आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

गर्मी ने छुड़ाए छक्के, किया पसीना-पसीना

Lakhimpur

Updated Mon, 04 Jun 2012 12:00 PM IST
बिजली भी पहीं दे रही साथ, वाटर सप्लाई भी नहीं हुई, प्याऊ और हैंडपंपों पर सुबह से ही लगा रहा पूरा शहर
लखीमपुर खीरी। आसमान से आग बरसती रही। घर में बैठना भी मुश्किल हो गया। बाजार में जो निकले वे गर्मी से बचने का पूरा इंतजाम करके निकले। प्यास से जहां होंठ बार-बार खुश्क हो रहे थे, वहीं पसीने से तरबतर लोग परेशान होते दिखे। भीषण गर्मी ने लोगों को अहसास करा दिया कि उसके रहते वो चैन से नहीं बैठ सकते। तपती दुपहरिया में तो लोग त्राहि-त्राहि कर उठे।
जून का महीना सबसे ज्यादा गर्मी को जाना जाता है लेकिन इस बार शुरुआत में ही गर्मी ने सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं। जिले का अधिकतम तापमान 44 और न्यूनतम 29 डिग्री सेल्सियस रहा। रात में भी तापमान में ज्यादा गिरावट न होने से लोगों की नींद और दिन का चैन छिन गया है। लोग गर्मी के कारण बस्तियों में घुटन महसूस कर रहे हैं। जब जहां जैसा मौका लगता है पेड़ की छांव और खुली जगह में आने की कोशिश करते हैं। बिजली की कटौती ने भी ऐसे में लोगों का जीना हराम कर दिया है।
00000
गर्मी ने लगाया बाजार में कर्फ्यू
बहुत जरूरी होने पर लोग घर से निकल रहे हैं। बाजारों में गर्मी का पूरा असर है। व्यापारियों ने दुकानें तो खोल रखी हैं लेकिन गर्मी के कारण ग्राहक नहीं पहुंच रहे हैं। जनरेटर का धूं-धकड़ और शोर है। ऐसा लेता है मानो बाजार में गर्मी ने कर्फ्यू लगा दिया हो। जहां वाहनों और लोगों की भीड़ के कारण निकलना दूभर होता है, वहां इक्का-दुक्का लोग या वाहन नजर आ रहे हैं।
000
बिजली ने चैन छीना
बढ़ती गर्मी का दबाव है कि बिजली भी नहीं मिल रही है। बिजली विभाग के अधिकारियों का साफ कहना है कि कंट्रोल रूम गर्मी के कारण ट्रांसफार्मरों पर बढ़ रहे लोड के कारण कटौती कर रहा है। वैसे भी सामान्य तौर पर जबर्दस्त कटौती हो रही है। सुबह पांच से नौ बजे तक और शाम को चार से आठ बजे तक बिजली कटौती है। इसके बाद भी लोकल फाल्ट से बिजली कटौती जारी है। हालत यह है कि दो से तीन घंटे तक बिजली कभी भी अघोषित तौर पर कटौती कर ली जाती है।
0000
प्यास बुझाने को पड़ता है भटकना
शहर में बिजली कटौती के साथ पेयजल सप्लाई में तालमेल न होने के कारण लोगों को प्यास बुझाना मुश्किल हो रहा है। हालत ये है कि लोग प्यास बुझाने को या तो प्याऊ का सहारा ले रहे हैं या फिर हैंडपंप तलाश रहे हैं। गर्मी उनके होठों को बार-बार खुश्क कर रही है। लोग पानी पीकर गहरी सांस लेते हैं और कहते है, हायरी गर्मी।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

दीपिका पादुकोण और विन डीजल का लिपलॉक करते हुए वीडियो वायरल, अब क्या करेंगे रणवीर

  • मंगलवार, 24 जनवरी 2017
  • +

अपनी पहचान के लिए लड़ने वाली ये ट्रांसजेंडर, आज सबके लिए बन गई है रोल मॉडल

  • मंगलवार, 24 जनवरी 2017
  • +

खाने के बाद मीठा खाना, कितना सही कितना गलत?

  • मंगलवार, 24 जनवरी 2017
  • +

Bdy Spcl: हमेशा विवादों में रहीं रिया सेन- कभी सेट से चुराए कपड़े तो कभी खुद लीक कराया अपना MMS

  • मंगलवार, 24 जनवरी 2017
  • +

ऋतिक की पार्टी में पहुंची एक्स वाइफ सुजैन, 'काबिल' देखकर पति को भर लिया बाहों में

  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

Most Read

पाकिस्तान से रिहा सैनिक चंदू भारत में ‘कैद’

Indian soldier Chandu Babulal Chavan
  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

राष्ट्रपति ने 4 की फांसी की सजा को उम्रकैद में बदला

President sets aside MHA advice, commutes death of 4 to life term
  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

शिवपाल समर्थकों ने बनाया नया संगठन, नाम जानकर हो जाएंगे हैरान

shivpal supporters created new organization
  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

अखिलेश की सूची में कुछ नाम बदले, कुछ निरस्त, यहां देखें

correction in akhilesh yadav list
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

बोले राजा भइया- नहीं है गठबंधन की जरूरत, अकेले ही जीत लेंगे चुनाव

there is no need of alliance with congress
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

बीजेपी को झटका, पूर्व विधायक ने थामा अखिलेश का हाथ

shiv singh chak joins samajwadi party
  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top