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एक हजार आवेदन पत्र मिले गड़बड़

Lakhimpur

Updated Sat, 22 Sep 2012 12:00 PM IST
खुलने लगी समाज कल्याण विभाग में घोटाले की कोशिश की पर्ते
सीडीओ ने जांच को लगाए 15 जिला स्तरीय अधिकारी
अक्तूबर के पहले सप्ताह तक जांच पूरी कर रिपोर्ट के निर्देश
लखीमपुर खीरी। समाज कल्याण विभाग में शादी-बीमारी अनुदान घोटाले की कोशिश की पर्त खुलती जा रही है। मुख्य विकास अधिकारी सुरेंद्र विक्रम सिंह की देखरेख में शुरू हुई जांच के प्रथम चरण में ही स्वीकृत हो चुके करीब एक हजार आवेदन पत्र अपात्र पाए गए हैं। करीब दो हजार आवेदन पत्रों की जांच के लिए 15 जिला स्तरीय अधिकारी लगाए गए हैं। सीडीओ ने जांच रिपोर्ट अक्तूबर के पहले हफ्ते में उपलब्ध कराने को कहा है।
विकास भवन स्थित समाज कल्याण विभाग कार्यालय में शादी, बीमारी अनुदान, पारिवारिक लाभ योजना आदि में दलालों और कुछ कार्यालय स्टाफ के लोगों की मिली भगत से घोटाला करने की शिकायतें जब-तब प्रकाश में आती रही हैं, लेकिन जब भी कभी इस तरह की शिकायतें हुई कुछ दिन बाद दबा दी गईं। नतीजतन पात्र व्यक्तियों को मिलने वाला लाभ दलाल, अपात्र और कुछ कार्यालय के कर्मचारी लेते रहे। कुछ दिन पहले भी इस तरह की शिकायतें प्राप्त हुईं तो सीडीओ सुरेंद्र विक्रम सिंह ने इसे गंभीरता से लिया। सीडीओ ने बताया कि समाज कल्याण विभाग में करीब 3000 आवेदन फार्म स्वीकृत हो चुके थे, लेनिक धन नहीं भेजा गया था। जिसकी उन्होंने जांच कराई। प्रथम दृष्ट्या जांच में ही शादी अनुदान के 884 तथा बीमारी अनुदान के 23 आवेदन पत्र अपात्र पाए गए। सीडीओ ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए शेष बचे आवेदन पत्रों की ब्लाकवार जांच कराई जा रही है। जिले के सभी 15 विकास खंडों के लिए जांच को एक-एक जिला स्तरीय अधिकारी नियुक्त कर दिया गया है। यह अधिकारी पहले चरण में उन गांवों से प्राप्त आवेदन पत्रों की जांच करेंगे जहां से पांच से अधिक आवेदन पत्र प्राप्त हुए हो। ऐसे गांवों की सूची तैयार कराई जा रही है। शेष आवेदन पत्रों की जांच एसडीएम से कराई जाएगी। सीडीओ ने बताया कि स्थानांतरण के बाद भी समाज कल्याण विभाग के कुछ कर्मचारी सीट पर डटे हुए थे, उन सभी को रिलीव कर दिया गया है। इसके अलावा समाज कल्याण विभाग दफ्तर में तैनात लिपिक भूपराम का पटल बदल दिया गया है। ऐसा इस लिए किया गया है ताकि जांच में किसी तरह की कोई दिक्कत न आ सके। सीडीओ ने बताया कि उन्होंने अक्तूबर के पहले सप्ताह में जांच रिपोर्ट मंगाई है। रिपोर्ट में जो भी दोषी पाए जाएंगे, सभी के खिलाफ एफआईआर और अन्य विधिक/विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।
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