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मांगे चार, एडी ने दिए दो डॉक्टर

Lalitpur

Updated Wed, 22 Aug 2012 12:00 PM IST
ललितपुर। स्टाफ की कमी झेल रहे जिला महिला चिकित्सालय के हालातों को देखते हुए अपर निदेशक झांसी ने चार की जगह मुख्य चिकित्सा अधिकारी को दो डाक्टरों की तैनाती के निर्देश दे दिए हैं। यह चिकित्सक हफ्ते में तीन दिन अपनी सेवाएं देंगे।
पंद्रह अगस्त के अंक में ‘अमर उजाला’ ने ‘दो चिकित्सक और 80 पलंग का अस्पताल’ खबर के माध्यम से जिला महिला चिकित्सालय के मौजूदा हालातों को उजागर किया था। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. सुमन अस्थाना ने अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार लाने के लिए अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण झांसी को पत्र लिखकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महरौनी में पदस्थ डा. पूजा धूपिया, पीएचसी बार में पदस्थ डा. रजनी बजाज, पीएचसी बिरधा में पदस्थ डा. कल्पना राजपूत एवं पीएचसी जखौरा में कार्यरत डा. आशुतोष मेले को महिला चिकित्सालय में तैनात करने की मांग की थी। मांग पत्र में स्पष्ट किया गया था कि चारों चिकित्सक महिला चिकित्सालय में सेवाएं देने को तैयार हैं। पर, अपर निदेशक ने सिर्फ दो चिकित्सकों को भेजने की मंजूरी दी है। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. आर सी निरंजन को पत्र लिखकर डा. पूजा धूपिया व डा. आशुतोष मेले को महिला चिकित्सालय में तीन दिन सेवाएं दिलाने के निर्देश दिए हैं।
उल्लेखनीय है कि महिला चिकित्सालय में रेडियोलॉजिस्ट, पैथालॉजिस्ट व एक्सरे टेक्नीशियन भी नहीं हैं। इसके अलावा नर्सिंग स्टाफ, सिस्टर, वार्ड ब्याय व चतुर्थ श्रेणी स्टाफ भी मानक के अनुसार नहीं हैं, जिससे मरीजों को उपचार व प्रसव के लिए परेशान होना पड़ता है।


नाकाफी है एडी की पहल
ललितपुर। जिला महिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य सेवाएं पटरी पर लाने के लिए अपर निदेशक की पहल नाकाफी है। नए भेजे गए चिकित्सक सिर्फ तीन दिन सेवाएं देंगे। साथ ही उन्हें तैनाती स्थल वाले स्वास्थ्य केंद्रों का भी कामकाज देखना होगा। भाग- दौड़ के कितना समय दे पाएंगे, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।

नहीं हो पा रहे सिजेरियन
जिला महिला चिकित्सालय में औसतन पैंतीस से चालीस प्रसव प्रतिदिन कराए जाते हैं, लेकिन ऐनेस्थीसिया विशेषज्ञ व अन्य चिकित्सकों की कमी के कारण सिजेरियन प्रसव नहीं हो पा रहे हैं। जबकि, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत मातृ शिशु मृत्युदर में कमी लाने के लिए संस्थागत प्रसव कराने पर जोर दिया जा रहा है।
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