आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

गरीबों को इस बार ठंड से बचाव भी पड़ेगा महंगा

Lakhimpur

Updated Wed, 31 Oct 2012 12:00 PM IST
लखीमपुर खीरी। गरीबों के लिए इस साल जाड़े से बचाव करना कुछ ज्यादा ही महंगा पड़ने वाला है। इस बार ऊनी कपड़ों के मूल्य में 25 से 50 फीसदी तक बढ़ोतरी हो गई है। गद्दा और रजाई बनाने के लिए रूई भी महंगे दामों पर बिक रहीं हैं। इस साल अच्छी रूई 120 से 140 रुपये प्रति किग्रा है। इस तरह एक सामान्य रजाई बनाने में आठ सौ से एक हजार रुपये तक खर्च करना पड़ रहा है। इस महंगाई से गरीबों को कंपकंपी छूटने के बजाय परेशानी के पसीने छूट रहे हैं।
महंगाई और मौसम की मार सबसे ज्यादा गरीबों पर ही पड़ती है। उनकी आय में उस दर से बढ़ोतरी नहीं हो रही है जिस रफ्तार से महंगाई बढ़ रही है। सर्दी का मौसम शुरू हो चुका है। हर आम व्यक्ति गर्म कपड़ों और रजाई गद्दों की तैयारी में जुट गया है। गरीबों के लिए इस बार गर्म कपड़े और रजाई-गद्दे बना पाना महंगा साबित हो रहा है। कपड़ों की महंगाई के चलते लोग स्वेटर, जैकेट आदि खरीदने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।
बाजार का जायजा लेने पर सामने आया कि गर्म कपड़ों के दामों में 25 से 50 फीसदी तक बढ़ोतरी र्हुई है। स्वेटर, शॉल, जैकेट और कंबल के दाम डेढ़ गुने तक बढ़ गए हैं। जो स्वेटर एक हजार रुपये में मिल जाता था वह अब 1400 से 1500 रुपये में मिल रहा है। इसी तरह जैकेट के मूल्यों में काफी इजाफा हुआ है। मौजूदा समय में कोई अच्छी जैकेट डेढ़-दो हजार से कम में नहीं मिल रही है।
उधर ऊनी कपड़ों के मूल्य बढ़ने के साथ कोट आदि की सिलाई भी बढ़ गई है। उधर, ऊन के दामों में इजाफा होने से घरों में स्वेटर बनाना भी महंगा पड़ रहा है। बच्चों के ऊनी कपड़ों के दाम तो आसमान छू रहे हैं। ऐसे में बच्चों को ठंड से बचाना भी आम लोगों के लिए दिक्कत तलब होगा। अगर एक परिवार में पांच लोग हैं तो उनके लिए गर्म कपड़ों की व्यवस्था करने में कम से कम आठ दस हजार रुपये का खर्च करना पड़ेगा।
इस बार सबसे ज्यादा महंगाई का असर रूई पर नजर आ रहा है। सामान्य रूई 120 तक तो अच्छी रूई 140 रुपये तक बिक रही है। सिंगिल बेड की रजाई बनाने के लिए रजाई का खोल कम से कम तीन सौ रुपये में मिलेगा। तीन किग्रा रूई चार सौ बीस रुपये में और भराई का खर्च साठ रुपये मिलाकर एक सामान्य रजाई बनाने में करीब आठ सौ रुपये का खर्च आएगा। गर्म कपड़ों की इस महंगाई से आम लोगों को सर्दियां बढ़ने के साथ पसीने छूटने लगे हैं।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

Film Review: कॉफी विद डी: रोचक विषय की भोंथरी धार

  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

क्या फ‌िर से चमकेगा युवराज का बल्ला और क‌िस्मत, जान‌िए क्या होने वाला है आगे

  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

BHIM एप के 1.1 करोड़ डाउनलोड, जानिए क्यों बाकी पेमेंट एप से बेहतर

  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

कार का अच्छा माइलेज चाहिए तो पढ़ लें ये टिप्स

  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

FlashBack : इस हीरोइन ने इंडस्ट्री छोड़ दी पर मां-बहन के रोल नहीं किए, ताउम्र रहीं अकेली

  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

Most Read

शिवपाल समर्थकों ने बनाया नया संगठन, नाम जानकर हो जाएंगे हैरान

shivpal supporters created new organization
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

अखिलेश की सूची में कुछ नाम बदले, कुछ निरस्त, यहां देखें

correction in akhilesh yadav list
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

बोले राजा भइया- नहीं है गठबंधन की जरूरत, अकेले ही जीत लेंगे चुनाव

there is no need of alliance with congress
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

खाते में आ गए 49 हजार, निकालने पहुंची तो मैनेजर ने भगाया

49000 come in account without permission of account hoder
  • शनिवार, 14 जनवरी 2017
  • +

बीजेपी को झटका, पूर्व विधायक ने थामा अखिलेश का हाथ

shiv singh chak joins samajwadi party
  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +

सपा ने गठबंधन में नहीं दी जगह, अब रालोद ने घोषित किए प्रत्याशियों के नाम

RLD declares its candidates for UP election.
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top