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सरकारी अस्पतालों में मिलेंगी आयुर्वेदिक दवाइयां

Lalitpur

Updated Sun, 23 Sep 2012 12:00 PM IST
ललितपुर। सरकारी अस्पतालों में पदस्थ आयुष चिकित्सक अब अपनी पद्धति के अनुरूप ही मरीजों का उपचार करेंगे, इससे आयुर्वेदिक दवाइयों की कमी आड़े नहीं आएगी। औषधि की खरीद एवं भंडारण को एनआरएचएम के तहत लगभग आठ लाख रुपये की पहली खेप अवमुक्त कर दी है।
पिछले दिनों एनआरएचएम के निदेशक मुकेश कुमार मिश्राम ने आयुष औषधि की खरीद व भंडारण के संबंध में जिला कार्यक्रम प्रबंधक को विस्तृत दिशा निर्देश दिए, इसमें कहा गया है कि जनपद में आवश्यक आयुष औषधियों की आवश्यकता का आंकलन एवं निर्धारण प्रत्येक तीन महीने में किया जाए। औषधि के क्रय एवं भंडारण के लिए जिलाधिकारी एवं अध्यक्ष जिला स्वास्थ्य समिति की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जाएगी, जिसमें मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला होम्योपैथिक अधिकारी, क्षेत्रीय आयुर्वेद, यूनानी चिकित्साधिकारी, वित्त एवं लेखा अधिकारी कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक एनआरएचएम सदस्य नामित होेंगे। कार्यक्रम प्रबंधक एनआरएचएम डा. आर के करवरिया ने बताया कि आयुष के औषधि की खरीद के लिए लगभग आठ लाख रुपये की धनराशि अवमुक्त हो चुकी है। एनआरएचएम की ओर जारी दिशा निर्देशों के तहत दवाइयों की खरीद कर आयुष चिकित्सकों को मुहैया कराई जाएगी, ताकि सरकारी अस्पतालों में पदस्थ चिकित्सक अपनी विधा से रोगियों का उपचार कर सकें। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2008-09 में आयुर्वेदिक पद्धति के तहत उपचार को बढ़ावा देने के लिए एनआरएचएम के तहत आईएसएम (ंइंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन) लेडी डाक्टरों को चयनित किया था। वर्ष 2009-10 में सरकार ने यह महसूस किया गया कि दूर दराज के गांव में एक एक आयुष चिकित्सक संविदा पर रख दिया जाए, ताकि स्थानीय ग्रामीणों का आयुर्वेदिक पद्धति से उपचार हो सके। वर्ष 2010-11 में इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए एनआरएचएम के तहत आयुष फार्मासिस्टों को भी तैनाती दी गई, लेकिन बाद में सभी को हटा दिया गया, जिस पर लेडी डाक्टर, आयुष चिकित्सकों एवं फार्मासिस्टों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जहां सरकार की ओर से तर्क दिया गया कि आयुष चिकित्सक की पद्धति से संबंधित मेडिसिन उपलब्ध न होने की वजह से उनसे सेवाएं नहीं ली जा सकती हैं। इस पर हाईकोर्ट ने आयुष चिकित्सकों एवं फार्मासिस्टों के नवीनीकरण के साथ उनकी पद्धति से संबंधित मेडिसिन मुहैया कराने के आदेश दिए, जिसके अनुपालन में वर्ष 2012-13 के लिए आयुष औषधि की खरीद एवं भंडारण के लिए आवश्यक धनराशि अनुमोदित की गई।
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