आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

754 सफाई कर्मी, एक करोड़ वेतन फिर भी गंदगी

Lalitpur

Updated Thu, 23 Aug 2012 12:00 PM IST
ललितपुर। बहुजन समाज पार्टी सरकार के दौरान ग्रामीण इलाकों को स्वच्छ रखने के लिए सफाई कर्मचारियों की हुई भरती जिले में अपना उद्देश्य पूर्ण नहीं कर पा रही है। 754 सफाई कर्मचारियों पर हर माह लगभग एक करोड़ रुपये वेतन खर्च करने के बावजूद ग्रामीण इलाके गंदगी से पटे पड़े हैं। इन हालातों में संक्रामक रोग ग्रामीणों को अपना शिकार बना रहे हैं।
बुंदेलखंड स्थित अति पिछड़े कहे जाने वाले ललितपुर जनपद के ग्रामीण इलाकों में सफाई व्यवस्था का ढांचा ही मौजूद नहीं था। यही हाल सूबे के विभिन्न जनपदों का था। ग्रामीण इलाकों को साफ सुथरा रखने के लिए पिछली बहुजन समाज पार्टी सरकार ने राजस्व ग्राम स्तर पर सफाई कर्मचारियों की नियुक्तियां कीं। जनपद में 340 ग्राम पंचायतों में मौजूद 754 राजस्व ग्रामों में एक- एक सफाई कर्मचारी रखा गया। जिला पंचायत राज विभाग के निर्देशन में तरह कुल 754 सफाई कर्मचारियों को सफाई व्यवस्था के लिए नियुक्त किया गया। सभी को राजस्व ग्रामों में तैनाती दे दी गई। मोटी तनख्वाह लेने के बावजूद उक्त कर्मचारी सफाई के कार्य में खास रुचि नहीं दिखा रहे हैं। मौजूद समय में देखा जाए तो किसी भी कर्मचारी का प्रतिमाह वेतन 12,000 रुपये से कम नहीं है। इस लिहाज से शासन को हर महीने नब्बे लाख अड़तालीस हजार रुपये सफाई कर्मचारियों की तनख्वाह पर खर्च करने पड़ रहे हैं। मोटी धनराशि वेतन पर खर्च करने के बावजूद ग्रामीण इलाकों के तैनाती स्थलों पर सफाई कर्मचारी नहीं पहुंचते हैं। जिसकी वजह से लगभग सभी गांवों में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। प्रमुख सड़कों से लेकर छोटी गलियों तक में गंदगी पसरी पड़ी है। नालियां बजबजा रही हैं। यहां तक कि परंपरागत जल स्रोतों व हैंडपंपों के आसपास भी जमा गंदगी को साफ करने में कर्मी रुचि नहीं दिखा रहे हैं। इन हालातों में संक्रामक रोग पैर पसारने लगे हैं। कई ग्रामीण इलाकों में लोग उल्टी दस्त से परेशान हैं। उपचार को गई संक्रामक रोग नियंत्रण टीम ने अपनी रिपोर्ट में हैंडपंपों के पास गंदगी जमा होने की बात कही फिर भी सफाई के लिए महकमा गंभीर दिखाई नहीं दे रहा है। विभागीय अफसरों ने हालातों से आला अफसरों को अवगत करवा दिया है।

इनका कहना है
ग्रामीण इलाकों में सफाई व्यवस्था के हालात वाकई में चिंताजनक हैं। सफाई कर्मचारी तैनाती स्थल पर जाकर सफाई कार्य करने में रुचि नहीं दिखाते हैं। जल्द ही संक्रामक रोगों पर नियंत्रण के लिए सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने को अभियान चलाया जाएगा।
जेवी सिंह
जिला पंचायत राज अधिकारी ललितपुर
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

754 cleaning personnel

स्पॉटलाइट

क्या ये गाने आपको पुराने दौर में ले जाते हैं, सुनकर कीजिए तय

  • सोमवार, 20 फरवरी 2017
  • +

उपन्यासकार वेद प्रकाश शर्मा की ये कहानी आपके दिल को छू जाएगी

  • सोमवार, 20 फरवरी 2017
  • +

हर उभरती हीरोइन को कंगना से सीखनी चाहिए ये 6 बातें, सफलता चूमेगी कदम

  • सोमवार, 20 फरवरी 2017
  • +

WhatsApp लाया अब तक का सबसे शानदार फीचर, आपने आजमाया क्या ?

  • सोमवार, 20 फरवरी 2017
  • +

बेसमेंट के वास्तु दोष को ऐसे करें दूर

  • सोमवार, 20 फरवरी 2017
  • +

Most Read

काशी की महिला ज्योतिषियों ने बताया यूपी चुनाव का परिणाम

femal astrologers from kashi tell about result of up electionp
  • सोमवार, 20 फरवरी 2017
  • +

पांच दिन बंद रहेंगे बैंक

Banks closed five days
  • गुरुवार, 16 फरवरी 2017
  • +

यूपी चुनाव 2017 : एक गांव में एक वोट पड़ा दूसरे में एक भी नहीं, कारण जानकर रह जाएंगे हैरान

vilagers  voting boycott in kanpur
  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

खुशखबरी : 15 अप्रैल से यहां हाेगी सेना रैली भर्ती, 13 जिलाें के अभ्यर्थी अभी करें अावेदन

sena bharti rally in kanpur
  • मंगलवार, 21 फरवरी 2017
  • +

भितरघात की चिंगारी से झुलसती सपा

spark of sabotage scorched SP
  • मंगलवार, 21 फरवरी 2017
  • +

नेताजी से मिले सुब्रमण्यम स्वामी अाैर मुलायम के लिए कुछ यूं निकाला अलफाज

Subramanian Swamy meet mulayam singh yadav
  • सोमवार, 20 फरवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top