आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

दुआएं रंग लाईं, घर लौटा कलीमुद्दीन

Lakhimpur

Updated Sat, 26 May 2012 12:00 PM IST
मां की दसवीं की फातिहा के दिन घर वापस पहुंचा बेटा
हर आंख नम थी, और किसी भी जुबां से न निकले बोल
बिजुआ का कलीमुद्दीन पहली अप्रैल से था गायब
बिजुआ। एक मां की दुआ कुबूल हुई, उसका बेटा बा-खैरियत के घर वापस आ गया, लेकिन इस मंजर पर खुशी मनाने के लिए अब वह मां इस दुनिया में नहीं है। बिजुआ का कलीमुद्दीन घर से तो खेतों की तरफ चारा लेने गया था, लेकिन उसके बाद घर वापस नही आया। घर के लोगों ने उसकी तलाश में दिन रात एक कर दिया था, किसी अनहोनी के ख्याल से नदी-नाले समेत सब जगह ढूंढा, लेकिन कोई पता न चला। एक अंधी मां गुलशनजहां का दिल उसके लिए दिन रात दुआएं करता रहा, इसी बीच मां इस दुनिया से रुखसत हो गई। 55 दिन बाद आखिर कलीमुद्दीन घर लौट आया, तो घर में जैसे खुशियां लौट आई, लेकिन कलीम को अब यहां उसकी मां नही मिली।
अमर उजाला इस परिवार पर गुजरे हर दुख को आपसे रूबरू कराता रहा, कलीमुद्दीन की मां के इंतकाल होने पर ‘.... तुम लौट के आओगे तो यहां मां न मिलेगी’ शीर्षक से अफसोसजनक वाकये को आपसे साझा किया था। तमाम लोग मां के इस दर्द पर तड़फ उठे, अमर उजाला को फोन करके कहा कि हम दुआएं क रते हैं, कि इस मां का बेटा घर वापस जरूर आ जाए। आप सब की दुआएं अर्श तक गई, दो दिन बीते थे, कलीम घर वापस आ गया। गुरुवार देर रात को जैसे ही कलीम देहरी लांघ कर घर के आंगन में पहुंचा। भाई को देखकर बहन रेहाना रो पड़ी, बड़े भाई ने देखकर गले लगा लिया। घर के पास में बैठे अब्बू हबीबुल्ला को जैसे खबर लगी, आंख में आंसू लिए घर की ओर दौड़ पड़े, लेकिन कलीमुद्दीन को जैसे अभी किसी और की तलाश थी, हर शख्स रो रहा था, लेकिन मां के इस दुनिया में न होने की खबर बताने को किसी की हिम्मत न पड़ी। मां को तलाश रहीं कलीम की आंखें बेबस थीं, पूछा अम्मी कहां हैं, जवाब सुनकर कलीम को लगा उसकी नेअमत उससे जुदा हो गई। घर में कुछ मेहमान थे, पता चला कि अम्मी की फातिहा है, इस बात को सुनकर कलीम की आंखे सुर्ख हो गईं, कहा कि या रब कुछ दिन पहले हमारे दिल में नेक नीयती डाल देता तो आज मां से मिला होता।
0000
कलीम के पास किसी सवाल का नही है जवाब
कलीमुद्दीन केघर लौटने के बाद तमाम लोग मिलने आए, पूछा कहां गए थे, उसके मुंह से सिर्फ यही निकला कि खेतों की तरफ गया था, न जाने क्या हुआ कि मैं यहां से चला गया। मां के इंतकाल की खबर सुनकर खामोश बैठे कलीम के पास अभी किसी को बताने के लिए कोई जवाब नही है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

home kalimuddin

स्पॉटलाइट

नए अंदाज में वापसी करेगा WhatsApp का पुराना स्टेटस फीचर !

  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

Open Letter: हीरोइन का अपडेटेड वर्जन नाकाबिले बर्दाश्त क्यों?

  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

ऑस्कर की 'कीमत' सिर्फ 10 अमेरिकी डॉलर

  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

अपने हर हीरो को निचोड़ डालती है कंगना, ये फिल्में हैं सबूत

  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

मूड बना देती है लाल रंग की लॉन्जरी, जानिए अंडरगार्मेंट्स के रंगों के राज

  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

Most Read

ड‌िम्पल ने मोदी को बताया झूठ का प‌िटारा, कसाब को द‌‌िया नया फुलफॉर्म

dimple yadav rally in gonda
  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

जानें, अखिलेश को मायावती से क्यों लग रहा है डर

akhilesh says against mayawati
  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

पीएम मोदी के बयान से हिला पाकिस्तान, सर्जिकल स्ट्राइक-2 की तैयारी तो नहीं!

prime minister statement shock pakistan
  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

अख‌िलेश जिसके साथ चलना पसंद नहीं करते, जनता उसे वोट क्यों दे: स्मृत‌ि ईरानी

smriti irani rally in amethi
  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

समाजवादी एम्बुलेंस पर EC की नजरें टेढ़ी, ‘समाजवादी’ शब्द ढंकने को कहा

 up chief election office orders to cover  samajwadi word from samajwadi ambulance
  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

खुशखबरी : 15 अप्रैल से यहां हाेगी सेना रैली भर्ती, 13 जिलाें के अभ्यर्थी अभी करें अावेदन

sena bharti rally in kanpur
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top