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शहर में जाम हुआ आम

Lakhimpur

Updated Sat, 28 Jul 2012 12:00 PM IST
लखीमपुर खीरी। शहर में जाम की समस्या का निदान तो दूर, यह समस्या और बढ़ती जा रही है। स्कूलों के आने और जाने के समय यह जाम और विकराल रूप ले लेता है। यहां तक कि अब यह समस्या नासूर बनती जा रही है।
धर्मशाला चौराहे पर ओवरब्रिज निर्माण का सामान छितरा पड़े होने और स्टेशन रोड वन-वे कर दिए जाने से जाम लगता है। पाठ्य पुस्तकों की यहां अधिक दुकानें होने से अभिभावक और छात्रों की भीड़ लगी रहती है। व्यस्त रास्तों पर पार्किंग की व्यवस्था न होने से भी जाम लगता है। बाजारों में जहां अतिक्रमण हो रहा है, वहीं यहां आने वाले वाहनों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। बाजार आने वाले लोग सड़क किनारे वाहन खड़े करके अपने काम किसी तरह निपटाते हैं। लोग वाहन खड़े तो किसी तरह कर देते है लेकिन बाद में उन्हें निकालने में लोहे के चने चबाने जैसी कठिनाई महसूस होती है।
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आए दिन होते हैं झगड़े-फसाद
बाजार जाम होने से कानून व्यवस्था की समस्या भी पैदा हो रही है। सबसे बुरा हाल बैंकों के पास का है। अधिकतर बैंक मेन रोड या शहर की व्यस्त सड़कों पर हैं। जहां रोज हजारों लोगों का आना जाना रहता है। इनके सामने वाहन खड़ा करने को लेकर लोगों में विवाद हो जाता है। जाम में फंसे लोग एक दूसरे से निकलने की होड़ में झगड़ा कर बैठते हैं। कभी-कभी यह झगड़ा बड़ा रूप ले लेता है।
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बैंकों के सामने लगता है जाम
शहर में बैंकों की करीब 15 शाखाएं मेन रोड या अति व्यस्त सड़कों पर हैं। इन बैंकों के सामने सुबह 10 बजे से शाम तीन बजे तक भारी भीड़ रहती है। बैंक में आने वाले लोग अपने दोपहिया और चौपहिया वाहन सड़क किनारे ही खड़े करते हैं। सुबह स्कूल जाने और दोपहर बाद अवकाश पर लौटते समय स्कूली बच्चों को इनके सामने से गुजरना मुश्किल भरा रहता है।
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नहीं है पार्किंग की व्यवस्था
शहर के मेन बाजार समेत व्यस्ततम मार्गों पर मैरिज हाल और होटल संचालित हैं। इनमें अधिकांश में पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। यह भी जाम का एक प्रमुख कारण बन जाता है। प्रशासन की ध्यान कभी इस ओर नहीं जाता है।
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ट्रैफिक कंट्रोल को बढ़ेगा स्टाफ: सीओ
स्कूल जाने-आने के समय शहर के मुख्य मार्गों पर जाम की समस्या से निजात दिलाने को ट्रैफिक पुलिस में स्टाफ बढ़ाने को एसपी से अनुमति मिल गई है। साथ ही ट्रैफिक के नियंत्रण को एक्शन टीम भी लगाई जाएगी।
डा. अखिलेश नरायण सिंह, सीओ सिटी
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