हैं। नगर स्थित मंदिरों में भी गन्ने का मंडप बनाकर भगवान की पूजा अर्चना की जाती है। इसके बाद दूसरे दिन गन्ने को श्रद्धालुओं में बांट दिया जाता है। नगर के वर्णी कालेज, घंटाघर, नझाई बाजार गेट, सावरकर चौक आदि स्थानों पर गन्ने की जमकर बिक्री हुई। कुछ दिनों पहले पांच से दस रुपये में बिकने वाला गन्ना त्यौहार आते ही 20 से 25 रुपये में बिका।


शुरू होंगी शादियां
ललितपुर। अषाढ़ माह की देवशयनी ग्यारस को भगवान के विश्राम पर जाने के साथ ही विवाह आदि कार्यक्रम बंद हो जाते हैं। वहीं देवोत्थान एकादशी को भगवान के जागरण करते ही विवाह आदि के शुभ मुहुर्त शुरू हो जाते हैं। यही कारण है कि आज से शहनाई गूंजने लगेगी।
  • कैसा लगा
Comments

Browse By Tags

radha jee today wake

स्पॉटलाइट

यहां हुआ अनोखे बच्चे का जन्म, गांव वालों का डर 'कहीं ये एलियन तो नहीं'

  • शुक्रवार, 22 सितंबर 2017
  • +

कोहली और KRK पीते हैं ऐसा खास पानी, एक बॉटल की कीमत 65 लाख रुपये

  • शुक्रवार, 22 सितंबर 2017
  • +

कहीं गलत तरह से शैम्पू करने से तो नहीं झड़ रहे आपके बाल, ये है सही तरीका

  • शुक्रवार, 22 सितंबर 2017
  • +

मसाज करवाकर हल्का महसूस कर रहा था शख्स, घर पहुंचते हो गया पैरालिसिस

  • शुक्रवार, 22 सितंबर 2017
  • +

यहां खुद कार चलाकर ऑपरेशन थियेटर में जाते हैं बच्चे

  • शुक्रवार, 22 सितंबर 2017
  • +

Most Read

नवरात्र में टूट सकती है सपा, मुलायम-शिवपाल बनाएंगे नई पार्टी, ये हो सकता है नाम

samajwadi party will be divided mulayam and shivpal announce new party
  • बुधवार, 20 सितंबर 2017
  • +

राज्य कर्मचारियों को सातवें वेतनमान के एरियर भुगतान का आदेश जारी, अभी करना होगा इंतजार

Arrears of seventh pay commission will be paid from December
  • शुक्रवार, 22 सितंबर 2017
  • +

सेना में भर्ती रैली की तारीखों में हुआ बदलाव, यहां जानिए नई तारीखें...

army recruitment in lucknow and faizabad
  • शुक्रवार, 22 सितंबर 2017
  • +

लाल किले के पास सेल्फी लेते-लेते ही चोरी हो गया यूक्रेन के राजदूत का मोबाइल

 Ukraine ambassador to India Igor Polikha's cellphone stolen while taking selfie near Red Fort
  • शुक्रवार, 22 सितंबर 2017
  • +

जानिए, गृहमंत्री राजनाथ सिंह के बयान पर क्या बोले रोहिंग्या ?

Know, what did Rohingya say on the statement of Home Minister Rajnath Singh
  • शुक्रवार, 22 सितंबर 2017
  • +

प्रद्युम्न हत्याकांडः रायन स्कूल के मालिकों को पुलिस ने भेजा समन, 26 को पूछताछ

pradyuman murder: gurugram police summons pinto family for interrogation and all updates in the case
  • शुक्रवार, 22 सितंबर 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!