आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

नेत्रहीन मां-बाप का सत्यवती बनी सहारा

Lakhimpur

Updated Sun, 13 May 2012 12:00 PM IST
बिजुआ। एक फलसफा है, कि बुढ़ापे में लाठी टेकाने के लिए एक बेटा जरूरी है, लेकिन इस बेटी ने इस फलसफे को झुठला दिया। पड़रिया तुला के बालगोविंद एवं चंद्रवती के घर जन्मी इस बिटिया ने होश संभालते ही एक मां का फर्ज पूरा करना शुरू कर दिया। बच्चा जब अपने घुटनों के बल से खड़े होकर चलने की पहली कोशिश करता है, तो वह उंगली मां की होती है, लेकिन सत्यवती की कहानी जरा उलट है। होश संभालकर सत्यवती ने पहला कदम बढ़ाया तो अपनी नेत्रहीन मां को रास्ता दिखाने के लिए और पिता को भी।
पड़रिया तुला के बालगोविंद व उनकी पत्नी चंद्रवती देख नहीं सकते। लेकिन उनकी इकलौती बेटी सत्यवती उनकी आंखें है। दुनिया के जिस रंग को इन दोनो ने न देखा था, सत्यवती ने अपनी आंखों से उस दुनिया को दिखला दिया। बाल गोविंद बताते हैं कि उनके कई बच्चे हुए, लेकिन उनकी मौत हो गई। लेकिन सत्यवती जन्म लेकर उनका सहारा बन गई। सत्यवती पर होश संभलाते ही अपने अंधे मां-बाप की जिम्मेदारी आ पड़ी। जिस उम्र में मां अपने बच्चे को एक-एक कदम चलना सिखाती है, उस उम्र में बाल गोविंद व चंद्रवती ने अपनी बिटिया सत्यवती की उंगली पकड़ कर राह चलना सीखा। उम्र बढ़ने के साथ-साथ जिम्मेदारियां बढ़ती गईं, लेकिन सत्यवती उसे एक-एक कर निभाती चली गई। थोड़ी बड़ी हुई तो सत्यवती अपने मां-बाप के लिए एक बेटा बन गई। वह अपने मां-बाप को एक ठिलिया पर बिठा लेकर चलने लगी। मां-बाप को नाते रिश्तेदारी जाना हो या मेला-बाजार, अस्पताल जाना हो या फिर खेत खलिहान, सत्यवती अपनी ठिलिया पर बैठाकर हर जगह चल देती, ताकि उन्हें खुद को आंखों से मजबूर व कोई बेटा न होने का अहसास तक न हो। दिन व रात मे फर्क न समझ पाने वाले बालगोविंद व चंद्रवती को उनकी ये बेटी एक मां की तरह रोज शाम को दुनिया भर के किस्से कहानी भी सुनाती।
इंसेट....
विदाई के बाद भी बिटिया की सेवा में कमी नहीं
सत्यवती बड़ी हुई तो मां-बाप को उसकी फिक्र होना लाजिमी था, अपनी बेटी को सयानी देखकर उसका विवाह कर दिया है, नेत्रहीन मां-बाप के अकेले रह जाने की वजह से सत्यवती के पति सर्वेश भी इसी गांव में रहने लगे। दूसरे घर की बहू हो जाने के बाद भी सत्यवती अपने मां-बाप का एक मां की तरह ख्याल रखती है। सत्यवती उन लोगों के लिए एक आइना है, जो एक बेटे की खातिर बेटियों का कोख में कत्ल कर रहे हैं। सतयुग में श्रवण कुमार ने अपने नेत्रहीन मां-बाप को तीर्थ यात्रा कराई थी, लेकिन ये बेटी अपने मां-बाप की खिदमत कर खुद तीर्थ का पुण्य कमा रही है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

parents resort

स्पॉटलाइट

Bigg Boss : मनवीर से अंडे फुड़वाएंगे शाहरुख, सलमान हो जाएंगे हैरान

  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

इन प्राकृतिक तरीकों से घर पर बनाएं ब्लीच, त्वचा को नहीं होगा नुकसान

  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

सोई हुई लड़कियों को गंदे तरीके से उठाते हैं लड़के, देखिए जापान का अजीब गेम शो

  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

सिक्योरिटी गार्ड के बेटे ने हासिल किया ऐसा मुकाम, पहली ही कोशिश में बना सीए

  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

पीरियड्स के दौरान नहीं करने चाहिए ये काम, पड़ सकते हैं भारी

  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

Most Read

सपा ने कहा- करीब-करीब टूट गया गठबंधन, कांग्रेस बोली- - कल पता चलेगा

akhilesh yadav says alliance is poosible with congress
  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

शिवपाल समर्थकों ने बनाया नया संगठन, नाम जानकर हो जाएंगे हैरान

shivpal supporters created new organization
  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

अखिलेश की सूची में कुछ नाम बदले, कुछ निरस्त, यहां देखें

correction in akhilesh yadav list
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

बोले राजा भइया- नहीं है गठबंधन की जरूरत, अकेले ही जीत लेंगे चुनाव

there is no need of alliance with congress
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

...तो सीएम हरीश रावत इन दो सीटों से चुनाव में ठोकेंगे ताल?

harish rawat may contest in election from two seats
  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

बीजेपी को झटका, पूर्व विधायक ने थामा अखिलेश का हाथ

shiv singh chak joins samajwadi party
  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top