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निघासन ब्लाक में 50 आंगनबाड़ी केंद्र बनेंगे

Lakhimpur

Updated Wed, 25 Jul 2012 12:00 PM IST
19 केंद्रों को मिल चुकी है हरी झंडी, 31 केंद्रों के अनुमोदन को भेजा पत्र
तिकुनियां (लखीमपुर खीरी)। विकासखंड निघासन में 50 अंागनबाड़ी केंद्रों के भवनों का निर्माण किया जाएगा। जिसमें 19 केंद्रों के भवनों के निर्माण को शासन से हरी झंडी मिल चुकी है और 31 अन्य आंगनबाड़ी केंद्रों को खोले जाने का अनुमोदन शासन को भेजा गया है।
आंगनबाड़ी शिक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से सरकार ने तेजी से ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वे के बाद यह कदम उठाया है। ब्लाक खंड निघासन में अब तक कुल 333 केंद्रों का संचालन हो रहा था। इसके लिए सरकार ने उन जगहों का सर्वे कराया जहां पर छह वर्ष तक के बच्चों को बाल पोषाहार और धात्री को मिलने वाला पोषाहार नहीं मिल रहा था। इसके लिए 50 अन्य केंद्रों का प्रस्ताव शासन को भेजा गया, जिसमें 19 आंगनबाड़ी केंद्रों के भवनों के निर्माण की स्वीकृति शासन से मिल चुकी है। इन भवनों के निर्माण के लिए भूमि तलाशने का काम शुरू कर दिया गया है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर भवन न होने से कार्यकत्रियों को केंद्र संचालन और सामग्री के रखरखाव में काफी दिक्कत होती है। शासन ने केंद्रों को प्राथमिक विद्यालय में ही संचालन कराने की व्यवस्था की थी लेकिन प्राथमिक विद्यालय में जगह के अभाव के चलते अलग से भवन निर्माण कर आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन करने का निर्णय लिया है।
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क्या मिलेगी सुविधा
-जीरो से छह माह तक के बच्चों की धात्री को पंजीरी
-सात माह से तीन वर्ष के बच्चों को पोषाहार
-तीन से छह वर्ष के बच्चों को 50 ग्राम पोषाहार
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बजट आड़े आता है सुविधा में
बजट होने पर गर्भवती और धात्री को 150 ग्राम पका हुआ खाना सप्ताह में छह दिन देने का प्रावधान है। 11 से 18 वर्ष तक की तीन किशोरियों को प्रतिदिन 150 ग्राम पोषाहार देने का प्रावधान है लेकिन बजट के अभाव में यह लाभ धात्री, गर्भवती और किशोरियों को बहुत कम ही मिल पाता है। जिसके चलते योजना का पूरा लाभ ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब बच्चों को नहीं मिल पा रहा है। शासन को इसके लिए पूरे बजट की व्यवस्था आंगनबाड़ी केंद्रों पर करने की जरूरत है।
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वर्जन---
आंगनबाड़ी केंद्र्रों के भवनों का निर्माण हो जाने पर रखरखाव और बच्चों के बैठने की व्यवस्था दुरुस्त हो जाएगी। शासन के अनुसार धात्री मां और बच्चों को पूरा लाभ दिया जा रहा है। इसके लिए केंद्रों का निरीक्षण क्षेत्र की सुपरवाइजर के साथ किया जाता है।
-पुष्पलता सोनी, सीडीपीओ ब्लाक खंड निघासन।
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