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पलिया-दुधवा के बीच ट्रेनों का आवागमन ठप

Lakhimpur

Updated Fri, 21 Sep 2012 12:00 PM IST
रेल पटरी पर पहुंचा बाढ़ का पानी, कई गांव घिरे
सैकड़ों यात्री फंसे, अलर्ट घोषित
लखीमपुर खीरी/पलिया। शारदा, घाघरा, सुहेली नदियां उफान पर हैं। जिले के कई इलाके बाढ़ से घिर गए हैं। गोंडा-मैलानी रेल ट्रैक पर नकउहा पुल के पास सुहेली की बाढ़ के पानी में पटरियां डूब जाने के कारण पलिया-दुधवा स्टेशनों के बीच ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया गया है।
बरेली से चलकर गाेंडा तक जाने वाली 52256 और मैलानी से गोंडा जाने वाली 52260 पैसेंजर ट्रेन को यहीं रोक लिया गया है। अब पानी उतरने तक बरेली, लखनऊ, मैलानी से आने वाली सभी ट्रेनें पलिया तक आएंगी और गोंडा की ओर से आने वाली ट्रेनों का संचालन दुधवा स्टेशन तक ही होगा। गोंडा, बहराइच, तिकुनियां और पलिया, मैलानी, लखनऊ, बरेली जाने वाले सैकड़ों यात्री इन स्टेशनों पर फंस गए हैं।
रेलवे के सीनियर अधिकारी कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंच गए हैं। ट्रैक का निरीक्षण किया जा रहा इसके बाद ही पता चल सकेगा कि इन स्टेशनों के बीच ट्रेनों का संचालन कब तक शुरू होगा।
उफनाई शारदा का पानी पलिया के मोहल्ला माहिगिरान, इकरामनगर, काकुरपुरियान, कृष्णा नगर, ढ़ाकिन, सुभाष नगर आदि में भर गया। बाढ़ के पानी ने फायर स्टेशन, डिग्री कॉलेज, चीनी मिल आदि को भी अपनी गिरफ्त में ले लिया है। पलिया क्षेत्र के ग्राम ऐठपुर में शरण लेने जा रही एक महिला की गोद से आठ माह का बच्चा पानी में गिर गया, उसकी डूब कर मौत हो गई। बाढ़ के चलते पलिया-संपूर्णानगर, पलिया-भीरा, पलिया-पटिहन मार्गों पर आवागमन ठप हो गया है। संपूर्णानगर, निघासन, तिकुनियां क्षेत्र के दर्जनों गांव अब भी बाढ़ की चपेट में हैं। सदर ब्लाक के भी आधा दर्जन गांव बाढ़ से घिर गए हैं। प्रशासन ने अलर्ट घोषित कर दिया है।
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पलिया के कई मोहल्लों में घुसा सुहेली का पानी
लखीमपुर खीरी। शारदा, घाघरा, सुहेली नदियों के उफान पर होने से जिले के कई इलाकों में बाढ़ का व्यापक असर रहा। संपर्क मार्गों पर पानी बहने के कारण तमाम स्थानों पर बसों और अन्य वाहनों का आवागमन बाधित हो गया। पलिया शहर के कई मोहल्लों के अलावा चीनी मिल परिसर और कॉलोनी में भी बाढ़ का पानी भर गया। निघासन, तिकुनियां क्षेत्र के भी तमाम गांव बाढ़ के पानी से घिरे हैं। प्रशासन ने कहीं भी बचाव और राहत कार्य शुरू नहीं किया है। ऐठपुर में महिला की गोद से गिरे एक आठ माह के बच्चे की जहां मौत हो गई वहीं पलिया में एक बाइक सवार पानी भरी सड़क को पार करते तेज धार में बह गया।
पलियाकलां। उफनाई शारदा का पानी बीएचएल चीनी मिल, डिस्टलरी, एमडीएफ प्लांट में घुस गया है। इसके अलावा चीनी मिल कॉलोनी, ढाकिन, महमूदनगर आदि मोहल्लों में भी कई कई फिट बाढ़ का पानी भर जाने से पलिया-भीरा मार्ग, पलिया-संपूर्णा नगर मार्ग और पलिया-पटिहन मार्गों पर वाहनों का आवागमन बंद हो गया है। क्षेत्र का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है। लगदाहन, कंचनपुर, पकरिया, खैरहना, मरौचा, नगला, श्रीनगर, दौलतापुर, कचनारा, जंगल नंबर सात, कु ंअरपुर कलां, नया गांव, खालेपुरवा, चौरी, लियाकत पुरवा, आजादनगर, बर्बादनगर, मेलाघाट आदि दर्जनों गांवों में शारदा की बाढ़ का पानी तीन से चार फिट भरा हुआ है। शहर के मोहल्ला कृष्णानगर, राजकीय महाविद्यालय, फायर सर्विस स्टेशन के अलावा अजीत नगर, इकरामनगर, माहीगिरान, काकूपुरियान, रंगरेजान आदि मोहल्लों में सुहेली का पानी घुसा है। अतरनगर, घोला, निषादनगर, प्रेमनगर, शांतिनगर, पटिहन, मुजहा, खुशीपुर, राजाटापर, बिलहिया, चंबरबोझ, नया गांव, अंबेडकर नगर, पूरनपुरवा खल्ला, बसंतापुर कलां, मकनपुर, अफीमीपुरवा आदि दर्जनों गांवों में भी बाढ़ का पानी करीब तीन से चार फिट भरा हुआ है।
