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समग्र ग्राम विकास की नहीं बन सकी कार्ययोजना

Lalitpur

Updated Wed, 17 Oct 2012 12:00 PM IST
ललितपुर। राज्य सरकार भले ही डा. राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही हो पर जनपद का विकास विभाग इसको लेकर गंभीर नहीं है। प्रभारी मंत्री की ओर से चयनित ग्रामों की सूची अफसरों को मिल जाने के बावजूद अभी तक संबंधित विभागों को कार्य योजना तैयार करने के निर्देश तक नहीं दिए गए।
कन्या विद्या धन, बेरोजगारी भत्ता के साथ- साथ डा. राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना सपा सरकार की अति महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है। ग्रामीण इलाकों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए यह योजना संचालित की गई है। राज्य सरकार ने जिला योजना के प्रभारी बनाए गए परिवहन मंत्री अरिदमन सिंह को ग्रामों के चयन की जिम्मेदारी सौंपी है। बीती चार अक्तूबर को प्रभारी मंत्री ने वित्तीय वर्ष 2012-13 के लिए जैरवारा, काला पहाड़, नगवांस, पुराकलां, तेरई, थाना, धनगौल, गौना, गुढ़ा बुजर्ग, बैरवारा, ककरुआ, कैलगुआं, उदयपुरा, मर्रौली, पटउवा, बिरधा, सतरवांस, पठा विजयपुरा व कुरौरा गांवों का चयन डा. राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना के तहत करते हुए सूची प्रशासनिक व विकास विभाग अफसरों को सौंप दी, साथ ही तय कार्यक्रमों को लेकर कार्य योजना बनाने व गुणवत्तापूर्ण विकास कार्य तेजी के साथ कराने के निर्देश दिए। बावजूद इसके विकास विभाग अफसरों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। मंत्री से गावों की सूची मिले एक परखवारा गुजरने को है पर विकास विभाग के अधिकारियों ने कार्य योजनाएं तैयार करने के संबंध में संबंधित विभागों को अभी तक एक पत्र नहीं भेजा। अफसरों का यह रुख देख विभिन्न विभागों के अधिकारी भी हैरत में हैं। उल्लेखनीय है कि चयनित ग्रामों में एक दो नहीं छत्तीस कार्यक्रम संचालित किए जाने हैं। लोक निर्माण, बिजली, ग्रामीण अभियंत्रण सेवा सहित निर्माण कार्यों से जुड़े विभिन्न विभागों को कामों के प्रस्ताव तैयार हैं, जिसके बाद टेंडर प्रक्रिया पूर्ण करवाकर कामों को समय से पूर्ण करवाना है, जो अब वर्तमान वित्तीय वर्ष में संभव नजर नहीं आ रहा है। मौजूदा वित्तीय वर्ष के छह महीने गुजर चुके हैं और प्रस्ताव तैयार करने और टेंडर प्रकाशित कराने में एक माह का समय गुजर जाएगा। ऐसे में काम करवाने के लिए अधिकारियों को सिर्फ चार महीने का समय मिल पाएगा।
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