आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

एबीएसए पर जबरन चार्ज लेने, जांच प्रभावित करने का आरोप

Lakhimpur

Updated Tue, 10 Jul 2012 12:00 PM IST
न्यायायिक प्रक्रिया के उलंघन का भी आरोप
शिक्षक संघ ने डीएम से की कार्रवाई की मांग
एबीएसए ने कहा कि जबरन नहीं कोर्ट के आदेश पर लिया कार्यभार
पलियाकलां। पलिया में तैनात एबीएसए सुरेश पाल पर शिक्षक संघ ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। ब्लाक प्राथमिक शिक्षक संघ की ओर से डीएम को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि एबीएसए ने न्यायिक प्रक्रिया का उल्लंघन करते हुए जबरन कार्यालय का ताला तोड़कर कार्य शुरू किया है। वह अब खुद के खिलाफ हो रही जांच को प्रभावित करने में जुटे हुए हैं। इधर एबीएसए ने सभी आरोपों को नकारते हुए कार्यभार कोर्ट के आदेश पर लेने की बात कही है।
प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लाक अध्यक्ष विक्रमदत्त वर्मा ने भेजे गए पत्र में कहा है कि 21 मई वर्ष 2011 को संघ और 8 जुलाई 2011 को जब्बार खां ने तत्कालीन एबीएसए सुरेशपाल पर कई मदों में हेराफेरी और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे। इस पर 29 जुलाई 2011 को एसबीएसए के स्थानांतरण की संस्तुति कर दी गई कि जांच प्रभावित न हो। इसके बाद वर्ष 2012 में 10 अप्रैल को बीएसए द्वारा उन्हें फिर से पलिया स्थानांतरित किया गया, लेकिन पूर्व में उनके खिलाफ की जांचे लंबित होने के कारण 11 अप्रैल को अपने दूसरे आदेश के तहत फूलबेहड़ स्थानांतरित कर पलिया का चार्ज एबीएसए रमेश पंक को सौंप दिया। इस आदेश के खिलाफ श्री पाल ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की, जिसमें 4 मई 2012 को उच्च न्यायालय ने बीएसए को आदेशित किया कि श्री पाल को पलिया कार्य करने की अनुमति दें। लेकिन इससे पहले जिलाधिकारी ने एबीएसए के खिलाफ पूर्व के मामलों की जांच के लिए एक समिति का गठन कर दिया। पत्र में आरोप लगाया गया है कि इस सब और उच्च न्यायालय के आदेश के मुताबिक बीएसए से अनुमति लिए बगैर स्थानीय कार्यालय का ताला तोड़कर 11 मई को एबीएसए द्वारा कार्य शुरू कर दिया गया। इधर 28 मई को बीएसए द्वारा दायर अपील में उच्च न्यायालय की डबल बेंच ने एकल बेंच के श्री पाल केे पक्ष में आए आदेश को निरस्त कर दिया। उनके पक्ष में हुए आदेश को डबल बेंच द्वारा निरस्त कर दिए जाने के बावजूद अभी तक वह पलिया एबीएसए के पद पर तैनात हैं। कहा गया है कि एबीएसए अब अपने खिलाफ चल रही जांच को प्रभावित करने के लिए गवाहों को धमका भी रहे हैं। पत्र में जिलाधिकारी से कार्रवाई की मांग की गई है। इधर एबीएसए सुरेश पाल का कहना है कि आरोप बेबुनियाद हैं, वह जबरन नहीं, उच्च न्यायालय द्वारा 10 अप्रैल के बीएसए के आदेश को निरस्त कर पलिया की तैनाती के दिए गए आदेश के तहत काम कर रहे हैं।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

ऋतिक की पार्टी में पहुंची एक्स वाइफ सुजैन, 'काबिल' देखकर पति को भर लिया बाहों में

  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

हर लड़के के लिए ये 6 काम है जरूरी, तभी खुश रहेगी गर्लफ्रेंड

  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

काबिल ऋतिक की 8 नाकाबिल फिल्में, हो गई थी फ्लॉप

  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

अमिताभ नहीं अब ये हीरो करेगा 'केबीसी' को होस्ट

  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

वीवो का V5 प्लस भारत में लॉन्च, फ्रंट में लगे हैं दो कैमरे

  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

Most Read

पाकिस्तान से रिहा सैनिक चंदू भारत में ‘कैद’

Indian soldier Chandu Babulal Chavan
  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

राष्ट्रपति ने 4 की फांसी की सजा को उम्रकैद में बदला

President sets aside MHA advice, commutes death of 4 to life term
  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

शिवपाल समर्थकों ने बनाया नया संगठन, नाम जानकर हो जाएंगे हैरान

shivpal supporters created new organization
  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

अखिलेश की सूची में कुछ नाम बदले, कुछ निरस्त, यहां देखें

correction in akhilesh yadav list
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

बोले राजा भइया- नहीं है गठबंधन की जरूरत, अकेले ही जीत लेंगे चुनाव

there is no need of alliance with congress
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

बीजेपी को झटका, पूर्व विधायक ने थामा अखिलेश का हाथ

shiv singh chak joins samajwadi party
  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top