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छात्रों की कम उपस्थिति पर मुख्यमंत्री चिंतित

Lalitpur

Updated Sat, 28 Jul 2012 12:00 PM IST
ललितपुर। करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी प्राथमिक विद्यालयों में छात्रों की कम उपस्थिति को लेकर सूबे के मुख्यमंत्री चिंतित हैं। स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति राष्ट्रीय औसत तक लाने के लिए मुख्यमंत्री ने गुरुओं से सीधा संपर्क साधा है। उन्होंने गुरूजनों को पाती लिखकर बच्चों की उपस्थिति कम से कम 74 फीसदी तक लाने को कहा है।
चौदह वर्ष तक के हर बच्चे को प्राथमिक शिक्षा मुहैया कराने के लिए सर्व शिक्षा अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत स्कूल चलो अभियान में शिक्षक व अफसर बच्चों का नामांकन कराने में सफल तो हो रहे हैं, लेकिन नामांकन के सापेक्ष विद्यालयों में उनका ठहराव औसत से कम है। वर्ष 2011-12 के दौरान प्राथमिक विद्यालयों में नामांकन के सापेक्ष छात्रों की औसत उपस्थिति 57 प्रतिशत रही, जो राष्ट्रीय औसत से लगभग 17 फीसदी कम है। प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश सिंह ने इस स्थिति पर असंतोष व्यक्त किया और राष्ट्रीय औसत के बराबर 74 प्रतिशत लाने का आह्वान किया। उन्होंने गुरुजनों के नाम लिखी पाती में यह भी कहा कि पत्र के प्राप्त होने तक नये शिक्षण सत्र में पठन-पाठन का दौर प्रारंभ हो चुका होगा। इस दौरान छात्रों को सर्वप्रथम पाठ्यपुस्तकों की आवश्यकता होती है, इसे ध्यान में रखकर नई पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। कार्य पुस्तिकाओं का वितरण तीस जुलाई को कराया जाएगा। प्रदेश सरकार ने समय से सभी पाठ्यपुस्तकें विद्यालय में ही उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है। इसके अलावा पहली बार कक्षा एक से आठ के सभी विद्यार्थियों को बगैर जाति, वर्ग, धर्म का भेद किए दो सेट स्कूल यूनीफार्म नि:शुल्क उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है, इसके लिए आवश्यक धनराशि की व्यवस्था बजट में की जा चुकी है। दो अक्तूबर को प्रदेश के सभी विद्यालयों में सभी छात्र छात्राओं को नि:शुल्क यूनीफार्म वितरण करने की व्यवस्था की जा रही है। मध्याह्न भोजन योजनांतर्गत सभी बच्चों को मिड डे मील शैक्षिक सत्र के प्रारंभ से ही उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध कर लिए गए हैं। नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत छह से चौदह वर्ष के प्रत्येक बालक-बालिका को नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार दिया गया है। प्रत्येक बच्चे को आवश्यक शैक्षिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। उम्मीद ही नहीं वरन विश्वास है कि प्रदेश के विकास के लिए नई पीढ़ी के निर्माण में आप महत्वपूर्ण योगदान देंगे और छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय संकल्प की पूर्ति में सहयोग करेंगे।
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