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जीवनदायिनी यूनिट में बनेगा एनाउंसमेंट कक्ष

Lalitpur

Updated Tue, 13 Nov 2012 12:00 PM IST
ललितपुर। जोखिम भरे हालातों में जन्म लेने वाले नवजातों की जीवनदायिनी एसएनसीयू (सिक न्यू बोर्न केयर यूनिट) में जल्द ही एनाउंसमेंट कक्ष बनाया जाएगा। बच्चों की जरूरत को दृष्टिगत रखते हुए उनकी माताओं को उद्घोषणा करके यूनिट में बुलवाया जाएगा।
दरअसल, इस व्यवस्था से पहले जिला महिला चिकित्सालय स्थित एसएनसीयू में दो वार्ड आया नवजात बच्चों की देखरेख करती थीं। बच्चों की साफ- सफाई से लेकर भूख लगने पर मां को बुलवाकर दूध पिलवाने का जिम्मा इन्हीं वार्ड आया का था। लेकिन, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) की नई गाइड लाइन में न सिर्फ दोनों वार्ड आया के पद समाप्त कर दिए गए, अपितु स्वीपर भी हटा लिए गए, तभी से नवजात शिशुओं की देखभाल भगवान भरोसे चल रही है। हालांकि, यूनिट में पदस्थ स्टाफ नर्सों से देखभाल के लिए कहा गया है, लेकिन उनकी दोहरी जिम्मेदारी के कारण नवजात बच्चों की उचित देखभाल नहीं हो पा रही है। इस स्थिति से निपटने के लिए प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने यूनिट में एनाउंस कक्ष विकसित करने की योजना तैयार की है। एनाउंस कक्ष से जुड़े लाउडस्पीकर यूनिट से जुड़े वार्डों में लगाए जाएंगे, जिससे यूनिट में भर्ती शिशुओं की माताओं को बच्चों की जरूरत के हिसाब से बुलवाया जा सके।



वार्डों से यूनिट तक बनेगी लिंक लाइन
आमतौर पर जिला महिला चिकित्सालय में भर्ती सभी प्रसूताओं को एसएनसीयू की सेवाओं के बारे में कोई जानकारी नहीं है। इस कारण नवजात को किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर उनके तीमारदार उन्हें लेकर इमरजेंसी कक्ष अथवा चिकित्सकों की तलाश में भटकते रहते हैं। ऐसे मरीजों को बच्चों की स्वास्थ्य सेवाओं को ध्यान में रखते हुए जिला महिला चिकित्सालय के प्रभारी सीएमएस ने महिलाओं के सभी वार्डों में एसएनसीयू की सेवाओं की जानकारी देने के लिए बोर्ड लगवाने तथा वार्ड से यूनिट तक एक लिंक लाइन बनवाई जाएगी, जिससे वे किसी भी मदद के बगैर एसएनसीयू पहुंचकर नवजात बच्चों का उपचार करा सकें।


इनका कहना है
‘नवजात बच्चों को एसएनसीयू की सेवाओं का लाभ दिलाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। सीमित संसाधन के बावजूद नवजातों के इलाज में कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।’
डा. हरेंद्र सिंह चौहान
प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
जिला महिला चिकित्सालय, ललितपुर।


‘एसएनसीयू में वार्ड आया की महत्वपूर्ण भूमिका को दृष्टिगत रखते हुए एनआरएचएम की नई पीआईपी में उनके पद बहाल किए जाने के प्रस्ताव बनाए जाएंगे, ताकि नवजातों की उचित ढंग से देखरेख की जा सके। ’
डा. आरसी निरंजन
मुख्य चिकित्सा अधिकारी, ललितपुर।
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