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पूजा के साथ भरोसे का भी हुआ कत्ल

Lakhimpur

Updated Sun, 15 Jul 2012 12:00 PM IST
मां सीता का रो-रो कर बुरा हाल, अब किसे समझे अपना
दामाद के जेल जाने के बाद अब सपना का भी उठाना होगा बोझ
लखीमपुर/मोहम्मदी। मोहम्मदी के पूजा हत्याकांड के बाद से यूं तो पूरा जिला सन्न है, लेकिन पूजा की मां सीता पर इस समय जो बीत रही है उसे शब्दों में बयां करना मुश्किल होगा। वजह भी कुछ ऐसी ही है। जिस दामाद को वह अपने बेटे सरीखा मानती थी उसी दामाद ने उसकी लाडली बेटी का इतनी बेरहमी से कत्ल किया कि मानवता भी शर्मसार हो गई। एक बेटी दुनिया से चली गई अब हत्यारोपी दामाद के जेल जाने के बाद उस पर अपनी दूसरी पुत्री सपना व उसके बच्चे के भरण-पोषण की भी जिम्मेदारी आन पड़ी है।
दो साल पहले पति की मौत के बाद से ही सीता के कंधे पर बड़ी जिम्मेदारी आन पड़ी थी। तीन पुत्रियों व एक पुत्र में सबसे बड़ी पुत्री ज्योति का ही विवाह तो पति के जीवित रहते हो गया था। दूसरे नंबर की पुत्री सपना की शादी सीता ने स्वयं अपने बल पर की। पिता का साया सिर पर नहीं था सो सीता को अच्छे दामाद की तलाश थी। अनजान लोगों पर उसे भरोसा कम था। सो सीता ने सपना के लिए अपनी रिश्ते में बहन के लड़के राजीव के साथ उसका ब्याह पिछले साल कर दिया। अब तीसरी जवान हो चुकी पुत्री पूजा की शादी की तैयारी भी पूरी हो चुकी थी। नवंबर में यह शादी होने थी। शादी तय होने के बाद से ही सीता बहुत खुश रहती थी। उसका मानना था कि नवंबर में वह पूजा की डोली को कंधा देने के बाद लड़कियों की चिंता से मुक्त हो जाएगी, लेकिन भाग्य में कुछ और ही लिखा था। तीनों पुत्रियों में सबसे छोटी लाडली पूजा की डोली उठने से पहले ही उसकी अर्थी उठ गई।
सीता का रो-रो कर बुरा हाल है। उसकी एक बेटी पूजा तो इस दुनिया से ही चली गई। दामाद के जेल जाने के बाद उसकी दूसरी पुत्री सपना व उसके दुधमुंहे बच्चे की दुनिया भी लगभग उजड़ सी गई है। सीता पर अब सपना की परवरिश का भी बोझ आन पड़ा है।
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...न खुदा मिला न विसाले सनम्
मोहम्मदी। न खुदा मिला न विसाले सनम, न इधर के रहे न उधर के रहे। किसी शायर की यह पंक्ति पूजा हत्याकांड के आरोपी राजीव पर सटीक बैठती है। राजीव ने पूजा की हत्या तो खुद की तंगहाली दूर करने के लिए की थी, लेकिन इसके बाद वह और मुसीबत में फंस गया। लूट का माल तो उससे रिकवर हो ही गया, साथ ही हत्या के आरोप में उसे जेल भी जाना पड़ा।
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अब कभी मुंह न दिखाने की बात कह रहा राजीव
मोहम्मदी। अपनी साली पूजा को मौत के घाट उतारने के बाद लूटपाट करने के आरोपी राजीव को अब अपनी करनी पर पछतावा हो रहा है। यहां कोतवाली में जब उसका सामना अपनी पत्नी व पूजा की बहन सपना से हुआ तो उसका सिर शर्म के मारे ऊपर नहीं उठा, उसने सिर्फ इतना कहा कि अब वह कभी मुंह नहीं दिखाएगा। उसकी इस बात को लेकर ेपुलिस भी खासी परेशान रही। पुलिस अभिरक्षा में राजीव कुछ कर न बैठे इस लिए उसकी पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था थाने से लेकर जेल जाने तक की गई।
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संकट में सपना, किसे समझे अपना
लखीमपुर खीरी। पूजा की मझिली बहन सपना भी इस घटना के बाद से बदहवास है। जिस पति को वह परमेश्वर के समान मानती थी उसी ने उसकी छोटी बहन का धन की लालच में कत्ल कर दिया।
पूजा के हत्यारे राजीव के जेल जाने के बाद तो सपना की दिक्कतें और बढ़ गई हैं। राजीव एक ओर उसका पति है तो दूसरी ओर उसकी बहन का कातिल। सपना को यह समझ में नहीं आ रहा कि वह क्या करे? अपने पति को बहन का हत्यारा समझ उसे उसकी करनी की सजा दिलाने में मां की मदद करे या फिर पति होने के कारण उसे बचाने का काम करे? फिलहाल सपना अभी गहरे सदमे में है। इसका उत्तर उसके सदमे से उबरने के बाद ही मिल सकेगा।
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उधारी का पैसा चुकाने के लिए किया पूजा का कत्ल
मोहम्मदी। जुए की हार में उधारी का पैसा अदा करने का दबाव अधिक होना ही पूजा की हत्या का कारण बना।
पुलिस के मुताबिक राजीव रस्तोगी सट्टा खेलने का आदी था, सट्टा और कंप्यूटर पर वादा बाजार खेलता था। जिसमें वह अभी हाल में कानपुर में किसी से 40 हजार रुपये हार गया था। उधार का पैसा देने वाले ने राजीव पर दबाव बनाकर पैसा मांगा। उसकी नजर में उसे पैसा मिलने की कोई संभावना और नहीं दिख रही थी। उधार का पैसा शीघ्र न देता तो उसके साथ गाली-गलौज तथा मारपीट हो सकती थी, इसी वजह से उसने ससुराल से पैसा लेने की योजना बनाई। इसके अलावा उसने अपनी पत्नी के जेवर भी गिरवी रख रखे थे, जिसे छुड़ाने का भी दबाव था। इसीलिए उसने घटना को अंजाम देकर साली की दर्दनाक हत्या कर दी।
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माल बरामदगी से मृतका की मां संतुष्ट
मोहम्मदी। पूजा की हत्या के बाद लूटा गया जेवर सील करते समय मृतका की मां सीता देवी उर्फ दिव्या रस्तोगी तथा चाचा कोतवाली में मौजूद रहे। मृतका की मां ने बताया कि वह घटना से संतुष्ट है और माल जेवर उसी के है।
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