आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

नेतृत्व की कमी से जूझ रहे छात्र संगठन

Lalitpur

Updated Tue, 24 Jul 2012 12:00 PM IST
ललितपुर। स्कूल, कालेजों में दाखिले की समस्या से जूझ रहे छात्रों को खुद अपनी लड़ाई लड़ना पड़ रही है। कारण, राजनीतिक दलों के छात्र संगठन प्रवेश समस्या के निदान को अभी तक आगे नहीं आए हैं। नेतृत्व के अभाव में छात्रों की आवाज बुलंद नहीं हो पा रही है। आलम तो यह है कि वर्तमान में जनपद में छात्र राजनीति में कोई मशहूर नाम भी नहीं है। ऐसे में छात्र संगठनों को नेतृत्व की कमी खल रही है।
एक समय था जब जिले की राजनीति में छात्रनेताओं का अच्छा खासा रुतबा था। छोटे से लेकर बड़े आंदोलन की अगुवाई छात्र नेताओं के द्वारा ही की जाती थी। छात्रों की मामूली समस्या पर भी घंटाघर के मैदान पर धरना प्रदर्शन हुआ करते थे। वर्तमान समय में जिले में माध्यमिक से लेकर उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश को लेकर मारामारी मची है। कक्षा नौ से लेकर 11, बीएससी, बीकाम, बीए में छात्रों को प्रवेश नहीं मिल पा रहा हैं। जीजीआईसी ललितपुर में कक्षा 11 के कला वर्ग में एक भी प्रवेश फार्म नहीं विक्रय किया। कारण, कालेज की छात्राओं से ही सारी सीटें फुल हो र्गईं। जिले के सभी कालेजों में दाखिले की समस्या दिनों दिन गहरा रही है। इसके अलावा नेहरू महाविद्यालय में सीटों की संख्या कम होने की वजह से करीब दो हजार छात्रों को बीए प्रथम वर्ष में प्रवेश के लाले पड़ गए हैं। राजकीय महाविद्यालय में भी बीकाम करने के इच्छुक छात्रों को डीएम का दरवाजा खटखटाना पड़ रहा है। छात्रों की इन विकराल समस्याओं के बीच छात्र संगठनों की खामोशी बड़ा सवाल खड़ा करती है।
विद्यार्थी परिषद के जिला संयोजक गौरव गौतम का कहना है कि प्रवेश समस्या के संबंध में वे डीएम से चर्चा करेंगे। वहीं छात्र सभा के जिलाध्यक्ष राजीव यादव ने मुख्यमंत्री को खत लिखने की बात कही है। बयानों में भले ही छात्र नेताओं के पास हर सवाल का जवाब है, लेकिन धरातल पर छात्र संगठनों का काम नजर नहीं आ रहा है।

छात्रों में पैठ की कमी
छात्र संघ चुनाव विद्यार्थी संगठनों के लिए संजीवनी का काम करते रहे हैं। मायावती सरकार ने सत्तारूढ़ होते ही इन चुनावों पर रोक लग गई थी। इसके बाद छात्र संगठनों की गतिविधियां धीरे- धीरे सिमटने लगी। मुख्यमंत्री अखिलेश ने छात्र संगठनों में जान फूंकने के उद्देश्य से गद्दी पर बैठते ही चुनाव बहाली की घोषणा कर दी। लेकिन, छात्र संगठनों के पदाधिकारी अभी तक विद्यार्थियों में पैठ बनाने में सफल नहीं हो सके हैं। वर्तमान में संगठनों की गतिविधियां कार्यकारिणी विस्तार व बैठकों तक ही सीमित रह गई हैं।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

student organization

स्पॉटलाइट

कुछ इस अंदाज में उसेन बोल्ट ने ‘अपनी होली' को और रंगीन बनाया

  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +

नाचते लड़कों को हाथ दिखाकर पति चुनती हैं यहां की लड़कियां

  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +

इस लड़के की सही उम्र बताइए जरा, लाखों खा चुके हैं धोखा

  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +

ऑस्कर 2017: घोषणा किसी की, अवॉर्ड किसी को

  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +

Oscars 2017: विजुअल इफेक्ट्स में 'द जंगल बुक' ने मारी बाजी

  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +

Most Read

सपा मंत्री के काफिले पर हमला, 9 भाजपाई गिरफ्तार

attack on  sp minister awadesh prasad
  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +

बागी मंत्री को अख‌िलेश ने क‌िया कैब‌िनेट से बाहर

vijay mishra expelled from akhilesh cabinet
  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

पीएम मोदी के बयान से हिला पाकिस्तान, सर्जिकल स्ट्राइक-2 की तैयारी तो नहीं!

prime minister statement shock pakistan
  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +

ड‌िम्पल ने मोदी को बताया झूठ का प‌िटारा, कसाब को द‌‌िया नया फुलफॉर्म

dimple yadav rally in gonda
  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

झारखंड: महिला कर्मचारियों को मिलेगी दो विशेष छुट्टी

Jharkhand:women will get 2 special leave under sarva shiksha abhiyan
  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

खुशखबरी : 15 अप्रैल से यहां हाेगी सेना रैली भर्ती, 13 जिलाें के अभ्यर्थी अभी करें अावेदन

sena bharti rally in kanpur
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top