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शासन के गले में अटकी 19 गांवों की ‘प्यास’

Lalitpur

Updated Thu, 28 Jun 2012 12:00 PM IST
ललितपुर। बांसी व उसके आसपास स्थित उन्नीस गांवों की प्यास बुझाने से संबंधित योजना शासन में अटक कर रह गई है। अधिशासी अभियंता निर्माण इकाई जल निगम की ओर से पत्राचार किए जाने के पश्चात सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता ने अपनी सहमति देते हुए 6.21 एमएलडी पानी शहजाद बांध से दिए जाने की अनुमति शासन से मांगी है। काफी दिन बीत जाने के बावजूद शासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।
झांसी- ललितपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के पास स्थित बांसी कस्बे की आबादी के लिए गर्मी का मौसम काटना बहुत ही दुखदायी रहा है। कारण यह कि यहां हर साल ही पीने के पानी की विकराल समस्या खड़ी हो जाती है। मौजूदा व्यवस्था के अनुसार शहजाद नदी के किनारे बने इंटेकवेल से पानी की आपूर्ति कस्बे व आसपास के गांवों में की जाती है। गर्मी के मौसम में नदी सूख जाने के कारण पेयजल आपूर्ति की यह व्यवस्था फेल हो जाती है और पानी के लिए हाहाकार मचने लगता है। हर वर्ष गर्मी के मौसम में बांसीवासियों ने पेयजल आपूर्ति दुरुस्त करने के लिए बड़े आंदोलन किए। जिसके मद्देनजर जल निगम निर्माण शाखा ने आलापुर, लखनपुरा, बांसी, असऊपुरा, काली पहाड़ी, पिपरा, राजपुर, छिपाई, कल्यानपुरा, मुहर्रा, नयाखेरा, खिरिया खुर्द, बरी कलन, बरी खुर्द, रमपुरा, सेरवास, तेरी, हर्षपुर व टेनगा गांवों में रहने वाले लोगों की प्यास बुझाने के लिए सर्वेक्षण किया। इस दौरान पाया गया कि शहजाद बांध के पानी से उक्त ग्रामीण इलाकों की प्यास बुझाई जा सकती है। इसके बाद अधिशासी अभियंता जल निगम निर्माण इकाई ने योजना को अमली जामा पहनाने के लिए बांध का 6.21 एमएलडी पानी आरक्षित करने की कवायद शुरू कर दी थी। उन्होंने सिंचाई विभाग अधिशासी अभियंता, अधीक्षण अभियंता और मुख्य अभियंता को समस्या पर प्रकाश डालते हुए कई पत्र लिखे। बताया जाता है कि उक्त अधिकारियों ने अपनी सहमति जताते हुए आला अफसरों को अपनी राय से अवगत करवा दिया। साथ ही मुख्य अभियंता सिंचाई ने काफी दिनों पहले बांध का पानी आरक्षित किए जाने के लिए शासन को भी पत्र लिखा था। जिसके बाद पानी आरक्षित होने की उम्मीद बढ़ गई। शहजाद बांध का पानी आरक्षित हो जाने के बाद इन ग्रामीण इलाकों की पेयजल समस्या हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगी, लेकिन काफी दिन गुजर जाने के बाद भी इस ओर शासन ने ध्यान नहीं दिया है। शासन की अनदेखी के कारण सारे प्रयास विफल होते दिखाई दे रहे हैं।
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