आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

गांवों में विकास थमने पर जिम्मेदार ‘कौन’

Lakhimpur

Updated Mon, 12 Nov 2012 12:00 PM IST
लखीमपुर खीरी। गांवों में विकास का पहिया थमता नजर आ रहा है, क्योंकि केंद्र सरकार से मिलने वाले बजट का आवंटन चालू वित्तीय वर्ष में नहीं हुआ है। जबकि आधे सत्र से अधिक समय बीत चुका है। वहीं पिछले वित्तीय वर्ष में खर्च की गई धनराशि का हिसाब देने में पिछड़ी 710 ग्राम पंचायतों के खाता संचालन पर रोक लगा दी गई है, जिससे भी गांवों के विकास का गणित गड़बड़ा गया है। अफसर पशोपेश में हैं कि इन विपरीत हालातों के लिए ‘असल’ जिम्मेदार कौन है। लिहाजा इसका निर्णय न होने के चलते ग्राम पंचायत अधिकारियों व प्रधानों को नोटिस देने तक ही कार्रवाई सिमट कर रही गई।
शासन ने प्रियासाफ्ट पर फीडिंग कराना वर्ष 2010-11 से अनिवार्य कर दिया था। बताते चलें कि इससे पूर्व ग्राम पंचायतों को उपभोग प्रमाण देना होता था, जिसकी प्रगति भी न के बराबर थी। करीब दो साल पूर्व भी डीपीआरओ ने उपभोग प्रमाण पत्र न देने वाली ग्राम पंचायतों पर शिकंजा कसने का प्रयास किया था। हालांकि कोई कारगर कार्रवाई नहीं हुई थी। प्रियासाफ्ट पर ब्यौरा देने में फिर से ग्राम पंचायतें फिसड्डी साबित हुई हैं। कार्रवाई के नाम पर एडीओ पंचायत व ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को चेतावनी दी गई है, जिसका कोई असर नहीं दिख रहा।
बाक्स
चालू वर्ष में पंचायतों को मिले 11.34 करोड़
चालू वित्तीय वर्ष में 995 ग्राम पंचायतों को राज्य वित्त आयोग से बतौर पहली किस्त 11.34 करोड़ का बजट दिया जा चुका है। जबकि तेरहवें वित्त आयोग से बजट नहीं मिला है। वहीं 15 क्षेत्र पंचायतों को 1,63,68,000 रुपये की धनराशि दी जा चुकी है।
बाक्स
नियत तिथि के बाद बढ़ जाती है समय सीमा
कारणों के बारे में सूत्र बताते हैं कि ग्राम पंचायत में होने वाले कार्यों में सेक्रेटरी के साथ ही प्रधान की बराबर की हिस्सेदारी रहती है। डीपीआरओ ने अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को नोटिस देकर दबाव बनाना शुरू किया है, लेकिन कार्रवाई करने से कदम पीछे हटा रहे हैं। बताते चलें कि करीब एक साल से ऐसी ही कशमकश जारी है। हर बार समय सीमा खत्म होने के बाद नई समय सीमा जारी हो जाती है। इससे विषम स्थितियां उत्पन्न हो रहीं है, जिसकी जिम्मेदारी तय करने में अधिकारी पशोपेश में हैं। तकनीकी कारणों के चलते प्रधानों के खिलाफ कार्रवाई करने से अफसर कतरा रहे हैं।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

इंस्टाग्राम की नई क्वीन बनीं कैटरीना, एक दिन में हुए इतने फॉलोअर्स

  • शनिवार, 29 अप्रैल 2017
  • +

अधूरी रह गई विनोद खन्ना की आखिरी ख्वाहिश...

  • शनिवार, 29 अप्रैल 2017
  • +

बाहुबली ने बॉक्स ऑफिस में रचा इतिहास, खान तिकड़ी के ये रहे कमाई के रिकॉर्ड?

  • शनिवार, 29 अप्रैल 2017
  • +

इस मंदिर में पुरुषों का प्रवेश है निषेध, जानें कैसे कर पाते हैं पूजा

  • शनिवार, 29 अप्रैल 2017
  • +

अपडेटेड रेंज रोवर अगले साल तक होगी लॉन्च

  • शनिवार, 29 अप्रैल 2017
  • +

Most Read

अखिलेश के बर्ताव से शहीद के परिजन नाराज, सपा समर्थकों की नारेबाजी से आक्रोश

akhilesh behavior displeases family of martyr
  • शनिवार, 29 अप्रैल 2017
  • +

योगी सरकार का एक और सख्त फैसला, नोट‌िस बोर्ड पर लगेगी टीचर्स की फोटो

government officers pic will be placed on   noticeboard to ensure attenence
  • शनिवार, 29 अप्रैल 2017
  • +

अब SP की फ्रायरब्रांड प्रवक्ता ने दिया इस्तीफा

pankhuri pathak resign from samajwadi party
  • शनिवार, 29 अप्रैल 2017
  • +

शहीद कैप्टन के घर पहुंचे अख‌िलेश, बोले- 'अपनी ताकत का एहसास कराए सरकार'

martyr captain's body will come today
  • शनिवार, 29 अप्रैल 2017
  • +

अंकल पेंट मत करना, पापा दरोगा हैं, इसके बाद सीओ ने क्या किया

Do not paint uncle, Papa is Daroga, what did the CO do after this
  • गुरुवार, 27 अप्रैल 2017
  • +

योगी की चेतावनी- 9 से 6 ऑफिस में ही दिखें, कभी भी बज सकता है फोन

press con of minister shrikant sharma
  • शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top