आपका शहर Close

चौकियों में दारोगा, दीवान व सिपाहियों का टोटा

Lalitpur

Updated Tue, 07 Aug 2012 12:00 PM IST
ललितपुर। नगर में बढ़ रहे अपराधों पर अंकु श लगाने में स्टाफ की कमी बड़ी चुनौती बनकर उभर रही है। कोतवाली क्षेत्र की अधिकांश चौकियाें में निर्धारित स्टाफ का टोटा है। दो चौकियां तो दारोगा के बगैर ही चल रही हैं। महज, दो चौकियां ऐसी हैं, जहां सिपाहियाें की संख्या पर्याप्त है। ऐसे हालातों में अफसरों के समक्ष यह प्रश्न उठना लाजिमी है कि कम स्टाफ के रहते अपराधों पर नियंत्रण कैसे हो पाएगा?
इतना ही नहीं, कोतवाली क्षेत्र की चौकियों में कर्मचारियों की संख्या कई वर्ष पुरानी है। पिछले वर्षों में नगरीय क्षेत्रफल व आबादी में जिस तरह इजाफा हुआ है, उस अनुपात में कर्मचारियों के नियतन में बढ़ोत्तरी होनी जरूरी है, लेकिन यहां आलम यह है अधिकांश चौकियां पुराना नियतन ही पूरा नहीं करतीं। कोतवाली की सबसे महत्वपूर्ण चौकी सदर में एक उपनिरीक्षक, चार हेडकांस्टेबिल एवं चौंतीस सिपाही होने चाहिए, इसके सापेक्ष यहां एक उपनिरीक्षक तथा सत्रह सिपाही मौजूद हैं। इन्हीं, सिपाहियों में से पांच लगातार कोतवाली में तैनात रहते हैं तथा इन्हीं में से चेतक मोबाइल की ड्यूटी लगती है। चौकी नईबस्ती में एक उपनिरीक्षक, एक हेडकांस्टेबिल एवं दस सिपाहियों के सापेक्ष एक उपनिरीक्षक एवं छह सिपाही मौजूद हैं। इसी तरह चौकी दैलवारा में एक उपनिरीक्षक, एक हेडकांस्टेबिल एवं छह सिपाहियों के सापेक्ष एक उपनिरीक्षक तीन सिपाही मौजूद हैं। गोविंदसागर बांध चौकी एवं जेल चौकी में एक भी उपनिरीक्षक नहीं है। गोविंद सागर बांध चौकी में हमेशा ताला पड़ा रहता है। इन दोनों चौकियों में एक-एक हेडकांस्टेबिल व दो-दो सिपाही ही तैनात हैं। हालांकि मंडी चौकी में एक उपनिरीक्षक, एक हेडकांस्टेबिल एवं आठ सिपाहियों के सापेक्ष एक उपनिरीक्षक एवं नौ सिपाही मौजूद हैं। इसी तरह नेहरू नगर में एक उपनिरीक्षक, एक हेडकांस्टेबिल एवं आठ सिपाहियों के सापेक्ष एक उपनिरीक्षक व आठ सिपाही मौजूद हैं, लेकि न बाक़ी चौकियों में स्टाफ का अभाव प्रभारियों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।

रिपोर्टिंग चौकी बिरधा में भी मानक अधूरे
ललितपुर। कोतवाली की रिपोर्टिंग चौकी बिरधा में भी कर्मचारियों के मानक अधूरे हैं। यहां एक उपनिरीक्षक, एक हेडकांस्टेबिल एवं छह सिपाहियों के सापेक्ष एक उपनिरीक्षक व दो सिपाही ही तैनात हैं। उधर रिपोर्टिंग चौकी राजघाट में महज एक दीवान का टोटा है।
ुविभागीय जानकारों का कहना है कि अधिकांश सिपाही मुफीद जगह पोस्टिंग चाहते हैं। यही कारण है कि चुनिंदा चौकियाें को छोड़कर अधिकांश चौकियों में कर्मचारियों का टोटा बना हुआ है।
Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

प्रथा या मजबूरी: यहां युवक युवती को शादी से पहले बच्चे पैदा करना जरूरी

  • रविवार, 22 अक्टूबर 2017
  • +

बिहार की लड़की ने प्रेमी की डिमांड पर पार की सारी हदें, दंग रह गए लोग

  • रविवार, 22 अक्टूबर 2017
  • +

अपने पार्टनर के सामने न खोलें दिल के ये राज, पड़ सकते हैं लेने के देने

  • रविवार, 22 अक्टूबर 2017
  • +

Bigg Boss 11: जुबैर के बाद एक और कंटेस्टेंट सलमान के निशाने पर, जमकर ली क्लास

  • रविवार, 22 अक्टूबर 2017
  • +

अदरक का एक टुकड़ा और 5 चमत्कारी फायदे, रोजाना करें इस्तेमाल

  • रविवार, 22 अक्टूबर 2017
  • +

Most Read

इस सीट से चुनाव लड़ेंगे सीएम वीरभद्र के बेटे विक्रमादित्य, हाईकमान ने दी हरी झंडी

himachal assembly election 2017 Vikramaditya Singh to file nomination from shimla rural seat
  • रविवार, 22 अक्टूबर 2017
  • +

अब बंद कमरों से बाहर आ गई भाजपा की बगावत, नहीं थम रहे बागी सुर

himachal assembly election 2017 rebellion in bjp
  • रविवार, 22 अक्टूबर 2017
  • +

यात्री धक्के खाते रहे, केंद्रीय मंत्री के ओएसडी के लिए ट्रेन में लगवाई गई अतिरिक्त बोगी

extra train coach for minister's osd
  • रविवार, 22 अक्टूबर 2017
  • +

जनाजे में पटाखे की चिंगारी गिरने पर हुआ बवाल 

Fight because of spark of cracker
  • रविवार, 22 अक्टूबर 2017
  • +

हिमाचल प्रदेश: मिनटों में गिरा करोड़ों का पुल, हवा में 'लटके' ट्रक और कार

Six injured after a bridge collapsed in Chamba of Himachal Pradesh
  • शनिवार, 21 अक्टूबर 2017
  • +

पार्टी हाईकमान से नाराजगी, भाजपा में इस्तीफों की लग गई झड़ी

Hamirpur bjp mandal president resign
  • मंगलवार, 17 अक्टूबर 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!