आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

परंपरागत फसलों से दूर हो रहे किसान

Lakhimpur

Updated Fri, 12 Oct 2012 12:00 PM IST
जूट और मसालों की फसलें हुईं लुप्त, मेंथा, फल, सब्जियों की ओर रुझान
लखीमपुर खीरी। जिले में परंपरागत फसलों से किसानों का मोह भंग होता जा रहा है। पहले जिले में बहुतायत से पैदा होने वाली जूट और मसालों की फसलें लुप्त हो चुकी हैं। उनकी जगह गन्ने की फसल ने ले ली है। पिछले दस-पंद्रह वर्षों से यहां केला, आदि फलों के अलावा मेंथा और सब्जियों की खेती शुरू हुई है। कृषि वैज्ञानिकों की माने तो भूमि की उर्वरा शक्ति कायम रखने के लिए फसल चक्र में निरंतर बदलाव जरूरी है।
0000
जिले के किसान अब नहीं उगाते जूट
खीरी में पैदा होने वाली जूट जिले की पहचान थी। इसकी मांग पूरे देश में थी। जूट विपणन के लिए सहकारी जूट संघ स्थापित किया गया था, जो अब दूसरे व्यवसाय कर रहा है।
0000
तराई से गायब हुई मसालों की गमक
जिले के निघासन और धौरहरा तहसीलों में हल्दी, मिर्चा, धनिया, मेथी का उत्पादन बड़ी मात्रा में होता था। निघासन में मिर्चा की बड़ी मंडी लगती थी। दूर-दूर तक सूखती मिर्च की लालिमा से बड़े-बड़े मैदान लाल हो जाते थे। यहां के मसालों को खरीदने के लिए बाहरी प्रांतों के व्यापारी पहले से डेरा डाले रहते थे।
0000
दलहनी फसलों का उत्पादन भी हुआ कम
दलहनी फसलों में मेहनत और समय ज्यादा लगने और उत्पादन अपेक्षाकृत कम होने से किसानों को दलहनी फसलों की ओर से भी मोह भंग हो रहा है। अब यहां अरहर, उरद और मसूर आदि दलहनी फसलों का उत्पादन कम हुआ है। तिलहन के उत्पादन में भी भारी कमी आई है। तिल का उत्पादन तो करीब-करीब खत्म ही हो गया है। सरसों का उत्पादन जिले में जरूर है जो किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है।
जिले में एक-एक कर नौ चीनी मिलों की स्थापना से जिले में गन्ने के उत्पादन में भारी बढ़ोतरी हुई है। गन्ना किसानों की समृद्धि का माध्यम भी बना।
00000
किसान कर रहे सब्जियों की खेती
किसानों ने मेंथा, केला, स्ट्राबेरी और सब्जियों की खेती शुरू की है। धौरहरा क्षेत्र के बेंहटा, परसिया, अदलीशपुर, हरदी और रामनगर लहबड़ी और बांकेगंज कस्बे के आसपास किसानों की समृद्धि का साधन बन रही है। इसी तरह लखीमपुर, बेहजम, मितौली और फूलबेहड़ ब्लाकों में मेंथा की खेती में बढ़ोतरी हुई है।
0000
फसल चक्र में बदलाव से बढ़ती है उर्वरा शक्ति
लगातार खेत में एक ही फसल बोने से भूमि की उर्वरा शक्ति में कमी आती है। फसल चक्र में बदलाव से भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ती है। इधर गन्ने के साथ दूसरी सहायक फसलें लेना भी फायदेमंद हो सकता।
-धीरेंद्र सिंह, जिला कृषि अधिकारी
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

Toyota Camry Hybrid: नो टेंशन नो पोल्यूशन

  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +

क्या करीना कपूर ने बदल दिया अपने बेटे तैमूर का नाम ?

  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +

Oscars 2017: घोषणा किसी की, अवॉर्ड किसी को

  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +

कजरारे कजरारे के बाद फिर बेटे बहू के साथ दिखेंगे बिग बी

  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +

क्या आप भी दवा को तोड़कर खाते हैं? उससे पहले पढ़ें ये खबर

  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +

Most Read

सपा मंत्री के काफिले पर हमला, 9 भाजपाई गिरफ्तार

attack on  sp minister awadesh prasad
  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +

खुशखबरी : 15 अप्रैल से यहां हाेगी सेना रैली भर्ती, 13 जिलाें के अभ्यर्थी अभी करें अावेदन

sena bharti rally in kanpur
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

बागी मंत्री को अख‌िलेश ने क‌िया कैब‌िनेट से बाहर

vijay mishra expelled from akhilesh cabinet
  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

पीएम मोदी के बयान से हिला पाकिस्तान, सर्जिकल स्ट्राइक-2 की तैयारी तो नहीं!

prime minister statement shock pakistan
  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +

पुलिस अंकल जबरदस्ती करते रहे और मैं चिल्लाती रही

mai chilaati rahi
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

ड‌िम्पल ने मोदी को बताया झूठ का प‌िटारा, कसाब को द‌‌िया नया फुलफॉर्म

dimple yadav rally in gonda
  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top