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इश्तेहारों के बीच गुम हुए विभागों के बोर्ड

Lalitpur

Updated Mon, 19 Nov 2012 12:00 PM IST
ललितपुर। पार्टटाइम में करें पालीटेक्निक व आईटीआई, तराजू पर वोट देकर विजयी बनाएं, अब होगी सबकी बोलती बंद। सरकारी विभागों के साइन बोर्डों पर इस तरह के इश्तहारों के पर्चे मनमाने ढंग से चस्पा कर दिए गए हैं। प्रचार सामग्री चिपकाने वालों ने प्रशासन के अधिकारियों के बोर्डों को नहीं बख्शा, लेकिन इसे अफसरों की दरियादिली कहें या कुछ और अभी तक किसी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
सरकारी विभागों के बोर्ड का आम जनता के लिए विशेष महत्व है। कारण, ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोग इन बोर्डों के सहारे संबंधित विभागों तक पहुंच जाते हैं। यही नहीं दूर दराज व गैर जनपद से आने वाले लोगों को भी सरकारी कार्यालय खोजने में इन बोर्डों की वजह से दिक्कत नहीं होती। विभागीय अधिकारी इस उद्देश्य से ही बोर्ड लगवाते हैं। इसके अलावा सरकारी योजनाओं के साइन बोर्ड प्रचार प्रसार के लिए सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जाते हैं, जिससे आम जनता को योजनाओं के संबंध में जागरूक किया जा सके। लेकिन, सरकारी विभागों के साइनबोर्ड अतिक्रमण का शिकार हो गए हैं। इन पर किसी प्राइवेट कोचिंग, कालेज व अन्य कंपनियों के प्रचार वाले पोस्टर चस्पा कर दिए गए हैं। खास बात तो यह है कि प्रचार सामग्री चस्पा करने वालों ने जिलाधिकारी आवास को इंगित करते साइन बोर्ड को भी नहीं बख्शा। इस पर भी पोस्टर चस्पा कर दिए गए। नगर में सीएमओ कार्यालय के बाहर, चंद्रशेखर उद्यान पार्क के मुख्य गेट, सिंचाई विभाग के अनेक बोर्डों, कचहरी मुख्य गेट के पास, नगर पालिका व यातायात विभाग के मुख्य चौराहों पर लगे बोर्ड ऐसी प्रचार सामग्रियों से भरे पड़े हैं। यातायात विभाग के बायें चले, सुरक्षित रहें तो वहीं नगर पालिका के स्वच्छ ललितपुर के बोर्ड आपको ‘अब होगी सबकी बोलती बंद, पार्ट टाइम में करे पालीटेक्निक व आईटीआई’ कहते दिखाई देते हैं। कहीं- कहीं प्रचार सामग्री के माध्यम से अश्लीलता भी परोसी जा रही है। इन पोस्टरों के कारण अनेक स्थानों पर विभागीय बोर्ड पहचान में नहीं आते हैं। ऐसे में पहली बार आने वाले लोगों व ग्रामीणों को विभागीय कार्यालय खोजने में दिक्कत होती है। ऐसा नहीं यह हकीकत अफसरों को नजर नहीं आती लेकिन वे इस समस्या को लेकर संजीदा नहीं है। जिसकी वजह से इसका निदान नहीं हो पाता।


कैसे मिले लोगों को जानकारी
हाल यह हैं कि अधिकारियों कर्मचारियों का मुख्य स्थान कलेक्ट्रेट गेट के बाहर भी प्रचार सामग्री से बोर्ड पटे पड़े हैं। यहां पर रोज अधिकारियों का आना जाना लगा रहता है। गेट के बाहर लगे पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम बोर्ड पर लगी प्रचार सामग्री से जिलाधिकारी का नाम गुम कर दिया है। पोस्टर चस्पा करने वालों की मनमानी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है।

कार्रवाई का है प्रावधान
बिना इजाजत किसी की संपत्ति पर प्रचार सामग्री लगाने पर कार्रवाई का प्रावधान है। यदि कोई ऐसा करता है तो उसकी शिकायत जिलाधिकारी से की जाती है। जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा अनाधिकृत प्रचार सामग्री चिपकाने वालों पर कार्रवाई करता है, लेकिन यहां तो लोगों ने जिलाधिकारी आवास को दर्शाने वाले बोर्ड पर ही अनाधिकृत रूप से प्रचार सामग्री लगा रखी है।
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