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एक साल में भी पूरी नहीं हो सकी सड़क

Lakhimpur

Updated Mon, 10 Dec 2012 05:30 AM IST
पालिका और बिजली विभाग में आरोप-प्रत्यारोप
विनोद भारद्वाज
लखीमपुर खीरी। लगभग 21 लाख की लागत से बन रहे शहर के प्रमुख रोडवेज बस अड्डा रोड के निर्माण को एक बार फिर अड़चनों के रोडे़ झेलने पड़ रहे हैं। निर्माण शुरुआत होने पर काम एक बार फिर रुक गया है। इस मामले में बिजली विभाग और पालिका प्रशासन के बीच बिजली पोलों को हटवाए जाने को लेकर नया अड़ंगा लग गया है। दोनो एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। इधर, अधर में लटके इस मामले के कारण शहर के लोगों को आवागमन में काफी मुसीबतें झेलनी पड़ रही हैं।
शहर का प्रमुख जर्जर हो चुका रोडवेज बस अड्डा मार्ग किसी भी बाहरी व्यक्ति को शहर में घुसते ही यहां की गलत तस्वीर पेश करता है। नगर पालिका की प्रशासनिक व्यवस्था में करीब एक साल पहले स्टांप शुल्क के 21 लाख रुपये से स्वीकृत हुए इस मार्ग के निर्माण में बिजली के पोल आड़े आए। दरअसल, इस रोड पर डिवाइडर बनाया गया है, जो अधूरा पड़ा है। इसमें बिजली के साइड पोलों को बीच में लेना था, लेकिन पहले विधानसभा चुनाव और फिर नगर पालिका का चुनाव निर्माण में बाधा बना रहा। हाल ही में प्रशासनिक अधिकारियों की पहल पर कमेटी बनाकर इसके समाधान का रास्ता निकाला गया। लेकिन, समाधान को सभी बिंदु तय हो जाने के बाद दो विभागों के ‘विवाद’ का रोड़ा इस मार्ग निर्माण में फिर आड़े आ गया। इससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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पालिका का बिजली विभाग पर दोषारोपण
नगर पालिका के निर्माण जेई मुकेश जायसवाल ने बताया कि रोड बनने में शुरू से ही अड़चने रहीं। बिजली विभाग को कहा गया है कि साइड में लगे पोलों को हटवाकर नए पोलों पर लाइन लेलें। लेकिन, आश्वासन के बाद भी वह ऐसा नहीं कर रहे हैं। काम में इसलिए फिर अड़चन आ गई है। उन्हें पटरी साइड तक रोड का ढाल बनाना है। इससे काम प्रभावित होगा। ठीक से ढाल भी नहीं बन सकेगा।
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बिजली अधिकारी बताते हैं अपनी मजबूरी
बिजली विभाग के जेई मनोज पुष्कर ने बताया कि डिवाइडर बनाने से पूर्व तय हुआ था कि डिवाइडर पर पोल लगेंगे। पोल लगा दिए गए लेकिन पुराने पोलों से लाइन तब हटाई जाए, जब डिवाइडर का काम पूरा हो ताकि हाईटेंशन लाइन नए पोलों पर देते समय किसी दुर्घटना की आशंका न रहे। नगर पालिका डिवाइडर पहले बना दे तो पोलों को सपोर्ट मिल जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। इसीलिए वह भी कुछ नहीं कर पा रहे।
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