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महिला की गोद से गिरे बच्चे की मौत, बाइक सवार बहा
पलियाकलां। बाढ़ ग्रस्त गांव ऐठपुर में यहां के निवासी जेंठू की पत्नी की गोद से छूटकर गिरे उसके आठ माह के पुत्र की बाढ़ के पानी में डूबकर मौत हो गई, उसका शव बरामद कर लिया गया है। इधर पलिया भीरा मार्ग पर बीएचएल चीनी मिल के आगे सड़क से गुजर रहा बाइक सवार मोहल्ला रंगरेजान निवासी जाहिद पुत्र आबिद शारदा की बाढ़ के तेज बहाव में बह गया। उसकी तलाश शुरू कर दी गई है, लेकिन देरशाम तक उसका पता नहीं लग सका था। एसओ सत्येंद्र वर्मा ने इसकी पुष्टि की।
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फेल नजर आया प्रशासन
पलियाकलां। शारदा और सुहेली नदियों की बाढ़ से प्रभावित संपूर्ण क्षेत्र में प्रशासन राहत मुहैया कराने में पूरी तरह फेल नजर आया है। बाढ़ चौकियां सफेद हाथी बनी हुईं हैं और प्रशासन हजारों पैकेट बांटने का दावा कर रहा है, लेकिन हकीकत यह है कि सभी गांवों में लोग भूखे-प्यासे छतों और ऊंचे स्थानों पर फंसे हुए हैं। संपूर्णानगर और खजुरिया परिक्षेत्र का हाल और भी बदतर है यहां तो प्रशासन का कोई नुमाइंदा झांकने तक नहीं पहुंचा है।
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पलिया में बाढ़ का असर
-शारदा खतरे के निशान से आज तक के तकरीबन सभी रिकार्डों को तोड़कर 155.690 सेंटीमीटर पर बह रही है जो खतरे के निशान से करीब 207 सेंटीमीटर ऊपर है।
-दुधवा नेशनल पार्क का काफी इलाका बाढ़ से प्रभावित हुआ है इसके चलते जंगली जीव ऊंचे स्थानों की ओर भाग रहे हैं। बाढ़ के पानी में बह कर आए एक बारहसिंघे को लोगों ने बचाकर वन विभाग को सौंपा है। ऐसे ही एक पाढ़े को लोगों ने मुजहा में बचाया है।
-चारों ओर बाढ़ का पानी होने के कारण अंतिम संस्कार में भी दिक्कत आ रही है। सिंगहिया निवासी सीताराम के शव का अंतिम संस्कार बृहस्पतिवार को दुधवा मार्ग के किनारे किया गया।
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निघासन के डेढ़ सौ गांव प्रभावित
ऊंचे स्थानों पर लोग लिए हैं शरण
निघासन। क्षेत्र के करीब 150 गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है। लखीमपुर-निघासन तथा निघासन से पलिया जाने वाले मार्ग पर करीब चार फीट पानी बहने से संबंधित मार्गों पर बसों और अन्य वाहनों का आवागमन पूरी तरह ठप है। बाढ़ में फंसे लुधौरी निवासी जगजीवन, भगौती प्रसाद, कलीमुद्दीन सहित तमाम लोग गांव के उत्तर ऊंचे पर बनी साप्ताहिक बाजार में टीन शेड के नीचे शरण लिए हुए हैं। प्रभावित गांवों के लोग अपना घरेलू सामान, चारपाई आदि सिर पर लाद कर सुरक्षित स्थानों को पलायन कर रहे हैं। बाढ़ में फंसे तमोलिनपुरवा, चंदनपुरवा, मंझिलीपुरवा, लुधौरी आदि गांवों के लोगों ने बताया कि बाढ़ के कारण खाना बनाने तक की जगह नहीं बची है। लुधौरी के रामनरेश, छोटे लाल ने बताया कि वह मजदूरी करने भी नहीं जा सके हैं। घर में अनाज भी नहीं है। जिससे बच्चों सहित वह दो दिन से भूखे हैं। रेंजर और वन दरोगा के आवास में भी बाढ़ का पानी भर गया है। एसडीएम रक्षपाल सिंह ने कहा कि लंच पैकेट की व्यवस्था नहीं हो पा रही है, लेकिन जहां आवश्यकता है वहां लइया-चना भेजा जा रहा है।
तिकुनियां। ग्राम सूरतनगर, रननगर, गंगानगर, दीप नगर, कड़िया, डांगा, बदालपुरवा, खैरेटिया, मुंजहा, रामनगर, टांड़ा, जनकपुर, कौड़ियाला सहित कई गांवों में बाढ़ का प्रकोप अभी कम नहीं हो सका है। पीड़ितों का राशन बाढ़ के पानी में भीग गया है। जिसके चलते लोगों के समक्ष भोजन का संकट बना हुआ है। एडीएम के आश्वासन के बाद भी यहां पीड़ितों को किसी तरह की कोई सहायता वितरित नहीं की जा सकी है। भाजपा कायकर्ता नीरज मिश्रा, मुन्ना, रामनिवास, विजय, मनोहर, नत्था, बैजनाथ ने डीएम से सूतरनगर सहित अन्य गांवों में शीघ्र सरकारी इमदाद उपलब्ध कराने की मांग की है।
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