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धान खरीद को लगा जोर का झटका

Lakhimpur

Updated Tue, 20 Nov 2012 12:00 PM IST
एफसीआई ने शुरू नहीं किया चावल भंडारण
गोदामों पर नहीं हुई तकनीकी सहायकों की तैनाती
लखीमपुर खीरी। धान उपज की अच्छी लागत पाने की उम्मीद में किसानों को जोर का झटका लगा है। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) ने जिला खीरी समेत प्रदेश के सभी जिलों में डेढ़ माह बाद भी चावल का भंडारण (उतार) शुरू नहीं किया है। भंडारण शुरू करना तो दूर अब तक गोदामों पर तकनीकी सहायकों (टीए) की तैनाती नहीं की गई है, जो भंडारण शुरू न होने का अहम कारण माना जा रहा है। भंडारण प्रक्रिया बंद होने से धान खरीद चरमरा गई है। हालात यह हैं कि राज्य की एजेंसियों ने लक्ष्य के सापेक्ष आठ फीसदी खरीद कर हाथ खड़े कर दिए हैं, क्योंकि भंडारण एफसीआई को करना है।
जिले में एक महीने बाद अक्तूबर के बजाय नवंबर से धान खरीद की शुरुआत हुई थी, लेकिन इसके बाद रफ्तार बढ़ने की जगह सुस्त हो गई है। इससे छोटे व मझोले किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल सका है। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के सरकारी दावे भी हवा-हवाई साबित हुए हैं। अब तक जिले में सरकारी एजेंसियों ने 5872 एमटी धान खरीद की है, जो लक्ष्य 77200 एमटी का महज आठ फीसदी ही है। बताना जरूरी होगा कि दिवाली के पहले खरीद दस फीसदी थी, लेकिन दिवाली के बाद घटकर आठ फीसदी रह गई। भंडारण शुरू न होने के चलते राज्य की एजेंसियों ने भी धान खरीद की गति धीमी कर दी है। इन विपरीत हालात से एजेंसियों को भले ही कोई फर्क पड़े या न पड़े, लेकिन सबसे ज्यादा झटका किसानों को लगना तय है। क्योंकि एजेंसियों के पास भंडारण की समस्या उत्पन्न होने से बिचौलियों की पौ-बारह हो गई है। किसानों को मजबूरन औने-पौने दामों पर धान बेचना मजबूरी होगा। अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि केंद्र सरकार की एजेंसी एफसीआई के एकमात्र क्रय केंद्र पर अब तक धान खरीद जीरो है। जिला प्रबंधक एके गुप्ता की माने तो अभी तक मानक के अनुसार धान नहीं आ रहा है।
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एफसीआई के गोदामों पर चावल का उतार शुरू न होने से धान की खरीद प्रभावित हुई है। गोदामों पर तकनीकी सहायक तैनात न होने से संकट गहरा गया है। इस समस्या की बाबत आरएफसी और एफसीआई के उच्चाधिकारियों और फूड कमिश्नर को पत्र भेजकर अवगत कराया गया है।
-सीबी उत्तम, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी
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गत वर्ष चावल भंडारण में क्वालिटी में कमी पाई गई थी, जिसके चलते प्रदेश भर के तकनीकी सहायकोें को चार्जशीट किया गया था। इसके चलते खीरी समेत अन्य जिलों में भी चावल का भंडारण अभी शुरू नहीं हो सका है। जिले में करीब आठ तकनीकी सहायकों की जरूरत है। एक तकनीकी सहायक प्रतिदिन 2700 एमटी चावल पास कर सकता है। तकनीकी सहायकों की तैनाती होते ही भंडारण शुरू कराया जाएगा।
-एके गुप्ता, जिला प्रबंधक, एफसीआई
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